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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 8, 2020 7:26 PM IST
Pneumonia: निमोनिया से बचने के उपाय | TheHealthSite Hindi
निमोनिया की समस्या बच्चों को सबसे ज्यादा होती है. सर्दियों के मौसम में बच्चों को निमोनिया (Pneumonia in babies) अक्सर हो जाता है. बदलते मौसम और सर्दियों में बरसात होने पर निमोनिया का खतरा और बढ़ जाता है. बच्चे को निमोनिया होने पर घर पर इलाज करने से बचना चाहिए. निमोनिया का कारण संक्रमण होता है. अगर इंफेक्शन से बचाव किया जाए तो बच्चों को निमोनियां से बचाया (Pneumonia prevention) जा सकता है.
भारत जैसे देश में 20 से 30 प्रतिशत नवजात बच्चे निमोनिया की वजह से मर जाते हैं. सामान्य सर्दी जुकाम जैसी लगने वाली बीमारी बच्चों के लिए यह जानलेवा होती है. निमोनिया का इलाज एंटीबायोटिक्स दवाइयों से किया जाता है. निमोनिया की पहचान करने के 9 लक्षण.
बच्चों को निमोनिया बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण से होता है. कुछ बच्चों में जन्मजात कुछ परेशानियों की वजह से बार-बार निमोनिया की समस्या होती है. सर्दियों के मौसम में इंफेक्शन की वजह से बच्चों को सबसे ज्यादा निमोनिया होता है. निमोनिया को जड़ से खत्म करने की 3 असरदार चीजें.
जैसा की ऊपर जान चुके हैं कि बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से निमोनिया होता है. बैक्टीरियल इंफेक्शन को कंट्रोल करने के लिए निमोनिया का इलाज एंटीबायोटिक्स दवाओं से किया जाता है. तेज बुखार होने पर पैरासिटामॉल बच्चे को दिया जाता है. गंभीर समस्या होने पर बच्चे को ऑक्सीजन पर भी रखा जा सकता है. सेब खाना निमोनिया की रामबाण दवा हो सकता है.
सर्दियों के मौसम में निमोनिया से बचाव के लिए मां को बच्चे का विशेष ध्यान रखना होता है. बच्चे को ऊनी कपड़े के साथ सर्द हवाओं से बचा कर रखना चाहिए. ज्यादा ठंड होने पर कमरे को गर्म करना चाहिए. बच्चे की मां को बच्चे को संक्रमण से बचाने का पूरा ख्याल रखना चाहिए. गंदगी और ठंडे शरीर के साथ बच्चे को नहीं छुना चाहिए.
समझें ब्रोंकाइटिस और निमोनिया को, कैसे दोनों मिलकर हो जाते हैं घातक.