Advertisement

Drink Soda While Pregnant: क्या प्रेगनेंट होने के बाद कोल्‍ड ड्रिंक पी सकते हैं? जानिए क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर्स

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG) के अनुसार, ऐसा कोई सबूत नहीं है कि प्रेगनेंसी के दौरान सोडा (Drink Soda While Pregnant) का सेवन करने से गर्भाशय के रक्त प्रवाह, भ्रूण की ऑक्सीजन की मात्रा या जन्म के दौरान वजन कम हो जाता है।

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में तेजी से हॉर्मोनल चेंजेज होते हैं। जिसका असर उनके मूड चेंजेज में होने के साथ-साथ उनके व्‍यवहार में भी दिखता है। गर्भावस्‍था में रात के दौरान आइसक्रीम, ठंडी कोल्‍ड ड्रिंक या गोल गप्‍पे के लिए क्रेविंग होना आम बात है। क्‍योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिला का शरीर ज्‍यादा सेंसटिव हो जाता है इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि जब एक महिला गर्भवती होती है तो उस दौरान सोडा का सेवन (Drink Soda While Pregnant) किया जा सकता है या नहीं। प्रेगनेंसी में क्‍या खाना (What to eat and what not in pregnancy) चाहिए-और क्‍या नहीं व क्‍या पीना चाहिए और क्‍या नहीं, इसकी एक लंबी लिस्‍ट है।

प्रेगनेंसी में सोडा का सेवन किया जा सकता है या नहीं (Drink Soda While Pregnant)

सोडा में कैफीन, शुगर और आर्टिफिशियल स्‍वीटनर होता है। कुछ रिसर्च के अनुसार प्रेगनेंसी में अगर 200 milligrams कैफीन का सेवन किया जाए तो वो नुकसानदायक नहीं होता है। हालांकि सभी डॉक्‍टर्स इससे एकमत नहीं है। कुछ डॉक्‍टर्स का कहना है कि कैफीन बीजाण्डासन या अपरा (Placenta) से होकर गुजरता है। जिससे आपकी प्रेगनेंसी और बेबी दोनों प्रभावित होते हैं। इस स्थिति में मिसकैरेज होने का खतरा भी रहता है। प्रेगनेंसी में सोडा के सेवन से मिसकैरेज पर निम्‍न रिसर्च उपलब्‍ध हैं-

इसे भी पढ़ें : 1 महीने का हुआ करीना कपूर का दूसरा बेटा, जानें कैसे रखती हैं बेबो अपने न्यूबॉर्न बेटे का ख्याल

Also Read

More News

PREGNANCY

1. 2008 की एक स्‍टडी कहती है कि कैफीन और मिसकैरेज के बीच कोई संबंध नहीं है। यदि एक महिला प्रेगनेंसी में कैफीन लेती है तो इससे उसका बेबी प्रभावित नहीं होगा।

2. एक दूसरी रिसर्च कहती है कि यदि एक दिन में 200 mg या इससे ज्‍यादा मात्रा में कैफीन का सेवन किया जाए तो मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है।

3. 2007 की एक स्‍टडी कहती है कि प्रेगनेंसी में कैफीन या सोडा का सेवन करने से प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है।

4. अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG) के अनुसार, ऐसा कोई सबूत नहीं है कि प्रेगनेंसी के दौरान सोडा का सेवन करने से गर्भाशय के रक्त प्रवाह, भ्रूण की ऑक्सीजन की मात्रा या जन्म के दौरान वजन कम हो जाता है। ACOG के अनुसार गर्भवती एक दिन में 200 mg या इससे कम मात्रा में सोडा का सेवन कर सकती है।

5. coke की 340ml की बोतल में 35 mg कैफीन होता है जबकि Mountain Dew की 340ml की बोतल में 54mg कैफीन होता है।

इसे भी पढ़ें : गर्भपात (अबॉर्शन) से संबंधित नया बिल हुआ राज्य सभा में पास, जानें क्या है बिल की मुख्य विशेषताएं

diet soda

प्रेगनेंसी में सोडा पीने के नुकसान (Disadvantages of drinking soda in pregnancy)

  1. गर्भवती को रोज सोडा का सेवन करने से बचना चाहिए। कार्बोनेटेड ड्रिंक्‍स और फिजी ड्रिंक्‍स में काफी शुगर होता है जो सेहत के लिए बिल्‍कुल भी सही नहीं होता है।
  2. जब गर्भवती कैफीन का सेवन करती है तो वो प्‍लेसेंटा के जरिए शिशु तक पहुंचता है। जो शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है।
  3. गर्भावस्‍था में सोडा का सेवन करने से बच्‍चों का मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य कमजोर होता है। बच्‍चों की चीजों को याद रखने की शक्ति, वर्बल लर्निंग और मोटर स्किल्‍स कमजोर हो जाती हैं।
  4. सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से शिशु में जन्‍मविकार भी पैदा होने का डर रहता है।
  5. सॉफ्ट ड्रिंक में फास्‍फोरिक एसिड होता है जो हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है।

Stay Tuned to TheHealthSite for the latest scoop updates

Join us on