पहली बार बनने जा रही हैं मां, एक्सपर्ट से जानें क्या होनी चाहिए सही डाइट

Pregnancy diet: पहली तिमाही से ही डाइट क्या होनी चाहिए, यह हर महिला के मन में सवाल होता है। इस लेख में हमने एक्सपर्ट्स से इस बारे में बात की और उन्होंने पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही के लिए उपयुक्त डाइट के बारे में बताया।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : August 18, 2022 4:06 PM IST

प्रेगनेंसी के दौरान अपनी डाइट का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। कई महिलाओं को पता ही नहीं होता कि गर्भावस्था के दौरान क्या डाइट लेना सही है। यही कारण है कि सही डाइट के बिना महिलाओं को अक्सर प्रेगनेंसी के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और यहां तक कि कई बार गंभीर स्थितियों को सामना भी करना पड़ जाता है। इसलिए सही डाइट के लिए एक्सपर्ट्स से बात करना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को डाइट संबंधी सही जानकारी देने के लिए मैक्स सुपर स्पेशलिटी पटपड़गंज की क्लिनिकल न्यूट्रिशन और डाइटेटिक्स डिपार्टमेंट की हेड डॉक्टर ज्योति खनिजो से बात की जिन्होंने बताया कि प्रेगनेंसी की पहली तिमाही से ही क्या डाइट शुरू करनी चाहिए। चलिए जानते हैं क्या कहते इस बारे में एक्सपर्ट।

गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिस दौरान उसे खूब प्यार और दुलार मिलता है। अगर आप बच्चे को जन्म देने की योजना बना रहे हैं, तो उसके लिए आपको सबसे पहले खुद को तैयार करना है ताकि आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकें। इसलिए प्रेगनेंसी प्लान करने से 2 से 3 पहले ही फोलिक एसिड लेना शुरू कर देना चाहिए। रोजाना कम से कम 400 एमसीजी फोलिक एसिड लेना चाहिए। जब एक महिला गर्भधारण करती है और उनका प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आने से पहले शरीर में ऐसे कई बदलाव महसूस होते हैं। इस दौरान शरीर में तेजी से बदलाव आते रहते है। इसलिए पहली तिमाही के दौरान सही न्यूट्रिशन के दौरान बैलेंस्ड डाइट होना जरूरी है। इन दिनों में मॉर्निंग सिकनेस की समस्याएं भी आम हो जाती हैं, क्योंकि प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसी हार्मोन में बदलाव होने लगते हैं।

पहली तिमाही के लिए डाइट

डॉक्टर ज्योति खनिजो के अनुसार अपने आहार में निम्न पोषक तत्वों वाले आहार को शामिल करना जरूरी होता है -

  • फोलिक एसिड - अंडे, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, शतावरी और खट्टे फल।
  • कैल्शियम - प्रेग्नेंट महिलाओं को शरीर में कैल्शियम की पूर्ति करने के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ-साथ हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन भी करना चाहिए।
  • आयरन - गर्भवती महिलाओं को आयरन की पूर्ति के लिए चिया के बीज, खजूर, फलियां, किशमिश, क्विनोआ, ऑर्गन मीट और ब्रोकोली का सेवन करना चाहिए।
  • विटामिन बी6 - उल्टी व मतली को रोकने में भी विटामिन बी6 मदद करता है, इसलिए अपनी डाइट में केला, पीनट बटर और सूखे मेवे शामिल करने चाहिए।
  • ओमेगा 3 फैटी एसिड - गर्भवती महिलाओं के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत जरूरी होता है, जिसके लिए वे अपनी डाइट में मछली, चिया के बीज, अलसी के बीज और सूखे मेवे शामिल कर सकती हैं।

डॉक्टर खनिजो ने कहा कि ‘महिलाएं अपनी गर्भावस्था की किसी भी तिमाही में अंडे व चिकन का सेवन कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि अंडे व चिकन पूरी तरह से पके हुए होने चाहिए। गर्भवती महिलाएं रोजाना एक या दो अंडे खा सकती हैं, जिनमें पर्याप्त मात्रा में अमीनो एसिड मिल जाता है जो बच्चे की ग्रोथ के लिए भी जरूरी है। हफ्ते में दो से तीन बार चिकन लिया जा सकता है और एक बार में 100 ग्राम से ज्यादा चिकन न लें।’

मिथकों पर ध्यान न दें

डॉक्टर ज्योति आगे बताती हैं कि गर्भावस्था कौ दौरान यह आम मिथक है कि आपको दो लोगों के लिए खाना है, लेकिन आपको इन बातों पर ध्यान नहीं देने की जरूरत नही है। ये बात सच है कि आप खुद अपने लिए और आपके बच्चे के लिए खा रही हैं, लेकिन आपको पहली तिमाही से ही सही पोषक तत्वों और बैलेंस्ड डाइट पर फोकस करना है। इस दौरान कैलोरी और प्रोटीन की मात्रा नहीं बढ़ती है। ऐसा इसलिए क्योंकि दूसरी और तीसरी तिमाही में कैलोरी और प्रोटीन की जरूरत बढ़ जाती है।

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