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गर्भनिरोधक गोलियों से हो सकता है हार्मोनल असंतुलन, यूं करें बचाव

असुरक्षित यौन संबंधों के बाद गर्भ धारण से बचने के लिए कुछ महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं। पर आंकड़े बताते हैं कि इससे उन्‍हें कई तरह की समस्‍याओं को भी सामना करना पड़ता है।

Written By Yogita Yadav
Published : August 22, 2019 5:18 PM IST

It has been found that taking combined oral contraceptive pills can decrease insulin sensitivity and glucose tolerance ( Vrbikova J et al.) and increase blood pressure (Chasan-Taber L et al.) and lipoprotein levels.

गर्भनिरोधक गोलियों का लंबे समस से सेवन करने वाली महिलाओं ने बताया कि इससे उन्‍हें अजीब तरह की समस्‍याएं (Contraceptive pills side effect) हो रहीं हैं। कुछ के चेहरे पर बाल उग आए तो कुछ की आवाज में बदलाव आने लगा। डॉक्‍टरों ने जब जांच की तो मालूम चला कि ये गर्भनिरोधक गोलियों से होने वाले साइड इफैक्‍ट (Contraceptive pills side effect) हैं।

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन

अनसेफ सेक्‍स यानी असुरक्षित यौन संबंधों के बाद गर्भ धारण से बचने के लिए ज्‍यादातर महिलाएं इन गोलियों का सेवन करती हैं। मध्‍यम वर्गीय और निम्‍न मध्‍यमवर्गीय महिलाओं में यह सर्वाधिक लोकप्रिय गर्भनिरोधक उपाय है।

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कैसे काम करती हैं गर्भनिरोधक गोलियां

गर्भनिरोधक इस एक गोली के साथ महिलाएं आठ तरह के हार्मोन ग्रहण करती हैं। इन्‍हीं में से कुछ गंभीर साइड इफैक्‍ट (Contraceptive pills side effect) देते हैं। कहा जाता है कि इनमें एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन होते हैं। जबकि ये क़ुदरती न होकर सिंथेटिक हार्मोन गोलियों में एड किए जाते हैं।

नहीं बनने देते अंडाणु (Contraceptive pills side effect)

ये नेचुरल हार्मोन से ज़्यादा स्थाई होते हैं। ये सिंथेटिक एस्ट्रोजन, एथीनील एस्ट्रॉडिऑल और प्रोजेस्टेरोन हर महीने बच्चेदानी में अंडाणु विकसित होने से रोकता है। जबकि प्रोजेस्टेरोन बच्चेदानी के मुहाने पर मोटी परत जमा देता है, जिससे बच्चेदानी में स्पर्म के लिए कोई जगह नहीं रह पाती। अगर कोई स्‍पर्म अंदर चला भी जाए तो वह पीरियड्स के साथ बाहर निकल जाता है।

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होते हैं ये साइड इफैक्‍ट (Contraceptive pills side effect)

इन सिंथेटिक हार्मोन के कारण महिलाओं में हार्मोन इम्‍बैलेंसिंग होने लगती है। जिससे उनकी आवाज बदलना, चेहरे पर बाल उग आना या सेक्‍स इच्‍छा में कमी भी महसूस होने लगती है। लो लिबिडो भी इनका एक कारण है।

कंडोम है बेहतर

विशेषज्ञ मानते हैं कि अनसेफ सेक्‍स में गर्भधारण से बचने का सबसे सशक्‍त तरीका कंडोम है। इसका इस्‍तेमाल शरीर की भीतरी प्रणाली पर कोई असर नहीं डालता। इसलिए इसे सबसे ज्‍यादा सुरक्षित माना जाता है। बाजार में इन दिनों पुरुष और महिला दोनों के लिए ही अलग-अलग तरह की कंडोम उपलब्‍ध है।

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