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योग केवल कुछ आसनों का समूह ही नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन की चाबी है। प्रतिदिन योगाभ्यास से न केवल आप शारीरिक रूप से सक्षम हो सकते हैं, बल्कि यह संबंधों में भी मधुरता लाता है।
Written By: Yogita Yadav | Updated: July 30, 2019, 8:32 PM
योग केवल कुछ आसनों का समूह ही नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन की चाबी है। प्रतिदिन योगाभ्यास से न केवल आप शारीरिक रूप से सक्षम हो सकते हैं, बल्कि यह संबंधों में भी मधुरता लाता है।
जीवन में गतिशीलता लाता है योग : श्री श्री रविशंकर कहते हैं, स्वास्थ का तात्पर्य बीमारी की अनुपस्थिति नहीं हैं। यह जीवन की गतिशीलता हैं जो बताती हैं कि आप कितने ख़ुश, प्रेम और ऊर्जा से भरे हुए हैं। योग आपके जीवन में यही खुशी और प्रेम भरने में मदद करता है।
स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी : प्रतिदिन योगाभ्यास से न केवल शरीर लचीला और तंदरुस्त् बनता है, बल्कि यह त्वचा को भी कांतिमान बनाता है। सूर्य नमस्कार और कपालभाति प्राणायाम योग के साथ-साथ शरीर के वजन में कमी लाते हैं। योग के आसन पाचन तंत्र को सुदृढ़ बनाते हैं, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
चिंता मुक्त करता है योग : योग प्रशिक्षक दीपाली उपाध्यातय कहती हैं, काम के दबाव और परिजनों की अपेक्षाओं के कारण ज्याकदातर महिलाएं तनाव ग्रस्तर हो जाती हैं। योग आपको इस तनाव से मुक्ति दिलवाता है। जब आप जीवन के प्रति पॉजीटिव नजरिया अपनाएंगे तो अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से पूरा कर पाएंगे।
पोश्चर ठीक करता है योग : ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट डॉ अश्विनी भगत कहते हैं, स्पाइन के ज्यादातर मरीजों की बीमारी का कारण उनका गलत पोश्चर होता है। योग हमें बैठने का सही तरीका सिखाता है, जिससे रीढ़ की हड़डी स्वस्थ रहती है। यह शरीर की टूट-फूट से भी रक्षा करता है।
बढ़ती है इम्यूनिटी : हम संयुक्त रूप से तन, मन और आत्मा से बने हैं। शरीर में किसी भी तरह की अनियमितता मन को प्रभावित करती हैं। मन में निराशा और थकान शरीर में रोग का कारण हैं। प्राणायाम और ध्यान तनाव को दूर करते हैं और प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करते हैं।
संबंधों में मधुरता : अगर आप स्वस्थ हैं, तभी जीवन के हर पल का आनंद उठा सकते हैं। बीमार व्यक्ति न केवल स्वयं परेशान रहता है, बल्कि उसके संबंधी भी उससे कटने लगते हैं। जबकि शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ व्यक्ति निजी एवं सामाजिक अपने हर संबंध को जिम्मेदारी पूर्ण तरीके से निभाता है।