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क्यों होती है प्रेगनेंसी में क्रेविंग्स? क्या प्रेगनेंसी क्रेविंग्स को रोका जा सकता है? जानिए न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान कई तरह की फूड क्रेविंग्स होती हैं। कई बार उन्हें कुछ हेल्दी तो कुछ अनहेल्दी फूड्स खाने की तेज इच्छा होती है। तो वहीं, कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी में मिट्टी खाने, लकड़ी चबाने या बार-बार कोल्ड्रिंक पीने जैसी अजीबो-गरीब क्रेविंग्स होती हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 12, 2024 10:40 PM IST

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How to Balance Cravings  During Pregnancy:प्रेगनेंसी महिलाओ के जीवन का एक रोमांचक और बहुत ही महत्वपूर्ण दौर होता है जो उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल सकता है। लेकिन, प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर खाने-पीने से जुड़ी समस्याएं महिलाओं को काफी परेशान करती है। महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान कई तरह की फूड क्रेविंग्स होती हैं। कई बार उन्हें कुछ हेल्दी तो कुछ अनहेल्दी फूड्स खाने की तेज इच्छा होती है। तो वहीं, कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी में मिट्टी खाने, लकड़ी चबाने या बार-बार कोल्ड्रिंक पीने जैसी अजीबो-गरीब क्रेविंग्स होती हैं।

डॉ. विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital, Bengaluru) कहती हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान अधिकांश महिलाओं को अलग-अलग तरह की क्रेविंग्स होती हैं। जरूरी नहीं है कि प्रेगनेंट महिलाओं को केवल हेल्दी चीजें खाने का मन हो। कुछ महिलाओं को अनहेल्दी और नुकसानदायक चीजें खाने की भी तेज इच्छा होती है और वे अपनी इस क्रेविंग को कंट्रोल नहीं कर पातीं और ये नुकसानदायक चीजें खा भी लेती हैं।

डॉ. भट्ट का कहना है कि, किसी खास तरह के फूड को खाने की इच्छा होना बहुत स्वाभाविक और नेचुरल है। लेकिन, जैसा कि प्रेगनेंसी में खान-पान का खास ख्याल रखना (diet during preganancy) पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को ऐसे फूड्स खाने चाहिए जो उनके और गर्भ में पल रहे उनके बच्चे के लिए पौष्टिक हो।

क्यों होती है प्रेगनेसी में क्रेविंग्स (Why Do Pregnancy Cravings Occur?)

प्रेगनेंसी में क्रेविंग्स बहुत साधारण और आम-सी बात है और यह कई कारणों (Causes of Pregnancy cravings) से हो सकती है जैसे- हार्मोन्स में बदलाव या पोषक तत्वों की कमी। प्रेगनेंसी के दौरान एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स के स्तर में बदलाव आ सकता है। इससे आपकी भूख और खाने-पीने से जुड़ी पसंद भी बदल सकती है।  कुछ रिसर्च में यह भी बात कही गयी है कि क्रेविंग्स की मदद से शरीर आपको पोषक तत्वों की कमी के संकेत(signs and symptoms of nutritional deficiencies during pregnancy) भी देता है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि प्रेगनेंसी में होनेवाले तनाव और भावनात्मक बदलावों के कारण महिलाओं को अलग-अलग तरह की क्रेविंग्स हो सकती हैं।

क्या प्रेगनेसी में क्रेविंग्स को कंट्रोल किया जा सकता है? (How To Control Pregnancy Cravings ?)

एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही किसी भी वजह से आपको कोई खास तरह का फूड खाने का लालच हो रहा हो लेकिन अगर आप क्रेविंग्स को हेल्दी तरीके से कंट्रोल करने से ना केवल प्रेगनेंट महिला बल्कि उसके बच्चे का विकास भी सही रहता है। आप प्रेगनेंसी में क्रेविंग्सको कंट्रोल करने के लिए ये उपाय कर सकती हैं-

पोर्शन कंट्रोल (practicing portion control)  का ख्याल रखें। जो भी खाने की इच्छा हो वह कम मात्रा में ही खाएं।

अनहेल्दी फूड्स खाने की क्रेविंग हो तो उसके हेल्दी पर्याय चुनें, जैसे ,अगर चॉकलेट खाने का मन हो तो आप खजूर, अंजीर या घर के बने लड्डू खा सकते हैं।

पौष्टिक और बैलेंस्ड डाइट लें।

ढेर सारा पानी पीएं। हाइड्रेटेड रहें और भूख लगने पर घर का बना हेल्दी खाना खाएं।

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