
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : March 9, 2023 2:41 PM IST
Tips for constipation during pregnancy: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपनी हेल्थ की एक्स्ट्रा केयर रखनी पड़ती है, क्योंकि इस दौरान शरीर काफी कमजोर और नाजुक स्थिति में आ जाता है। कई बार इस दौरान छोटी-छोटी समस्याएं बड़ी जटिलताएं पैदा कर देती हैं। कब्ज भी एक ऐसी ही समस्या है, तो गर्भवती महिलाओं को लिए समस्या का कारण बन सकती है। हालांकि, डॉक्टरों का यह मानना है कि अगर बहुत ज्यादा कब्ज नहीं है कि बहुत ही कम चांस है कि उससे आपकी प्रेगनेंसी पर किसी प्रकार का प्रभाव पड़ता है। लेकिन इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता है कि गर्भवती महिलाओं को कब्ज काफी परेशान कर देने वाली स्थिति हो सकती है। हालांकि, कुछ सामान्य चीजों का ध्यान रखकर इस स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है और कब्ज से किसी प्रकार की जटिलता भी पैदा नहीं हो पाती हैं। लेकिन इससे पहले यह जानना भी जरूरी है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को अक्सर कब्ज की समस्या क्यों होती है।
प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज की समस्या अक्सर देखी जाती है और यह कोई संयोग नहीं बल्कि इसके पीछे कई अलग-अलग कारण है। मेडिकल साइंस के अनुसार प्रेगनेंसी के दौरान प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन बढ़ जाता है, जो आंतों की सामान्य कार्य प्रक्रिया को भी प्रभावित कर देता है और इस कारण से कब्ज की शिकायत होने लगती है। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक गतिविधि कम होना, डाइट में बदलाव और बढ़ती प्रेगनेंसी के दौरान आंतों पर प्रेशर बनना आदि भी कब्ज पैदा करने में भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए जिन गर्भवती महिलाओं को कब्ज की समस्या नहीं हो रही है, उन्हें भी इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना जरूरी है और सिर्फ मां के लिए ही नहीं उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी जरूरी है। कई बार पानी की कमी भी कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है। वहीं अगर आपको पहले से कब्ज है, तो भी ज्यादा पानी पीने से आपकी आंतों को ठीक से काम करने में मदद मिलेगी। गर्भावस्था के दौरान 8 से 12 गिलास पानी पीना बहुत जरूरी है।
कब्ज की समस्या है तो डाइट का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा फाइबर फूड्स पर फोकस करें। फाइबर डाइट मल को नरम बना देता है, जिससे यह आंत के अंदर से आसानी से निकल जाता है। साथ ही फाइबर फूड्स आपकी पाचन क्रिया के लिए भी अच्छे रहते हैं और इससे कब्ज होने का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है।
गर्भावस्था के दौरान शरीर को गतिहीन भूलकर भी न होने दें और ऐसा करने न सिर्फ कब्ज पैदा करता है, बल्कि प्रेगनेंसी से जुड़ी अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना योग, वॉकिंग व अन्य लाइट एक्टिविटी करते रहें। ऐसा करने से आपकी पाचन क्रिया सामान्य रूप से काम करती रहेंगी और आंतों पर पड़ रहा प्रभाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।