क्या प्रेगनेंसी में चाय-कॉफी पीनी चाहिए ? जानें क्या है एक्सपर्ट्स की राय

एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्भावस्था में कैफीन का सेवन बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। कैफीन युक्त ड्रिंक्स या पदार्थों का सेवन करने से मिसकैरीज, स्टिल बर्थ और बच्चे के बर्थवेट में कमी जैसे ख़तरे उत्पन्न हो सकते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 27, 2020 6:50 PM IST

Caffeine in Pregnancy: प्रेगनेंसी में चाय या कॉफी का सेवन करना चाहिए या नहीं, इस बात पर अक्सर बहस होती है। लेकिन, हाल ही में एक रिसर्च में गर्भावस्था में कैफीन के सेवन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण दावे किए गए हैं। इस रिसर्च के अनुसार, प्रेगनेंट महिलाओं को कैफीन का सेवन नहीं करना चाहिए।  इसी तरह गर्भधारण की कोशिश कर रही महिलाओं को भी चाय या अन्य कैफीन वाली चीज़ों के सेवन से परहेज करना चाहिए। (Caffeine in Pregnancy)

एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्भावस्था में कैफीन का सेवन बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। कैफीन युक्त ड्रिंक्स या पदार्थों का सेवन करने से मिसकैरीज, स्टिल बर्थ और बच्चे के बर्थवेट में कमी जैसे ख़तरे उत्पन्न हो सकते हैं। (Drinking Caffeinated drinks in Pregnancy)

क्या प्रेगनेंसी में चाय-कॉफी पीनी चाहिए ? (Caffeine in Pregnancy):

रॉयल कॉलेज के प्रसूति और स्त्री रोग डिपार्टमेंट द्वारा इस रिसर्च को आयोजित किया गया। जिसमें, पिछले 20 वर्षों में किए गए 48 रिसर्च पेपर्स पर अध्ययन करने के बाद ये निष्कर्ष निकाले गए।

इस रिसर्च में भाग ले रहे शोधकर्ताओं ने बताया कि महिलाओं को रोज़ाना 200 मिलीग्राम से अधिक कैफीन का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। एक कप कॉफी में लगभग 90-100 मिलीग्राम कैफीन प्राप्त होता है। इसीलिए, अगर आप रोज़ाना 2 कप कॉफी पीती हैं तो उसे सुरक्षित स्तर माना जा सकता है। लेकिन, इससे अधिक कॉफी पीना नुकसानदायक हो सकता है। रिसर्च टीम के मुताबिक, अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने से मिसकैरिज़ यानि गर्भपात का खतरा 36 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

  • जन्म के समय बच्चे की मृत्यु (स्टिल बर्थ) का खतरा 19 फीसदी बढ़ता है।
  • जबकि, जन्म के समय बच्चे का वजन कम रहने का जोखिम 51 प्रतिशत तक है।
  • बच्चों में ल्यूकेमिया और चाइल्डहुड ओबेसिटी (मोटापे) का खतरा भी अधिक होता है।

कितना कैफीन है सुरक्षित?

इस टीम की अगुवाई कर रहे प्रो. जेम्स के अनुसार कैफीन आमतौर पर 5-6 घंटें बाद रक्त में धीरे-धीरे कम होती है। लेकिन इस अवधि के बाद भी रक्त में 50 फीसदी तक कैफीन रहता ही है। जो, आहिस्ता-आहिस्ता कम होता है। वहीं, प्रेगनेंसी में कैफीन ज़्यादा समय तक रक्त में बना रहता है। प्रेगनेंसी के 38वें वीक में रक्त में कैफीन का स्तर 18 घंटों से अधिक अवधि के बाद लगभग आधा होता है। इससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि मां के माध्यम से कैफीन बच्चे तक पहुंचने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।  इसीलिए, कैफीन युक्त ड्रिंक्स का सेवन संभलकर करना आवश्यक है।

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