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Written By: Anshumala | Updated : February 8, 2020 10:17 AM IST
बवासीर होने पर करें पवनमुक्तासन, मिलेगा आराम। Shutterstock.
पाइल्स या बवासीर (piles) से काफी लोग परेशान रहते हैं। इसका इलाज आप योग (yoga for piles) के जरिए भी कर सकते हैं। बवासीर के उपचार लिए योग को अपनाने के साथ ही आपको अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आप इन योग मुद्राओं के जरिए बवासीर से छुटकारा पाकर रोगमुक्त हो सकते हैं। बवासीर में गुदा क्षेत्र (Anal Area) में बहुत तेज दर्द होता है। बवासीर महिलाओं और पुरुषों दोनों में अक्सर 20 से 50 की उम्र के बीच होता है।
गड़बड़ खानपान और अधिक मसालेदार भोजन का सेवन बवासीर होने का प्रमुख कारण कारण होता है। शारीरिक बीमारी या व्यायाम की अनुपस्थिति में इस बीमारी के लक्षण बहुत तेजी से बढ़ते हैं। आंतों की उचित सफाई और भोजन की निकासी न होने के कारण अतिरिक्त दबाव डालने से स्फिन्स्टर मांसपेशियों (Sphincter Muscles) पर तनाव पैदा होता है।
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पवनमुक्तासन गैस की समस्या, कब्ज बवासीर और बवासीर से परेशान लोगों के लिए लाभकारी योग है क्योंकि यह शरीर से विषाक्त पदार्थों और गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। यह मल के साथ बलगम को नियंत्रित करता है जो कि कब्ज से परेशान लोगों के लिए बहुत ही आवश्यक है। इसके अलावा पवनमुक्तासन शरीर के पूरे अंगों जिनमें बगल में दर्द, हृदय विकार, कमर दर्द, पीठ दर्द और पूरे पेट को राहत दिलाकर फिर से जीवंत करता है।
अपनी पीठ के बल जमीन पर सीधे लेट जाएं। धीरे-धीरे सांस लें। अपने पैरों को एक साथ उठाएं और पैर के घुटनों को मोड़ें। अपने पैर के घुटनों को छाती की तरफ अपने मुंह के पास लाएं और पैरों को अपने हाथों की उगंलियों से जकड़ लें। आपकी जांघें आपके पेट को छूना चाहिए और आपके पैर के घुटने आपकी नाक को छुए ऐसा प्रयास करें।
इस स्थिति में 20 से 30 सेंकड तक रहें। धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं। इस आसन को आप दिन में 5 से 10 बार करें। यदि आप कब्ज वाले बवासीर से परेशान हैं तो यह योग आपके लिए बहुत ही लाभकारी है। जिन लोगों को उच्च रक्तचाप, अस्थमा है और गर्भवती महिलाओं को इसे नहीं करना चाहिए।