आयुर्वेद के अनुसार कैसी होनी चाहिए ब्रेस्टफीडिंग मदर्स की डाइट और दिनचर्या? जानिए एक्सपर्ट से

Tips for new mothers-बच्चे की देखभाल करने और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाएं कई गलतियां करती हैं जिससे उनकी हेल्थ पर भी असर पड़ता है। ऐसे में आयुर्वेद एक्सपर्ट कुछ टिप्स दे रही हैं जो न्यू मदर्स को हेल्दी रहने में मदद कर सकती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार कैसी होनी चाहिए ब्रेस्टफीडिंग मदर्स की डाइट और दिनचर्या? जानिए एक्सपर्ट से
VerifiedVERIFIED By: Dr. Chanchal Sharma

Written by Sadhna Tiwari |Updated : August 4, 2025 7:59 PM IST

Tips for breastfeeding mothers- प्रेगनेंसी के पहली तिमाही में महिलाओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाता है। हालांकि, अगर प्रेगनेंसी के बाद महिलाएं अपनी डाइट (Diet after preganancy) को लेकर लापरवाह हो जाएं या महिलाओं को सही तरीके की डाइट ना मिले तो इससे मां और बच्चे दोनों को नुकसान हो सकता है। प्रेगनेंसी के बाद जब न्यू मदर्स ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं तब उन्हें पौष्टिक डाइट, आराम और देखभाल की बहुत जरूरत होती है। ब्रेस्ट फीड कराने वाली महिला जो कुछ भी खाती पीती है उसी से बच्चे का पोषण भी होता है। ऐसे में महिलाओं को अपनी डाइट में क्या शामिल करना चाहिए और क्या नहीं, इसी से जुड़ी कुछ टिप्स दे रही हैं आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा (Dr. Chanchal Sharma, Fertility And Ayurveda Expert, Aasha Ayurveda), पढ़ें उनकी सलाह और टिप्स यहां।

ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के लिए आयुर्वेद में क्या डाइट टिप्स दी गयी हैं?

डॉ. शर्मा बताती हैं कि बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए। जैसा कि ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते रहते हैं। उनका वजन बढ़ जाता है, बालों का झड़ना शुरू हो जाता है और कई बार महिलाएं बच्चे की जिम्मेदारी उठाने के चक्कर में खुद डिप्रेशन में चली जाती हैं। इसलिए नवजात बच्चों की देखभाल करने वाली मांओं को अपनी डाइट और दिनचर्या को लेकर बिल्कुल लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। आयुर्वेद में ब्रेस्टफीडिंग मदर्स के पोषण और अच्छी रिकवरी के लिए कुछ विशेष सुझाव दिए गए हैं जो इस प्रकार हैं।

वात रोग को करें कंट्रोल

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के शरीर में अक्सर वात दोष (Vata Dosha) का स्तर बढ़ जाता है। इसे संतुलित रखने और बढ़ने से रोकने के लिए आपको अपनी डाइट और डेली लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने चाहिए।

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भरपूर आराम करें

डिलीवरी के बाद के पहले हफ्ते में भरपूर आराम करें। इससे आपको रिकवरी में मदद होगी और थकान भी कम होगी। उसके 7 दिन बाद आप घर में ही थोड़ा बहुत वॉक करें और फिजिकली एक्टिव बनने की कोशिश करें।

बनाएं स्लीपिंग शेड्यूल

न्यू मदर्स के लिए ठीक तरह से सो पाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में तनाव और थकान बढ़ सकती है। इन सबसे बचने के लिए अपने आराम और नींद से जुड़ा शेड्यूल तैयार करें। बच्चे के पिता और अपने पूरे परिवार की मदद लें और अलग-अलग समय पर बच्चे की देखभाल करें। इससे आपके बच्चे की ठीक तरह से केयर भी हो सकेगी और आप आराम भी कर पाएंगी।

बेली रैप का करें इस्तेमाल

डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में वात दोष बढ़ने से पेट का आकार भी प्रभावित होता है। इस समस्या से बचने के लिए बेली रैप का इस्तेमाल करें। इससे आपको दोबारा एक्टिव बनने में भी मदद होगी।

मालिश करवाएं

आयुर्वेद में ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को सुबह और शाम के समय थोड़ी मालिश कराने की सलाह दी जाती है। मालिश करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुधरेगा और तनाव भी कम होगा।

हेल्दी डाइट अपनाएं

अपने आहार में पौष्टिक खाद्य पदार्थों का समावेश करें। इससे शरीर को जरूरी ऊर्जा मिलेगी। अपनी डाइट में इन चीजों का ध्यान रखें-

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  • हल्का और सुपाच्य भोजन खाएं।
  • प्रोटीन और डाइटरी फाइबर वाले फूड्स का सेवन अधिक करें।
  • प्रेगनेंसी के दौरान और प्रेगनेंसी के बाद देसी घी का सेवन करें।
  • विटामिन डी के लिए दूध और अन्य डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन जरूर करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • बहुत अधिक मात्रा में शक्कर, गुड़, ड्राई फ्रूट्स या हेवी फूड्स का सेवन ना करें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

क्या ब्रेस्टफीडिंग मदर्स को देसी घी खाना चाहिए?

हां, महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान और प्रेगनेंसी के बाद भी जब वे ब्रेस्टफीडिंग करा रही हों उस दौरान  देसी घी का सेवन जरूर करना चाहिए। देसी घी से हेल्दी फैट्स और विटामिन डी प्राप्त होता है जो महिलाओं की हड्डियों को मजबूत करता है।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान डाइट कैसी होनी चाहिए?

बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को हल्का और सुपाच्य भोजन खाना चाहिए। प्रोटीन और डाइटरी फाइबर वाले फूड्स का सेवन अधिक करें। इसके साथ ही विटामिन डी के लिए दूध और अन्य डेयरी प्रॉडक्ट्स का सेवन जरूर करें।