भारत ही क्यों डायबिटीज कैपिटल
भारत को अक्सर डायबिटीज कैपिटल कहा जाता है और हम भारतीय भी अब इसे धीरे-धीरे स्वीकार करने लगे हैं। लेकिन क्या यह सच है कि हम ही दुनिया की डायबिटीज कैपिटल हैं? क्या इसका मतलब यह हुआ कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीज हमारे देश में ही हैं? लेकिन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NIH) की रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले चीन (148 मिलियन) मामले हैं और दूसरे नंबर पर भारत (89.8 मिलियन) आता है। लेकिन इन दोनों देशों की जनसंख्या भी तो ज्यादा है। अब अगर जनसंख्या के आधार पर देखें तो दुनिया की डायबिटीज कैपिटल तो पाकिस्तान को होना चाहिए। अगर आपको विश्वास नहीं तो International Diabetes Federation की रिपोर्ट के आधार पर आप खुद देख सकते हैं कि जनसंख्या के आधार पर किस देश में कितने डायबिटीज के मरीज हैं। हालांकि, हम ये नहीं कह रहे कि भारत में डायबिटीज के मामले कम हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक यह साबित होता है कि भारत में न तो डायबिटीज के कुल मामले सबसे ज्यादा है और न ही जनसंख्या के आधार पर सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले हैं। जनसंख्या के आधार पर किस देश में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले हैं, इस लेख में हम आगे जानेंगे।