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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 9, 2020 1:04 PM IST
सेब खाना निमोनिया की रामबाण दवा हो सकता है. Apple prevents pneumonia.
सेब खाने का फायदा शरीर के हर अंग को मिलता है. रोजाना एक सेब खाने से इंसान डॉक्टर के पास नहीं जाता है. यह पहले से कही जाने वाली एक कहावत है. लेकिन हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि अगर आप सेब खाते हैं, तो निमोनिया के बैक्टीरिया (Apple Prevent Pneumonia Bacteria) से बच सकते हैं. निमोनिया से बचाव (Apple prevents pneumonia) का यह सबसे अच्छा तरीका हो सकता है. अध्ययन में पाया गया कि निमोनिया के बैक्टीरिया शरीर पर हाइड्रोजन पैराक्साइड का इस्तेमाल करते हैं. इससे बचने के लिए शरीर विटामिन सी का उपयोग करता है. अगर आप रोजाना एक सेब खाते हैं तो शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी मिलता है और आप निमोनिया के बैक्टीरिया से बच जाते हो. यह अध्ययन नेचर कम्यूनिकेशन नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
डेली डाइट में सेब खाने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी मिलता है. विटामिन सी शरीर को बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाता है. संतुलित भोजन के तौर पर आप अपनी डाइट में एक सेब रोजाना खा सकते हैं. सर्दियों में निमोनिया से बच्चे को कैसे बचाएं.?
स्वीडन की उमिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्वकर्ता नेल्सन गेकारा ने कहा कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को हराने के लिए निमोनिया का बैक्टीरिया हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग करता है. इसका मतलब है कि ये बैक्टीरिया आग से लड़ रहे हैं. हालांकि इस बैक्टीरिया से लड़ने के लिए हमारा शरीर स्वयं ही हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उत्पादन करता है. निमोनिया की पहचान करने के 9 लक्षण.
उन्होंने कहा कि "यह चौंकाने वाली बात है कि ज्यादातर बैक्टीरिया शरीर की रोग प्रतिरोधकता से लड़ने के लिए एक जैसे ही पदार्थों का प्रयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन पेरोक्साइड को बेअसर करने की सर्वाधिक क्षमता विटामिन सी में होती है और फलों में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. ये एंटी-बैक्टीरियल प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं. इसलिए कहा भी जाता है, दिन का एक सेब आपको डॉक्टर से दूर रखता है."
शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन को मुख्य रूप से स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया पर केंद्रित किया है. यह एक जीवाणु है, जिसे न्यूमोकोकस कहा जाता है. यह निमोनिया का सबसे आम जीवाणु है, लेकिन यह मेनिंजाइटिस और गंभीर सेप्सिस का कारक भी हो सकता है. सूक्ष्म जीव हमारे शरीर में प्रवेश कर प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करते हैं. यदि व्यक्ति की रोग प्रतिरोधकता कम है तो बैक्टीरिया शरीर को बीमार बना देते हैं. समझें ब्रोंकाइटिस और निमोनिया को, कैसे दोनों मिलकर हो जाते हैं घातक.