
Also Read
Pregnancy treatment in Ayurveda: मां बनना हर स्त्री का सपना होता है लेकिन इसे जी पाना इतना आसान नहीं होता है। कई बार परिवार की जिम्मेदारियां, शारीरिक परेशानी और सामाजिक दबाव के कारण महिलाओं का यह सपना अधूरा रह जाता है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली एक महिला, जिनकी उम्र 41 साल थी ऐसी ही निःसंतानता की समस्या से परेशान थी। संतान प्राप्ति की उम्मीद बिल्कुल समाप्त हो चुकी थी। आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि जब मधु उनके पास आई थी तब उनकी शादी को 14 साल हो चुके थे। उन्होंने इन 14 सालों में कई डॉक्टर्स के चक्कर लगा लिए थे लेकिन कोई साकारत्मक परिणाम ना मिलने के कारण वह दोनों पति पत्नी परेशान रहने लगे। उनके साथ और जितने लोगों की शादी हुयी थी उन सभी के बच्चे अब स्कूल जाने लगे थे जिस वजह से उनके ऊपर सामाजिक दबाव बढ़ रहा था। डॉक्टर्स के चक्कर लगाते लगाते उनकी आर्थिक स्थिति भी ख़राब हो गई थी। आशा आयुर्वेदा आने से पहले दो बार वह गर्भवती हो चुकी थीं लेकिन दोनों ही बार किसी कारणवश उनका गर्भपात हो गया था।
2 बार मिसकैरेज होने से उनका हौसला टूट गया था। डॉ चंचल शर्मा ने उनकी हिम्मत बढ़ाई और उसके बाद एचएसजी करवाने की सलाह दी। रिपोर्ट के अनुसार मिसकैरेज होने के कारण उनकी ट्यूब्स ब्लॉक हो गई थी। जिस कारण वह माँ नहीं बन पा रही थी और अधिक उम्र के कारण एग क्वालिटी भी खराब होती जा रही थी।
आशा आयुर्वेदा में उन्हें बिना किसी सर्जरी के केवल दवाओं, थेरेपी, डाइट और योग के माध्यम से ठीक किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पहले उनकी ट्यूब्स खोने के लिए उत्तरबस्ती की गई उसके बाद डाइट और दवाओं की मदद से अंडे की गुणवत्ता ठीक की गई। करीब 6 महीने के आयुर्वेदिक उपचार के बाद मधु जी ने नैचुरली कन्सीव किया। इस पूरी प्रक्रिया में वह और उनके पति एक दूसरे की ढाल बनकर खड़े रहे। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और धैर्य के साथ डॉक्टर के बताए सभी नियमों का पालन किया।
इस दौरान उन्होंने रोजाना एक्सरसाइज भी की और अपनी डाइट का पूरा ख्याल रखा। उन्होंने बाहर का खाना बिल्कुल छोड़ दिया और इसके साथ अल्कोहल सिगरेट का भी त्याग किया। क्योंकि किसी भी दवा को ठीक से काम करने के लिए सेहत के लिए हेल्दी आदतों का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने इन सभी चीजों का ध्यान रखते हुऐ अपना उपचार नियमित रखा, जिससे घर में खुशियां लौट आई।
मधु की तरह अगर आपका मातृत्व का सपना अधूरा रह गया है और आप आईवीएफ नहीं कराना चाहते हैं तो आयुर्वेद पर भरोसा रखें। आयुर्वेदिक उपचार से आप नैचुरली मां बन सकती हैं। अगर आपको भी प्रेग्नेंसी में दिक्कतें आ रही हैं, तो एक बार आयुर्वेद उपचार आपको भी ट्राई करके जरूर देखना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।