गर्भधारण करने में हो रही है समस्या, अपनी इन आदतों को तुरंत बदल डालिए

नींद में खलल या कमी उन महिलाओं के लिए ठीक नहीं है, जो जल्दी गर्भ धारण करना (conceiving problem in women) चाहती हैं। अगर आपको भी गर्भाधारण करने में समस्या हो रही है, तो अपनी इस आदत को तुरंत ही बदल डालें।

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Written By: Anshumala | Updated : August 15, 2019 3:54 PM IST

क्या आपकी शादी हुए दो साल हो गई फिर भी आप गर्भ धारण नहीं कर पा रही हैं, तो इसकी कई वजह हो सकती है। दिनचर्या से जुड़ी ऐसी कई आदतें होती हैं, जिसका सीधा असर आपके गर्भ धारण प्रक्रिया पर पड़ता है। यदि आप पर्याप्त सोती नहीं हैं, देर रात जागी रहती हैं, टीवी के शोर के बीच या कमरे में लाइट जलाकर ही सो जाती हैं, तो ये कुछ आदतें भी गर्भ धारण प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। इन सभी आदतों से काफी हद तक प्रजनन क्षमता कम (conceiving problem in women) होती है। नींद में खलल या कमी उन महिलाओं के लिए ठीक नहीं है, जो जल्दी गर्भ धारण करना (conceiving problem in women) चाहती हैं। अगर आपको भी गर्भाधारण करने में समस्या हो रही है, तो अपनी इस आदत को तुरंत ही बदल डालें।

शोध के अनुसार

ओसाका यूनीवर्सिटी के यूसीएलए के शोधकर्ताओं के अनुसार, आधी उम्र की महिलाओं को गर्भधारण करने के लिए अंधेरे में संबंध बनाने चाहिए। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ऐसी महिलाएं जो प्रेग्नेंट होना चाहती हैं, उन्हें रात की अच्छी नींद के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए –

1. रात में समय पर डिनर करना चाहिए। साथ ही रात के समय हल्का भोजन करें।

2. रात के समय कमरे में हल्की रोशनी रखें या हो सके तो अंधेरा कर के सोएं। शोधकर्ताओं का मानना है कि रात के समय बेडरूम में आने वाली कोई भी तेज़ रोशनी महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालती है।

3 शोध से पता चला है कि जब भी रात के वक्त रोशनी की जाती है तो मेलाटोनिन के स्त्राव में कमी आती है। मेलाटोनिन एक हार्मोन है जिसका स्त्राव अंधेरे में मस्तिष्क की पिनीयल से होता है। यह महिलाओं के गर्भधारण में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में एक दिन से दूसरे दिन के दौरान प्रकाश और अंधेरे का चक्र व्यवस्थित होना चाहिए।

इन बातों का भी रखें ख्याल

1. गर्भधारण के लिए जब भी सेक्स करें तो ओवुलेशन पीरियड में ही करें। अपनी ओवुलेशन साइकिल का पता लगायें। पीरियड्स के तुरंत बाद का समय गर्भ धारण की दृष्टि से सबसे सही माना जाता है। अपनी ओवुलेशन साइकिल का पता लगाने के लिए आप चाहें तो अपने चिकित्सक से भी संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा ओवुलेशन पीरियड को जानने के लिए घर में एक ओव्‍यूलेशन कैलेंडर भी रख सकती हैं। इससे आपको पता चलेगा कि आपका कौन सा दिन कंसीव करने के लिये सही रहेगा।

2. इसके अलावा खाने में ओमेगा 3 फैटी एसिड और डेयरी प्रोडक्‍ट्स आदि के इस्तेमाल से प्रजनन क्षमता बढ़ती हैं।

3. स्ट्रेस दूर करने के लिए अपने पार्टनर का साथ दें। स्ट्रेस लेने से स्पर्म काउंट कम होता है और उसकी गुणवत्ता भी घटती है। जिससे गर्भ धारण में मुश्किल पैदा हो सकती है। स्ट्रेस दूर करने के लिए अपने पार्टनर को योगा और एक्‍सरसाइज करने की सलाह दें।

4 अपने जीवन को तनावमुक्त रखने के लिए पौष्टिक आहार और पूरी नींद लें ताकि आपको गर्भ धारण करने में कोई तकलीफ ना हो।

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