hamburger icon
A
Read in English

गर्भधारण करने से 1 महीना पहले ही बदल देनी चाहिए ये 5 आदतें, कंसीव करने में नहीं आएगी दिक्कत

गर्भधारण की प्लानिंग करने से सिर्फ 1 महीना पहले अगर आप अपनी कुछ आदतें बदल लेते हैं, तो उससे गर्भधारण करने की संभावना काफी हद तक बढ़ सकती है। इसके बारे में गाइनेकोलॉजिस्ट कुछ खास सलाह दे रहे हैं।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : June 25, 2026 7:18 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Swati Singh

हर महिला के जीवन का एक बेहद खास पड़ाव होता है गर्भधारण करना जिसके लिए सही स्वास्थ्य होना बेहद जरूरी है। यह केवल मां बनने की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक ऐसी यात्रा है जिसमें महिला के शरीर, मन और जीवनशैली में कई महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं। स्वस्थ गर्भावस्था के लिए जरूरी है कि महिला पहले से ही अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे और शरीर को इस नई जिम्मेदारी के लिए तैयार करें। देखा जाता है कि कई महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी होने लगती है और उसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं जिनमें से एक कारण खराब जीवनशैली यानी लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ गलत आदतें भी हो सकती हैं। इस बारे में गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति सिंह ने खास जानकारियां दी हैं।

नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और लगातार तनाव रहना भी कहीं न कहीं गर्भधारण करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। साथ ही शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड, विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलना भी जरूरी होता है, जो गर्भधारण से पहले और गर्भधारण के बाद शिशु की सही विकास में मदद करते हैं। खासतौर पर फोलिक एसिड विशेष रूप से महत्वपूर्ण है होता है क्योंकि यह गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के सही विकास में मदद करता है।

Dr. Swati Singh, Senior Consultant - Obstetrics and Gynecology, Apollo Spectra Hospital Delhi

धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें

धूम्रपान और शराब का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरीके से अच्छा नहीं होता है और इसके एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग नुकसान होते हैं। अगर कोई महिला कंसीव करने का प्लान कर रही हैं, तो सबसे पहले इन आदतों को छोड़ देना चाहिए। तंबाकू और अल्कोहल प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं और अंडों की गुणवत्ता पर भी असर डाल सकते हैं।

इसके अलावा धूम्रपान और शराब के सेवन का असर गर्भधारण होने के बाद भी गर्भ में पल रहे शिशु को सही से विकसित होने में भी कठिनाइयां पैदा कर सकता है और उसके स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रेग्नेंसी की कोशिश शुरू करने से पहले ही इनसे पूरी तरह दूरी बना लेना बेहतर होता है।

खानपान सही होना बेहद जरूरी

कंसीव करने से पहले ही सही डाइट लेना शुरु कर दें और फास्ट फूड्स, प्रोसेस्ड फूड्स और शुगरी फूड्स व ड्रिंक्स का सेवन बंद कर दें। इनकी बजाय अपने खाने में उन चीजों को शामिल करें जो आपकी हेल्थ के लिए अच्छे हों जैसे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स आदि। साथ ही जैसा कि हमने आपको पहले भी बोला है कि फोलिक एसिड का सेवन शुरू करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गाइनेकोलॉजिस्ट की सलाह के अनुसार सही फोलिक सप्लीमेंट की चुनें

अच्छी नींद और तनाव से बचाव

डाइट के जितना ही महत्वपूर्ण है सही नींद लेना और और तनाव को कंट्रोल रखना। अगर आप सही समय पर सो रहे हैं और सही नींद ले रहे हैं, तो यह आपकी हार्मोनल हेल्थ अच्छी रहती है। अगर हार्मोन बैलेंस सही है तो इससे ओव्यूलेशन की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है और गर्भधारण में दिक्कत आ सकती है। इसलिए प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें और तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन, वॉक या अन्य रिलैक्सेशन तकनीकों को अपनाएं। मानसिक स्वास्थ्य भी प्रजनन स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।

सही वजन होना भी बेहद जरूरी

बहुत अधिक या बहुत कम वजन दोनों ही गर्भधारण की संभावना को प्रभावित कर सकता है। इतना ही नहीं मोटापा ऐसी हेल्थ कंडीशन है जो हार्मोनल असंतुलन व पीसीओएस जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है और साथ ही साथ शरीर का ज्यादा बढ़ा हुआ वजन मासिक चक्र अनियंत्रित कर सकता है। गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं को संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।

गर्भधारण से पहले भी जांच जरूरी

ज्यादातर महिलाएं गर्भधारण करने के बाद तो रेगुलर चेकअप कराती हैं, लेकिन गर्भधारण करने से पहले जांच कराना जरूरी नहीं समझती हैं। जबकि डॉक्टर से प्री-कॉन्सेप्शन चेकअप कराना बेहद जरूरी होता है। गर्भधारण से पहले एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद फायदेमंद हो सकता है। इस दौरान डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री, वर्तमान स्वास्थ्य और आपके द्वारा ली जा रही दवाओं आदि की जांच की जाती है। यदि थायराइड, डायबिटीज, एनीमिया या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की पहचान पहले ही हो जाए, तो उसका समय रहते इलाज संभव है। इससे स्वस्थ गर्भावस्था और स्वस्थ शिशु की संभावना बढ़ जाती है।

डॉ. स्वाति सिंह के यह भी बताया कि गर्भधारण के लिए सिर्फ शरीर हेल्दी होने से भी काम नहीं चलेगा, उसके साथ-साथ आपका मन भी भी स्वस्थ होना जरूरी है। यदि महिलाएं गर्भधारण की योजना से कम से कम एक महीना पहले अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव कर लें, तो कंसीव करने की संभावना बेहतर हो सकती है और गर्भावस्था भी अधिक स्वस्थ एवं सुरक्षित रह सकती है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल गर्भधारण न कर पाने का कारण बनने वाली कुछ खराब जीवनशैली की आदतों के बारे में बताना है। इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल गर्भावस्था या उससे जुड़ी किसी भी समस्या का इलाज करने के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।