... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: akhilesh dwivedi | Published : October 21, 2018 4:22 PM IST
प्रेगनेंसी में करेले का सेवन। © Shutterstock
करेला का सेवन स्वास्थ्य को कई प्रकार के लाभ प्रदान करता है और इस वजह से गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। गर्भावस्था के समय बच्चे के सही विकास के लिए कई पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थो का सेवन करना लाभकारी होता है। करेला में फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम, बीटा-केरोटिन और डाइट्री फाइबर होता है जो गर्भ में पल रहे बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। गर्भावस्था के दौरान खान-पान का सही होना जरूरी होता है और तैलीय खाद्य पदार्थ और जंक फूड्स का सेवन नहीं करना चाहिए।
फोलेट उच्च मात्रा में होता है: गर्भवती महिलाओं के लिए फोलेट एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। यह मिनरल्स संभावित न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट को सुरक्षित रखने में मदद करता है। करेला में फोलेट की बहुत अधिक मात्रा होती है। इसमें गर्भवती महिलाओं में इस मिनरल्स की दैनिक आवश्यकता का एक चौथाई हिस्सा है।
फाइबर की मात्रा अधिक होती है: करेला में फाइबर उच्च मात्रा में होता है जो आपके पेट को भरा हुआ महसूस कराता है। यह हाई-कैलोरी फूड्स और जंक फूड्स की क्रेविंग्स को कम करता है। इसके अलावा यह प्रेग्नेंसी के दौरान आपको मोटे होने से भी बचाता है।
एंटीऑक्सीडेंट होता है: करेला में विटामिन सी होता है जो एंटीऑक्सीडेंट होता है और गर्भवती महिलाओं को हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। यह गर्भवती महिलाओं के इम्यूनिटी को भी बढ़ाने में भी मदद करता है और इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है।
बॉवेल मूवमेंट को बेहतर रखता है: करेला पेरिस्टालिसिस को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है जो बाद में बॉवेल मूवमेंट को नियंत्रित करने और गर्भवती महिलाओं के पाचन तंत्र को बेहतर करने में मदद करता है। करेला पाचन तंत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी राहत प्रदान करता है।
भ्रूण का विकास करता है: करेला कुछ विटामिन और मिनरल्स का एक बड़ा स्रोत है। इसमें आयरन, नियासिन, पोटेशियम, पेंटोथेनिक एसिड, जिंक, पाइरोडॉक्सिन, मैग्नीशियम और मैंगनीज शामिल होता हैं। इसे आसानी से सुपर सब्जी कहा जा सकता है क्योंकि यह भ्रूण के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।