बेबी प्लानिंग करते वक्त इन 5 बातों पर अमल करने से बिगड़ सकती है लव और सेक्स लाइफ, भूलकर भी न करें विश्वास

fertility myths-बहुत सारी मान्याताएं और मिथक हैं, जो लोग गर्भाधारण के बारे में मानते हैं लेकिन यह पता लगा पाना बहुत कठिन हो सकता है कि कौन सी मान्यताएं वाकई में काम करती है और कौन सी नहीं। कुछ जोड़ों के लिए इन सलाह को लेना भी असहजता का कारण बन सकता है, खासकर जब वे थोड़ी देर से बच्चा पैदा करने की कोशिश कर रहे हों।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : October 31, 2020 5:01 PM IST

fertility myths-जब भी आप अपने परिवार को बढ़ाने का फैसला करते हैं, तो आपके परिवार और दोस्तों से आपको काफी सलाह मिलती है। बेशक, आपको मिलने वाली सभी सलाह हमारे बड़े-बुजुर्गों की हो सकती हैं लेकिन सभी का वैज्ञानिक आधार नहीं है। सच कहा जाए तो बहुत सारी मान्याताएं और मिथक हैं, जो लोग गर्भाधारण के बारे में मानते हैं लेकिन यह पता लगा पाना बहुत कठिन हो सकता है कि कौन सी मान्यताएं वाकई में काम करती है और कौन सी नहीं। कुछ जोड़ों के लिए इन सलाह को लेना भी असहजता का कारण बन सकता है, खासकर जब वे थोड़ी देर से बच्चा पैदा करने की कोशिश कर रहे हों। इस लेख में हम ऐसे है 5 मिथ की पोल खोलने जा रहे हैं, जिन्हें सच मानकर आप अपनी लव और सेक्स लाइफ दोनों ही खराब कर रहे हैं। तो आइए जानते हैं इन मिथक के बारे में।

मिथः बच्चे को जन्म देने की जिम्मेदारी सिर्फ महिला की

बेबी को जन्म देने के लिए किसी एक ही नहीं, बल्कि दो लोगों की जिम्मेदारी होती है। अगर किसी जोड़े के लिए गर्भधारण करना मुश्किल हो रहा है तो पहली उंगली हमेशा एक महिला की ओर उठती है। वास्तव में, यह एक मिथक के अलावा कुछ भी नहीं है कि हमेशा महिलाएं ही बांझ होती हैं। लगभग 30-40% मामलों में पुरुष बांझपन का कारण होते हैं। केवल उचित चिकित्सा परीक्षण और निदान बता सकते हैं कि बांझपन का मूल कारण क्या है, और अगले कदम आपको लेने की आवश्यकता हो सकती है।

मिथः एक उम्र के बाद बच्चा पैदा करना असंभव है

देर से गर्भधारण में मुश्किल हो सकती है, लेकिन निश्चित रूप से ये असंभव नहीं है। बहुत सारे जोड़े देर से गर्भधारण की योजना बनाते हैं और स्वस्थ बच्चे पैदा करते हैं। भले ही उम्र के बाद गर्भाधारण और प्रजनन क्षमता कम हो जाती है, लेकिन महिलाओं के लिए गर्भधारण करना स्वाभाविक रूप से असंभव नहीं है। आईवीएफ जैसी चिकित्सा प्रक्रियाएं भी हैं, जो आपके गर्भवती होने की बाधाओं को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। जब तक एक महिला डिंबोत्सर्जन करती है और कोई मौजूदा स्थिति नहीं होती है जो प्रजनन क्षमता को बाधित करती है, तब तक बच्चा होना संभव है।

मिथः आप सही से नहीं कर रहे हैं सेक्स

सेक्स से ही बच्चे का निर्माण होता है। लेकिन बहुत से लोग गर्भधारण करने का सबसे अच्छा तरीका सेक्स पॉजिशन को बताते हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो कहते हैं कि दिन के एक निश्चित समय पर या एक निश्चित गतिविधि के बाद सेक्स करने से गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। इन सब पर कभी भी आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। हां, ये आपकी योजना के अनुरूप काम कर सकती हैं लेकिन यह कोई यूनिवर्सल ट्रूथ नहीं है। केवल एक चीज जो वास्तव में आपकी प्रजनन क्षमता को बढ़ा सकती है वह ये है कि आप कितनी देर तक सेक्स करते हैं।

मिथः जोड़ों को आराम करने की आवश्यकता है!

गर्भधारण के लिए संघर्ष करने वाले जोड़ों के लिए, तनाव को हमेशा एक कारक के रूप में दोषी ठहराया जाता है। ऐसी शायद ही कभी सलाह दी जाती हो कि उन्हें सब बात का फितूर छोड़कर आराम करना चाहिए। तनाव अक्सर हार्मोनल गतिविधियों, नींद या फिर आपके रिश्ते को प्रभावित कर सकता है, लेकिन वास्तव में ये सेक्स को प्रभावित नहीं करता है। जैसा कि हमने उल्लेख किया है, केवल संभोग की आवृत्ति और आपके और आपके साथी के बीच समझ गर्भाधारण की संभावना को मजबूत कर सकती है।

मिथः जो महिलाएं पहले गर्भवती हो चुकी उन्हें प्रजनन संबंधी दिक्कतें नहीं होती

फर्टिलिटी के मामले सिर्फ पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं पर असर नहीं डालते हैं। यहां तक कि जिन महिलाओं को पहले बच्चा हो चुका है उन्हें दूसरी और तिसरी बार में भी इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रकार की दिक्कतें बहुत से लोगों को प्रभावित करती हैं। इसलिए, यह हमेशा सलाह दी जाती है, जो लोग 30 की उम्र के बाद बच्चे पैदा करने की योजना बनाते हैं उन्हें डॉक्टर से सलाह जरूरी लेनी चाहिए खासकर तब, जब उन्हें शुरुआती महीनों में स्वाभाविक रूप से गर्भ धारण करने में परेशानी हो रही हो।