
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Shobha Gupta
ivf twins baby
IVF and Twins Baby: इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) उन दंपतियों के लिए एक उम्मीद की नई किरण बन चुकी है, जिन्हें नेचुरल तरीके से कंसीव करने में परेशानी होती है। आज के समय में कई लोग आईवीएफ के प्रति जागरूक हैं और माता-पिता का सुख प्राप्त करने के लिए इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन, इस तकनीक को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल और गलत धारणाएं भी रहती हैं। इनमें सबसे आम मिथक है कि आईवीएफ से हमेशा जुड़वा बच्चे होते हैं। लेकिन, क्या वाकई ऐसा होता है कि जो लोग आईवीएफ कराते हैं, उनके जुड़वा बच्चे होते हैं? विश्व आईवीएफ दिवस (जो हर साल 25 जुलाई को मनाया जाता है) के मौके पर इसके बारे में जानने के लिए हमने मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर, नई दिल्ली की मेडिकल डायरेक्टर और आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बातचीत की-
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि पहले भ्रूण की गुणवत्ता का आकलन करने और लैब तकनीकें ज्यादा विकसित नहीं थीं। इसलिए आईवीएफ की सफलता की संभावना बढ़ाने के लिए डॉक्टर एक साथ 2 से 3 भ्रूण गर्भाशय में ट्रांसफर कर देते हैं। ऐसे में ज्यादातर मामलों में 2 भ्रूण सफलतापूर्वक विकसित हो जाते थे, तो जुड़वा बच्चे होते थे। एक से ज्यादा एंब्रियो ट्रांसफर करने से ही जुड़वा बच्चे होने की संभावना बढ़ती है। यहीं से लोगों के मन में यह गलत धारणा बनी कि आईवीएफ से जुड़वा बच्चे होते हैं।
आज IVF तकनीक पहले से काफी ज्यादा विकसित हो गई है। डॉक्टर बेहतर एम्ब्रियो कल्चर, ब्लास्टोसिस्ट ट्रांसफर और भ्रूण की गुणवत्ता का सटीक पता लगा सकते हैं, ऐसे में वे निर्णय लेते हैं कि कौन-सा एम्ब्रियो गर्भाशय में ट्रांसफर करना है। इसलिए डॉक्टर उसी एम्ब्रियो को गर्भाशय में ट्रांसफर करते हैं, जिसके सफल होने की संभावना ज्यादा होती है।
आजकल, अधिकतर मामलों में सिंगल एम्ब्रियो ट्रांसफर को प्राथमिकता दी जाती है। जो सबसे स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाला भ्रूण होता है, सिर्फ उसी को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। इससे स्वस्थ गर्भावस्था की संभावना बढ़ती है। सिंगल एम्ब्रियो ट्रांसफर मां और बच्चे की सेहत के लिए भी बेहतर माना जाता है।
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि हां, सिंगल एम्ब्रियो ट्रांसफर से भी जुड़वा बच्चे हो सकते हैं, लेकिन इसकी संभावना बेहद कम है। जब 2 भ्रूण ट्रांसफर किए जाते हैं, तो जुड़वा गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। वैसे तो जुड़वा बच्चे होने पर कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन मल्टीपल प्रेग्नेंसी को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी माना जाता है। जुड़वा गर्भधारण से समय से पहले डिलीवरी, शिशु का वजन कम होना, प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ जाना और गर्भकालीन डायबिटीज जैसी जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि एक भ्रूण ट्रांसफर करना है या दो, यह अलग-अलग चीजों पर निर्भर करती है। जैसे-
Disclaimer: डॉ. शोभा बताती हैं कि आईवीएफ का मतलब जुड़वा बच्चे होना बिल्कुल नहीं है। अगर आप आईवीएफ कराने जा रहे हैं और जुड़वा बच्चों को लेकर कंफ्यूज हैं, तो किसी भी भ्रम में रहने के बजाय अपने फर्टिलिटी विशेषज्ञ से खुलकर बात करें। IVF की सफलता सिर्फ गर्भधारण पर नहीं, बल्कि मां और बच्चे दोनों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य पर निर्भर करती है।