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Written By: Anshumala | Published : August 14, 2020 2:12 PM IST
Nearly 11 per cent of all deliveries worldwide are preterm.
Stomach Pain During Pregnancy: गर्भावस्था (pregnancy) में अक्सर महिलाओं को पेट में हल्का दर्द, क्रैम्प जैसा महसूस होता है। शुरुआती पहले तीन महीने ऐसा होना या 9 महीने के दौरान पेट दर्द होना सामान्य बात है, लेकिन पेट दर्द लगातार बना रहे, तो खतरनाक हो सकता है। दरअसल, प्रेग्नेंसी में शरीर में कई तरह के बदलाव और गर्भाशय का विस्तार होता है। इसमें शरीर के लिगामेंट्स भी फैलते हैं, ऐसे में पेट दर्द होना स्वाभाविक भी है। हालांकि, पेट दर्द के अन्य कारणों और इसे कब गम्भीरता से लिया जाए, ये बातें भी जाननी जरूरी होती हैं। जानें, गर्भावस्था में किन कारणों से आपको हो सकता है पेट दर्द (Stomach Pain During Pregnancy) और इससे बचने के लिए किन उपायों को अपनाना चाहिए...
पेट दर्द के साथ यदि आपको बुखार, उल्टी हो या फिर ठंड लगे, योनि से असामान्य रक्तस्राव हो, तो अलर्ट हो जाएं। कई बार पेट दर्द के कारण (Causes of Stomach Pain During Pregnancy) चलने, बोलने या सांस लेना भी मुश्किल आने लगती है। ऐसा आपके साथ भी हो रहा है, तो इसे गम्भीरता से लिया जाना चाहिए।
लगातार पेट दर्द होने की समस्या से गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है। पांच से दस मिनट में संकुचन (Contraction) होना, पीठ दर्द, ऐंठन के साथ या बिना रक्तस्राव होना, योनि में ऐंठन आदि गर्भपात के प्रमुख संकेत होते हैं।
प्रेग्नेंसी में दूसरी तिमाही के दौरान पेट दर्द अधिक होता है। इसका मुख्य कारण है लिगामेंट का स्ट्रेच होना। इससे पेट के निचले हिस्से में दर्द अधिक होता है। जब यूटरस बढ़ता है, तो यूटेरिन वॉल में खिंचाव उत्पन्न होता है, जिसके कारण भी पेट में दर्द (abdominal pain during pregnancy) हो सकता है।
कुछ महिलाओं को गर्भावास्था में सीने में जलन की समस्या बहुत होती है। हार्ट बर्न (Heart Burn) होने से भी पेट दर्द की समस्या कई बार होने लगती है। एसिड रिफ्लक्स (Acid reflux) सीने में जलन की समस्या को शुरू करता है।
एक्टोपिक प्रेग्नेंसी सही नहीं होती। इसमें निषेचित अंडे (fertilised egg) गर्भाशय ( uterus) के बाहर इम्प्लांट हो जाते हैं। इसके कारण भी पेट दर्द की समस्या शुरू हो सकती है।
प्रीमैच्योर लेबर होने के कारण भी पेट दर्द हो सकता है। जब समय से पूर्व लेबर पेन होने लगे, तो इसे प्रीमैच्योर लेबर कहते हैं। इस दौरान वेजाइनल डिस्चार्ज होता है। ब्लिडिंग भी हो सकती है। इस दौरान भी आपको पेट दर्द (Stomach Pain During Pregnancy in hindi) हो सकता है।