
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
recurrent miscarriage (AI generated image)
मिसकैरेज किसी भी कपल के लिए एक बेहद परेशान कर देने वाली स्थिति हो सकती है, क्योंकि खुशखबरी के बाद दिल टूटना बेहद दर्द देने वाली स्थिति हो सकती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा होना सामान्य होता है, क्योंकि कई बार कुछ स्थितियां अनुकूल नहीं होती और इस कारण से गर्भ ठहर नहीं पाता व मिसकैरेज हो जाता है। लेकिन अगर बार-बार मिसकैरेज होता है, तो इसे आम या सामान्य समस्या नहीं समझना चाहिए क्योंकि इसके पीछे किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या छिपी होती है, जिसका जल्द से जल्द इलाज करना बेहद जरूरी होता है। डॉ. अनुपमा गंगवाल, सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, कोकून हॉस्पिटल, जयपुर से जानेंगे कि आखिर बार-बार मिसकैरेज क्यों होता है और इसके अंदरूनी कारण क्या हो सकते हैं।
एक बार मिसकैरेज हो जाना जरूरी नहीं कि किसी बीमारी का संकेत हो, बल्कि कई स्थितियां अनुकूल न होने के कारण या फिर क्रोमोसोम असामान्य होने के कारण भी मिसकैरेज हो सकता है। हालांकि, अगर बार-बार मिसकैरेज हो रहा है, तो यह अंदरूनी किसी बीमारी का संकेत देता है जैसे हार्मोन, इम्यूनोलॉजिकल और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं जिन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए।
मिसकैरेज के मामले में अक्सर लोगों को यही लगता हैकि शायद महिला के स्वास्थ्य में कोई दिक्कत है, बल्कि ऐसा जरूरी नहीं होता है। मेडिकल साइंस इसे पूरी तरह से गलत मानता है और इस बारे में कहता है कि बार-बार मिसकैरेज होना सिर्फ महिला नहीं बल्कि बल्कि महिला और पुरुष दोनों की तरफ से किसी की भी हेल्थ प्रॉब्लम के कारण ऐसा हो सकता है।
बार-बार मिसकैरेज जैसी समस्याओं में सिर्फ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच नहीं बल्कि पुरुषों के स्वास्थ्य की जांच भी करनी जरूरी होती है। ऐसी स्थिति में दोनों के लिए कुछ मेडिकल टेस्ट हैं, जो जरूरी होना चाहिए जैसे:
इसके अलावा पुरुष व महिला दोनों की लाइफस्टाइल की जांच भी होनी चाहिए, जैसे उनके शरीर का वजन, पहले से कोई क्रोनिक डिजीज, स्मोकिंग या अल्कोहल की आदत, तनाव या न्यूट्रिशन की कमी आदि।
बार-बार मिसकैरेज होने के पीछे ज्यादार मामलों में कोई न कोई हेल्थ या लाइफस्टाइल से जुड़ा कारण हो सकता है और स्वास्थ्य जांच व मेडिकल टेस्ट की मदद से इन समस्याओं का पता लगाया जा सकता है। टेस्ट रिसल्ट में अगर किसी ऐसी अंदरूनी बीमारी का इलाज पता चल जाता है, तो उसका इलाज शुरु कर दिया जाता है। वहीं अगर टेस्ट रिजल्ट में भी किसी सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, तो भी टेस्ट रिजल्ट के माध्यम से एक सटीक ट्रीटमेंट प्लान तैयार करने में मदद मिल सकती है।
मिसकैरेज एक ऐसी समस्या है जो न सिर्फ फिजिकल पेन के साथ-साथ मेंटल पेन भी देती है, यानी आपको मानसिक रूप से भी बहुत परेशान कर सकती है। इसलिए सिर्फ मेडिकल टेस्ट काफी नहीं है बल्कि काउंसलिंग भी जरूरी है, ताकि कपल को चिंता, तनाव, पछतावा या उनके मन में कोई भी ऐसा भावना न रहे जिसके कारण उन्हें दोबारा कोशिश करने में डर लग रहा हो।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य बार-बार मिसकैरेज से जुड़ी समस्या के बारे में जरूरी जानकारियां देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।