आयुष्मान ने कहा, बधाई हो ने समाज में अधिक उम्र में गर्भावस्था के बारे में सकारात्मक प्रभाव डाला, लेकिन 40+में प्रेग्नेंसी कितना रिस्की?

अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बधाई हो' की रिलीज की तीसरी वर्षगांठ पर एक्टर आयुष्मान खुराना ने खुलासा किया कि वह फिल्म से पड़े सकारात्मक प्रभाव से खुश हैं, जिस फिल्म ने देर से गर्भावस्था के संबंध में समाज पर डाला है।

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Written By: Anshumala | Updated : October 19, 2021 12:10 PM IST

Late Pregnancy Risk Factor: एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की फिल्म 'बधाई हो' एक ब्लॉकबस्टर फैमिली एंटरटेनर फिल्म थी। इस फिल्म के रिलीज की तीसरी वर्षगांठ पर आयुष्मान खुराना ने खुलासा किया कि इस फिल्म से समाज पर कई तरह से सकारात्मक प्रभाव डाला है। खासकर, अधिक उम्र में गर्भधारण (Late Pregnancy) को लेकर वह फिल्म से पड़े पॉजिटिव प्रभाव से काफी खुश हैं। आयुष्मान ने कहा, 'मेरी ज्यादातर फिल्में परिवार के साथ आने और एक-दूसरे से जोड़ने, एक महत्वपूर्ण संदेश देने और सबसे महत्वपूर्ण बात, पूरी तरह से मनोरंजन के लिए होती हैं।'

उन्होंने ने कहा, 'बधाई हो' मेरे लिए सभी बॉक्स पर हिट गई है और मैं आभारी हूं कि फिल्म ने भारत में एक महत्वपूर्ण बातचीत शुरू की कि समाज को देर से गर्भावस्था पर कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। समाज हमें एक निश्चित तरीके से प्रतिक्रिया करने के लिए कहता है, जब ऐसी चीजें होती हैं। यह फिल्म वर्ष 2018 में रिलीज हुई थी, जिसमें नीना गुप्ता, गजराज राव, सान्या मल्होत्रा और दिवंगत सुरेखा सीकरी भी थीं।

मां बनने की सही उम्र क्या है?

अब पहले जैसी लोगों की सोच नहीं रही जहां कम उम्र में ही लड़कियों की शादी कर दी जाती थी। आज लड़कियां पढ़-लिख कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं। उसके बाद ही शादी, बच्चे के बारे में सोचती हैं। सेहत के लिहाज से भी यह सोच सही है। लेकिन कई बार करियर पर फोकस करने के चक्कर में शादी लेट से होती है और महिलाएं मां भी देर से बनती हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि किस उम्र में बच्चे की प्लानिंग करना सही होता है? 25 से 30 वर्ष की उम्र तक प्रेग्नेंसी का बेस्ट टाइम होता है। 30 की उम्र पार करते ही आप जितना लेट करेंगी, परेशानियां उतनी ही बढ़ती जाएंगी। कई बार नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो पाती है। 35 के पार गर्भधारण करने से पेट में पल रहे भ्रूण का विकास सही से नहीं हो पाता है। यदि किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो गर्भपात होने की आशंका रहती है।

40 की उम्र में गर्भधारण करने के जोखिम

यदि कोई महिला 40 की उम्र में मां बनने का सोचती है, तो यह काफी रिस्की हो सकता है। इस उम्र तक कई महिलाओं में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा की समस्या शुरू हो जाती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के कारण डिलीवरी के समय दिक्कतें आती हैं। गर्भपात (miscarriage) होने का रिस्क अधिक रहता है। ज्यादातर डिलीवरी ऑपरेशन के जरिए कराए जाते हैं। हालांकि, अब कई ऐसी तकनीक आ गई हैं, जिससे अधिक उम्र में भी महिलाएं बच्चे को जन्म दे रही हैं। बावजूद इसके अपनी सेहत का ख्याल रखना आपके हाथ में ही है। यदि आपकी शादी 25-28 वर्ष की उम्र में हो जाती है, तो आप फैमिली प्लानिंग करने में देर बिल्कुल भी ना करें।

40 से 50 साल की उम्र में मेनोपॉज की स्थिति आ जाती है, इससे भी अंडाशय में मौजूद अंडों की संख्या में कमी आने के साथ ही क्वालिटी भी खराब हो जाती है। इससे गर्भधारण करने में समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इतना ही नहीं, आप प्रेग्नेंट हो भी जाती हैं, तो बच्चे में गुणसूत्र (chromosomes) से संबंधित असामान्यताएं हो सकती हैं।

लेट प्रेग्नेंसी के कारण शिशु में होने वाली दिक्कतें

  • सीखने-समझने की क्षमता में कमी देखी जा सकती है।
  • किसी तरह का जन्मजात दोष नजर आ सकता है।
  • डाउन सिंड्रोम, शरीर का विकास सही से ना होना।
  • डिलीवरी के दौरान शिशु का वजन कम होना।

डिस्क्लेमर

लेट प्रेग्नेंसी से संबंधित यहां बताई गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। यदि आपकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है और आप बच्चे की प्लानिंग कर रही हैं, तो यहां दिए गए सुझावों को आजमाने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह जरूर लें।