क्या शादी से पहले ही इनफर्टिलिटी टेस्ट करवा लेना चाहिए? यदि हां तो कौन सा टेस्ट कराना बेस्ट होगा

Infertility Test Kaise Hota Hai: शादी से पहले हर किसी के मन में बहुत से सवाल होते हैं और उनमें से एक सवाल बच्चे पैदा करने से जुड़ा भी होता है जो इनफर्टिलिटी का डर बनकर खड़ा हो जाता है।

क्या शादी से पहले ही इनफर्टिलिटी टेस्ट करवा लेना चाहिए? यदि हां तो कौन सा टेस्ट कराना बेस्ट होगा
VerifiedVERIFIED By: Dr.Geeta Jain

Written by Mukesh Sharma |Updated : January 12, 2026 11:18 AM IST

Infertility ka Pta Kaise Kare: जिस प्रकार धीरे-धीरे लोगों का लाइफस्टाइल और डाइट हैबिट्स खराब होते जा रहे हैं, उसके कारण तरह-तरह बीमारियां और हेल्थ कंडीशन होने लगती हैं। यह जानते हुए भी की हमारा लगातार खराब हो रहा लाइफस्टाइल और हमारी खराब खानपान की आदतें हमारे शरीर को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं और हमारे लिए कई बीमारियों का खतरा पैदा कर रही हैं। ऐसी स्थितियों में कई ऐसी समस्याएं भी हो रही हैं, जिनका बाद में पता चलता है जैसे कि बांझपन। पुरुषों और महिलाओं दोनों में इनफर्टिलिटी के मामले तेजी से बढ़ते देखे हैं, लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर बीमारियां होते देखा गया है। खराब जीवनशैली और खराब खानपान की आदतों का असर हमारे शरीर के अन्य हिस्सों के साथ-साथ हमारी प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है। लेकिन शादी से पहले उसका पता नहीं चल पाता है, क्योंकि आपकी प्रजनन क्षमता कितनी है यानी आप कितने फर्टाइल हैं, यह तो तब ही पता चलेगा जब आप कंसीव करने की कोशिश करेंगे। लेकिन कई बार तब तक बहुत देर हो जाती है।

ऐसे में सवाल आता है कि क्या शादी से पहले ही यह पता लगा लिया जाए कि आपकी प्रजनन क्षमता कैसी है और कहीं आपको इनफर्टिलिटी से जुड़ी कोई समस्या होने का खतरा तो नहीं है। हमने गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. गीता जैन से इस बारे में में बात की और जाना कि क्या शादी से पहले ही इनफर्टिलिटी के खतरे का पता लगाने के लिए कोई टेस्ट कराया जा सकता है।

शादी से पहले इनफर्टिलिटी की जांच

इनफर्टिलिटी एक बेहद परेशान कर देने वाली स्थिति है, पुरुष हो या महिलाएं दोनों के लिए यह पीड़ित व्यक्ति को मानसिक और सामाजिक दोनों तरफ से दबावग्रस्त करती है। डॉ. गीता जैन ने कहा कि सबसे पहले यह निर्भर करता है कि किस उम्र में टेस्ट किए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए अगर शादी 30 के बाद की जा रही है, तो अपनी प्रजनन क्षमता का पता लगाने के लिए और इनफर्टिलिटी के खतरे का पता लगाने के लिए ये टेस्ट किए जा सकते हैं। वहीं अगर 30 से पहले आप शादी कर रहे हैं और तो आप टेस्ट करवा सकते हैं यह पूरी तरह से आपके निर्णय पर ही निर्भर करता है।

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महिलाओं के लिए टेस्ट

अगर जेनेटिक या अन्य किसी कारण से किसी भी महिला को इनफर्टिलिटी का डर सता रहा है, तो शादी से पहले कुछ टेस्ट किए जा सकते हैं जिनकी मदद से इनफर्टिलिटी के खतरे और महिला की प्रजनन क्षमता कितनी सही है आदि का पता लगाया जा सकता है। इनमें आमतौर पर हार्मोनल टेस्ट होते हैं जैसे

  • एएमएच टेस्ट (Anti-Mullerian Hormone Test) - इस टेस्ट की मदद से महिलाओं की ओवरी में रिजर्व एग यानी अंडाशय में बचे हुए अंडे कितने हैं आदि का पता लगाया जा सकता है।
  • एफएसएच टेस्ट (Follicle Stimulating Hormone Test) - इस टेस्ट की मदद से यह पता लगाया जाता है कि महिला के खून में हार्मोन का लेवल कितना है और इसकी मदद से उसकी प्रजनन क्षमता का पता लगाया जाता है।
  • एलएच टेस्ट(Luteinizing Hormone Test) - महिलाओं में ओव्यूलेशन की जानकारी के लिए, पीसीओएस डायग्नोस करने के लिए और बांझपन जैसी समस्याओं की जांच करने के लिए यह टेस्ट किया जाता है।
  • टीएसएच टेस्ट (Thyroid Stimulating Hormone Test) - महिलाओं में इस टेस्ट की मदद से कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है और साथ में इनफर्टिलिटी जैसी समस्या का पता लगाने में भी इस टेस्ट की मदद ली जाती है।
  • प्रोलैक्टिन टेस्ट (Prolactin Test) - महिलाओं में इनफर्टिलिटी या उससे जुड़े खतरों का पता लगाने के लिए प्रोलैक्टिन टेस्ट किया जा सकता है।

पुरुषों के लिए टेस्ट

जैसा कि हमने पहले भी बताया है कि इनफर्टिलिटी का खतरा महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह संभव है कि कुछ पुरुषों का मन भी शादी से पहले इनफर्टिलिटी के खतरे से जुड़ी डर दूर करने का मन हो। ऐसे में पुरुष भी कुछ टेस्ट करा सकते हैं जैसे -

  • सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis) - पुरुषों में बांझपन के खतरे का पता लगाने के लिए या फिर उनकी प्रजनन क्षमता की जांच करने के लिए यह टेस्ट किया जा सकता है। इसमें पता लगाया जाता है कि पुरुष से वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या, शुक्राणुओं की गति (Sperm Motility) और शुक्राणुओं का आकार व आकृति सही है या नहीं आदि का पता लगाया जाता है।

अल्ट्रासाउंड स्कैन का इस्तेमाल

पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही इनफर्टिलिटी का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है और यह काफी फायदेमंद साबित होगा। लेकिन यह आपका निर्णय नहीं होगा और डॉक्टर आपके स्वास्थ्य की जांच करके और अन्य प्रकार के टेस्ट करने के बाद उनका रिजल्ट देखकर यह पता लगा पाएंगे कि आपको अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए या नहीं।

अल्ट्रासाउंड की मदद से पुरुषों व महिलाओं दोनों के प्रजनन अंगों की आकृति, आकार और अन्य किसी भी असामान्यता जैसे किसी अंग में गांठ आदि बनी होना आदि की जांच की जाती है। अगर किसी पुरुष या महिला का कोई टेस्ट का रिजल्ट ठीक नहीं आया है, तो उसके कारण का पता लगाने के लिए कई बार डॉक्टर अल्ट्रासाउंड स्कैन कराने की सलाह देते हैं।

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अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।