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Written By: Anshumala | Updated : July 13, 2020 2:27 PM IST
प्रेग्नेंसी में किशमिश खाना क्यों होता है फायदेमंद?© Shutterstock.
Raisins eating in pregnancy: किशमिश (Raisins) का इस्तेमाल अधिकतर लोग स्वीट डिशेज में करते हैं। बच्चे भी किशमिश बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं। पर क्या आपको यह पता है कि किशमिश का सेवन प्रेग्नेंसी के दिनों में कितना फायदेमंद साबित हो सकता है? जी हां, प्रेग्नेंसी के दौरान ड्राई फ्रूट्स जैसे किशमिश खाने से शरीर में आयरन की कमी नहीं होती। किशमिश में मौजूद पोषक तत्व मां और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। जानिए, किशमिश खाने से प्रेग्नेंट वूमेन (Pregnant women) को क्या-क्या फायदे (Benefits of Raisins) हो सकते हैं।
किशमिश में आयरन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। इसके साथ ही इसमें विटामिन, मिनरल, प्रोटीन भी काफी होता है, जो शिशु की सेहत और शारीरिक विकास के लिए काफी जरूरी होते हैं। किशमिश खाने से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। गर्भावस्था के दिनों में शरीर में सुस्ती, थकान और ऊर्जा की कमी महसूस होती है। ऐसे में किशमिश खाना प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए हेल्दी (Benefits of eating raisins during pregnancy) हो सकता है।
किशमिश में फाइबर अधिक होने के कारण गर्भावस्था में कब्ज की समस्या (Constipation during pregnancy) नहीं होती है। अक्सर कुछ महिलाओं को कब्ज की समस्या हो जाती है, जो (kishmish ke fayde in hindi) सेहत के लिए सही नहीं है। किशमिश पानी को अवशोषित करता है। इसे खाने के बाद शरीर में लैक्सेटिव टेंडेसी उत्पन्न करता है, जो पेट की सेहत को दुरुस्त रखता है। बाउल मूवमेंट को बेहतर बनाता है।
किशमिश में फ्रेुक्टोज और ग्लुकोज अधिक होने के कारण भोजन से विटामिन को अवशोषित करता है। इससे शरीर को ऊर्जा की प्राप्ति होती है। गर्भावस्था में शरीर में ऊर्जा की कमी होना आम समस्या है, ऐसे में किशमिश (Kishmish in hindi) खाना आपके लिए हेल्दी हो सकता है।
इसमें कैल्शियम, आयरन काफी होता है। जब आप प्रतिदिन 10-12 किशमिश खाती हैं, तो (Benefits of Raisins in hindi) गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों को मजबूती मिलती है। उनका संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर तरीके से होता है।
रहना है हमेशा फिट, तो रोजाना भिगोकर खाएं किशमिश
प्रेग्नेंसी के दौरान उल्टी, जी मिचलाने की शिकायत अधिक महिलाओं में देखी जाती है। लेकिन, इसका ये मतलब नहीं कि आप खाना ही ना खाएं। आपकी सेहत के साथ ही आपके बच्चे के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हेल्दी डायट पूरे 9 महीने लेना बहुत जरूरी है। किशमिश में पोटैशियम, फाइबर, मैग्निशियम होता है, जो भूख को बढ़ाते हैं। ये सभी तत्व मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से भी राहत प्रदान करते हैं।
एनिमिया की समस्या प्रेग्नेंसी के दिनों में बहुत ही कॉमन है। इससे शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। किशमिश के छोटे-छोटे दानों में पर्याप्त मात्रा में आयरन, विटामिन-बी कॉम्पलेक्स होता है, जो एनिमिया की समस्या से आपको बचाता है।