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Written By: Jitendra Gupta | Updated : May 28, 2022 12:01 PM IST
25 से 35 की उम्र में हेल्दी प्रेगनेंसी के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 न्यूट्रिएंट! शरीर रहेगा हेल्दी और दूरी होंगी ये बीमारियां
कोविड-19 के प्रकोप और लंबे समय तक घरों मे रहने के बाद लोगों ने अपनी सेहत को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। महिलाएं खास करके अपनी सेहत के प्रति सचेत हो गई है। महिलाओं के लिए एक स्वस्थ लाइफस्टाइल का होना महत्वपूर्ण है। इस स्वस्थ लाइफस्टाइल में स्वस्थ डाइट, पर्याप्त पानी का सेवन, नियमित एक्सरसाइज़ और नियमित जांच शामिल है। 25 से 35 वर्ष की उम्र वाली महिला के लिए गर्भधारण करना आदर्श समय होता है और इस उम्र के बाद महिलाओं के अंडों की संख्या और गुणवत्ता कम होने लगती है।
आईवीएफ एक्सपर्ट और एमडी, डीजीओ डॉ. नालिनी बागुल का कहना है कि महिलाओं को हार्मोनल परिवर्तन, अनियमित पीरियड्स, मुंहासों, हीमोग्लोबिन के स्तर और कैल्शियम और प्रोटीन वाली डाइट खाने के बारे में सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय भोजन में प्रोटीन की कमी होती है इसी को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म पोषक तत्वों का सेवन करना महत्वपूर्ण होता है, जिसमें शामिल हैंः
1-प्रोटीन
2-आयरन
3-कैल्शियम
4-विटामिन बी और डी
5-ओमेगा -3 फैटी एसिड
इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए स्प्राउट्स, दूध, पनीर, अंडे, मांस, मछली से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। फास्ट फूड के ज्यादा सेवन से सेहत सम्बंधी कई समस्याएं जैसे कि मोटापा और हाइपरटेंशन बढ़ता है। इसलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि भूख को शांत करने के लिए ज्यादा फैट और नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करके उसकी जगह स्वस्थ खाद्य पदार्थों को खाएं।
डॉ. नालिनी का कहना है कि इसके अलावा महिलाओं में विटामिन और मिनरल्स की कमी होना आम बात है, इसलिए तैलीय, तले हुए, सोडियम युक्त और मसालेदार भोजन को महिलाएं न खाएं। इस तरह के भोजन से शरीर का वज़न बढ़ सकता है और एसिडिटी हो सकती है। जब महिलाओं की उम्र 20 साल हो जाए तब उन्हे डॉक्टर या गायनेकोलॉजिस्ट से नियमित रूप से विजिट करके कंसल्ट और जांच करना चाहिए और उसी हिसाब से लाइफस्टाइल का पालन करना चाहिए ।
फोर्टिस एस्कोर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एंड चीफ ऑफ कैथ लैब के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. अतुल माथुर का कहना है कि प्राकृतिक रूप से उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई परिवर्तन आते हैं, जिसमें पोषक तत्वों की कमी और खराब स्वास्थ्य भी शामिल है। कम खाना खाने और उसके अवशोषण का स्तर कम होने से फिट रहने में बहुत समस्या आती है।
डॉ. अतुल बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारा शरीर बीमारियों का शिकार बनने लगता है इसलिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत रखने के लिए नियमित विटामिन और खनिज लेने की ज़रूरत पड़ती है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर कम कैलोरी अवशोषित करता है, जिसके कारण पोषण के मामले में दुविधा की स्थिति बन जाती है। बुजुर्ग शरीर की जरूरतों को पूरा करने लायक खाना नहीं खा पाते हैं और इसके अलावा उनका शरीर खाने में से कम पोषणअवशोषित करता है। विटामिन आपके शरीर को बढ़ने और सही तरह से काम करने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर 13 जरूरी विटामिन होते हैं - विटामिन ए, सी, डी, ई, के और बी। विटामिन की तरह खनिज भी शरीर को चलाने में मदद करते हैं। खनिज ऐसे तत्व हैं जिनकी हमारे शरीर को चलाने के लिए ज़रूरत पड़ती है। ये ज़मीन और खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। शरीर को आयोडीन और फ्लोराइड जैसे कुछ खनिजों की बहुत कम मात्रा की ज़रूरत होती है, वहीं कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिजों को ज़्यादा मात्रा में लेने की ज़रूरत पड़ती है। जैसा कि विटामिन के मामले में है, उसी तरह अगर आप अलग-अलग तरह का खाना खाएं, तो आपके शरीर को ज़रूरत के अधिकांश खनिज मिल जाएंगे।