
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 24, 2021 12:23 PM IST
ओवेल्यूशन पीरियड में संबंध बनाने से प्रेगनेंट होने के चांस 60 से 70% तक बढ़ जाते हैं.
आज के समय में इनफर्टिलिटी (Infertility Issue) एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है। हालात ये हैं कि अब सिर्फ शहरी ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को भी गर्भधारण करने में दिक्कत आ रही है। किसी महिला द्वारा कंसीव न कर पाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि अगर महिला की उम्र 30 साल से कम है तो उसे शादी के 1 तक बाद बिना कोई ट्रीटमेंट लिए नेचुरल तरह से प्रेगनेंट होने का ट्राई (Natural Ways To Get Pregnant) करना चाहिए। लेकिन अगर महिला 35 की उम्र पार कर चुकी है तो उसे 6 महीने तक ट्राई करने के बाद डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हालांकि उम्र के अलावा भी कई ऐसे कारण होते हैं जो इनफर्टिलिटी के लिए जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर जांच और टेस्ट कर इन कारणों का पता लगाते हैं और फिर इलाज शुरू करते हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंट न होने के कारण नहीं बल्कि ऐसे तरीके बता रहे हैं जो जल्दी प्रेगनेंट होने में मदद करेंगे।
हमारे देश में ज्यादातर लोग सिर्फ हनीमून शब्द के साथ फैमिलियर होते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कंसेप्शनमून एक ऐसी ट्रिक है जिसे विदेशों में खूब अपनाया जाता है। इसमें कोई कपल अपने-अपने काम से छुट्टी लेकर अकेले में वक्त बिताते हैं और इस दौरान कंसीव करने का ट्राई करता है। विदेशों में इस दौरान छुट्टी भी मिलती है। ऐसा इसिलए क्योंकि इस समय में कपल बिना किसी तनाव और परेशानी के साथ में क्वॉलिटी वक्त बिताते हैं और रिलेक्स होकर प्रेगनेंसी प्लान करते हैं।
डॉक्टर्स कहते हैं कि ओवेल्यूशन पीरियड में सेक्स करने से प्रेगनेंट होने के चांस 60 से 70% तक बढ़ जाते हैं। क्या होता है ओवेल्यूशन पीरियड? महावारी यानि कि जब किसी महिला को पीरियड्स आते हें तो उसके 2 हफ्ते बाद का समय ओवेल्यूशन पीरियड कहलाता है। अगर आप जाने अनजाने में अपने ओवेल्यूशन पीरियड को नजरअंदाज कर देते हैं तो आगे से प्रयास करें। कंसीव होने के चांस काफी बढ़ जाते हैं।
जब महिलाओं का वजन ज्यादा हो जाता है या वो ओवरवेट हो जाती हैं तब भी प्रेगनेंसी में दिक्कत आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वजन बढ़ने के कारण महिलाओं की ओवेरी में सिस्ट बनने लगते हैं जो पानी की थैलियों के समान होते हैं, इसे पीसीओडी कहते हैं। जब ओवरी अंडे से भर जाती है तो उससे अंडा रिलीज नहीं होता है। इसके अलावा मोटापे के कारण फेलोपियन ट्यूब और ओवरी के बंद होने के चांस भी काफी बढ़ जाते हैं।
पीरियड्स का समय पर न होना प्रेगनेंसी में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। यदि किसी महिला को समय पर महीना नहीं आ रहा है या आगे-पीछे हो रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। कंसीव करने के लिए महावारी का समय पर होना बहुत जरूरी है। कई बार हॉर्मोंस चेंजेज के कारण पीरियड्स समय पर नहीं आते हैं। डॉक्टर आपको कुछ दवा देकर पीरियड्स को समय पर लाने की कोशिश करेंगे।
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