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टेलीविजन की फेमस एक्ट्रेस देबिना बनर्जी और उनकी फैमिली के लिए खुशी का वक्त है, क्योंकि एक्ट्रेस एक बार फिर मां बनने वाली हैं. जी हां, हाल ही में देबिना ने एक खूबसूरत बेटी को जन्म दिया था और बेटी के जन्म 4 माह बाद ही एक्ट्रेस ने दोबारा अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा करके सभी को हैरान कर दिया है. देबिना बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है. हालांकि ये प्रेग्नेंसी प्लानिंग के तहत नहीं थीं, लेकिन एक्ट्रेस काफी खुश हैं.
आपको बता दें कि, देबिना बनर्जी ने 16 अगस्त 2022 को अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक पोस्ट शेयर किया है. फोटो में देबिना, उनके पति गुरमीत चौधरी और बेटी लियाना चौधरी नजर आ रही है. गुरमीत ने पत्नी को गले लगा रखा है और बेटी गोद में है. इस दौरान एक्ट्रेस अपनी सोनोग्राफी रिपोर्ट को फ्लॉन्ट करते हुए नजर आ रही हैं.
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एक्ट्रेस की खुशी का ठिकाना नहीं है मगर उनके फैंस तमाम तरह के सवाल कर रहे हैं, लोगों के मन में सवाल हैं कि इतने कम समय के अंतराल में दूसरी प्रेग्नेंसी सही है? आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि दो बच्चों के बीच कितना अंतर होना क्यों जरूरी है और दो बच्चों के बीच कितना अंतर होना चाहिए?
दिल्ली के मधुकर रेनबो चिल्ड्रंस हॉस्पिटल की सीनियर कंसलटेंट डॉ मीनाक्षी बनर्जी के अनुसार, पहली प्रेग्नेंसी और दूसरी प्रेगनेंसी के बीच में गैप होना बहुत जरूरी होता है, इससे महिला को रिकवर करने में समय मिल जाता है, क्योंकि अधिकांश महिलाएं पहली प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा क्रिटिकल कंडीशन से गुजरती हैं, जिसके कारण उनके स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे में उनको बॉडी को रिकवर करने में थोड़ा लंबा वक्त लग सकता है।
डॉ बनर्जी कहती हैं, ''दो प्रेगनेंसी के बीच में कम से कम डेढ़ से 2 साल का वक्त जरूर होना चाहिए, क्योंकि कई ऐसी समस्याएं होती हैं जिसके लिए महिला को भरपूर समय की जरूरत होती है। कई बार हाई ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर बढ़ना, मानसिक स्वास्थ्य और सिजेरियन डिलीवरी के कारण रिकवरी करने के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है। ऐसे में जरूरी है की दो प्रेगनेंसी के बीच में कम से कम डेढ़ से 2 साल का गैप हो। आप एक्सपर्ट की भी सलाह लेकर भी प्लानिंग कर सकती हैं।"