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आईवीएफ से भी नहीं हुआ बच्चा? इन 3 तरीकों से आप फिर हो सकती हैं फिर से प्रेगनेंट, जानें 3 बेस्ट तरीके
IVF alternative treatment : बहुत सी महिलाएं अपने संपूर्ण जीवनकाल में कभी मां नहीं बन पाती हैं और इसके पीछे ढेर सारे कारण हो सकते हैं। हालांकि इन दिनों आईवीएफ के तरीके से भी बच्चे पैदा किए जा सकते हैं लेकिन बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें आईवीएफ से भी बच्चे नहीं हो पाते हैं या फिर प्रेगनेंसी फेल हो जाती है। ऐसा होने के बाद एक महिला भावनात्नक रूप से टूट जाती है और उसके पास ज्यादा ऑप्शन नहीं बचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आईवीएफ प्रेगनेंसी फेल होने के बाद भी आप दोबारा से मां बन सकती हैं। आइए जानते हैं कैसे।
आईवीएफ से बच्चा खराब हो जाने के बाद उपचार उतना आसान नहीं होता है। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आपकी जेब पर भारी दबाव डाल सकता है। एक बार आईवीएफ से बच्चे खराब होने के बाद निराश होना स्वाभाविक है, लेकिन माता-पिता बनने के और भी कई तरीके हैं। हालांकि ये आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है और आपका डॉक्टर आपकी स्थिति को देखते हुए कोई विकल्प सुझा सकता है। आइए जानते हैं कौन से तरीके आपके पास मौजूद हैं।
आईवीएफ उपचार के लिए एक महिला को गर्भवती होने में एक नहीं बल्कि उससे ज्यादा प्रयास करने की जरूरत पड़ती है। बहुत सी महिलाएं पहली बार में ही प्रेगनेंट हो जाती है तो कुछ को एक से ज्यादा चांस लेने पड़ते हैं। अगर आपका पहली बार आईवीएफ से बच्चा खराब हो गया है तो आपका डॉक्टर दूसरी बार आईवीएफ उपचार से पहले कुछ टेस्ट की सलाह दे सकता है ताकि ये पता लगाया जा सके आखिर प्रजनन उपचार में किस तरीके की बाधा आ रही है। डॉक्टर आपको जीवनशैली में कुछ बदलाव की भी सलाह दे सकता है, जो गर्भवती होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो आप दूसरी बार आईवीएफ से मां जरूर बन सकती है।
अगर आपके साथ कोई दिक्कत है तो डॉक्टर आपको थर्ड पार्टी एग डोनर के इस्तेमाल की भी सलाह दे सकता है। ऐसा अक्सर उसी स्थिति में किया जाता है कि जिसमें महिला खुद अपर्याप्त या फिर बच्चे पैदा करने की स्थिति में सक्षम नहीं होती है। ऐसा जांच करने के बाद डोनर से अंडे लेकर महिला के यूट्रस में डाले जाते हैं और थर्ड पार्टी डोनर आमतौर पर 30 साल से कम के होते हैं, जिनके एग्स हेल्दी होते हैं।
बहुत सी महिलाएं कई कारणों से भ्रूण नहीं बना पाती हैं। इस स्थिति में उनके पास सरोगेसी ही आखिरी विकल्प बचता है। ऐसा भ्रूण सही तरीके से नहीं डालने या फिर बार-बार मिसकैरेज होने के बाद होता है। सरोगेसीसीधे तौर पर भ्रूण से जुड़ी नहीं हुई होती है। इस स्थिति में दूसरी महिला के भ्रूण में आपके पार्टनर के अंश डाले जाते हैं, जो पूरे नौ महीने तक रहता है और आप इस तरीके से भी मां बन सकती हैं।