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प्रेगनेंसी में ब्लड स्पॉट आना इन 6 परेशानियों का संकेत, जानें ज्यादा ब्लीडिंग होने पर क्या करें

प्रेगनेंसी में यूं तो कई प्रकार की समस्याएं होती हैं लेकिन ब्लड स्पॉट आना परेशानी का सबब बन सकता है। जानें ब्लड स्पॉट आने पर कौन सी परेशानियां हो सकती हैं।

प्रेगनेंसी में ब्लड स्पॉट आना इन 6 परेशानियों का संकेत, जानें ज्यादा ब्लीडिंग होने पर क्या करें
प्रेगनेंसी में ब्लड स्पॉट आना इन 6 परेशानियों का संकेत, जानें ज्यादा ब्लीडिंग होने पर क्या करें

Written by Jitendra Gupta |Published : February 17, 2021 11:21 AM IST

प्रेगनेंसी एक महिला के लिए जीवन का ऐसा चरण है, जहां उसे अपने साथ-साथ अपने पेट में पल रहे बच्चे का भी खास ख्याल रखना होता है। प्रेगनेंसी के दौरान एक महिला को कई समस्याएं झेलनी पड़ती है, जिसमें से कुछ गंभीर समस्या की ओर इशारा करती हैं। इन्हीं गंभीर समस्याओं में से एक है प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड स्पॉटिंग। ब्लड स्पॉट आना खतरनाक हो सकता है इसलिए जरूरी है कि सही देखभाल के लिए सही जानकारी होना। आइए जानते हैं प्रेगनेंसी के पहले और दूसरे ट्राइमेस्टर में ब्लड स्पॉट आना कितना खतरनाक हो सकता है और ये किस समस्या की ओर इशारा करता है।

1- गर्भावस्था के दौरान ब्लड स्पॉट कितना खतरनाक होता है?

गर्भावस्था के दौरान खून बहना कई चीजों की वजह से हो सकता है। यह सर्वाइकल में बदलाव, इन्फेक्शन, पोल्य्प्स या कैंसर और असामान्य गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) जैसे कि एक्टोपिक प्रेगनेंसी या मोरल प्रेगनेंसी का भी संकेत हो सकता है।

2- प्रेगनेंसी के पहले और दूसरे तिमाही में ब्लड स्पॉट किस वजह से होता हैं?

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में ऐसा होने का मतलब भ्रूण का इम्प्लांटेशन या गर्भपात का संकेत होता है। आमतौर पर इम्प्लांटेशन के दौरान ब्लीडिंग बहुत हल्की होती है और यह ब्लीडिंग कुछ घंटे के लिए रह सकती है या कुछ दिनों तक रह सकती है। गर्भपात में ब्लीडिंग होने से निचले पेट में तेज ऐंठन होती है और टिश्यू योनि से निकलते है। दूसरी तिमाही में ब्लीडिंग होना सर्वाइक्स या योनि पर चोट का संकेत हो सकता है।

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3- जब ब्लड स्पॉट होता है तो क्या समस्याएं हो सकती है?

ब्लड स्पॉट प्लेसेंटा प्रीविया जैसे प्लेसेंटल समस्याओं का संकेत हो सकता है। इस तरह की समस्या में प्लेसेंटा यूटरस में नीचे चली जाती है और आंशिक रूप से या पूरी तरह से बर्थ कनाल (जन्म नहर) के मुख को ढक लेती है। यह पहले हो चुकी सी-सेक डिलीवरी के कारण प्लेसेंटल एब्रप्शन या यूटरस के टूटने का भी संकेत हो सकता है।

4- प्रेगनेंसी में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने पर क्या करना चाहिए?

प्रेगनेंसी के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना गंभीर डेवलपमेंट का संकेत होता है इसलिए ऐसा होने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। यह ध्यान दें कि खून कितना बह रहा है और किस तरह का खून बह रहा है, यह खून गुलाबी, भूरा, लाल या थक्के जैसा भी हो सकता है।

5- प्रेगनेंसी में ब्लड स्पॉट आने पर क्या सावधानी बरतें?

अगर स्कैन में यह पता चले कि प्लेसेंटा कम है तो इंटरकोर्स न करें

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(Inputs: डॉ. मुक्ता पॉल, ऑब्स्टेट्रिसियन और गायनेकोलॉजिस्ट-कंसल्टेंट, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, पुणे )

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