भारत ही डायबिटीज की कैपिटल क्यों पाकिस्तान क्यों नहीं? IDF आंकड़े तो कुछ और ही कहते हैं

भारत को डायबिटीज कैपिटल बताने वालों को एक बार यह रिपोर्ट जरूर देख लेनी चाहिए, जिसमें साफ-साफ बताया गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले किस देश में पाए जाते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 29, 2026, 10:16 PM

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भारत ही क्यों डायबिटीज कैपिटल

भारत को अक्सर डायबिटीज कैपिटल कहा जाता है और हम भारतीय भी अब इसे धीरे-धीरे स्वीकार करने लगे हैं। लेकिन क्या यह सच है कि हम ही दुनिया की डायबिटीज कैपिटल हैं? क्या इसका मतलब यह हुआ कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीज हमारे देश में ही हैं? लेकिन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NIH) की रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले चीन (148 मिलियन) मामले हैं और दूसरे नंबर पर भारत (89.8 मिलियन) आता है। लेकिन इन दोनों देशों की जनसंख्या भी तो ज्यादा है। अब अगर जनसंख्या के आधार पर देखें तो दुनिया की डायबिटीज कैपिटल तो पाकिस्तान को होना चाहिए। अगर आपको विश्वास नहीं तो International Diabetes Federation की रिपोर्ट के आधार पर आप खुद देख सकते हैं कि जनसंख्या के आधार पर किस देश में कितने डायबिटीज के मरीज हैं। हालांकि, हम ये नहीं कह रहे कि भारत में डायबिटीज के मामले कम हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक यह साबित होता है कि भारत में न तो डायबिटीज के कुल मामले सबसे ज्यादा है और न ही जनसंख्या के आधार पर सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले हैं। जनसंख्या के आधार पर किस देश में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मामले हैं, इस लेख में हम आगे जानेंगे।

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पाकिस्तान - 31.4%

आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि IDF के अनुसार पाकिस्तान में हर 100 में करीब 31 वयस्क डायबिटीज से पीड़ित हैं। इसके पीछे देश हेल्थ अवेयरनेस की कमी है, जिसके कारण मोटापा तेजी से बढ़ रहा है और खानपान में भी चीनी और मैदे का सेवन खूब होता है, जिससे डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स में साफ-साफ लिखा है कि पाकिस्तान में कुल जनसंख्या के प्रतिशत के आधार पर दुनिया में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीज पाए जाते हैं। Also Read - Tonsillitis क्या है? गले में दर्द, सूजन और Fever को न करें Ignore!

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मार्शल आइलैंड - 25.7%

देश छोटा सा है लेकिन यहां पर भी डायबिटीज हर 100 में करीब 26 लोगों में मिल जाती है। यहां पर लोगों का खानपान बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स पर निर्भर है, साथ ही में देश में बढ़ता मोटापा भी इस समस्या का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। इसके शारीरिक गतिविधियों में लगातार हो रही कमी भी देश में डायबिटीज के खतरे को बढ़ा रही है।

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कुवैत - 25.6%

कुवैत में डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ती देखी गई है जहां हर 100 में से करीब 25 लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। कुवैत में ज्यादातर लोग हाई कैलोरी डाइट लेते हैं और फास्ट-फूड्स का भी चलन तेजी से बढ़ रहा है। शारीरिक मेहनत कम और लगातार बढ़ता मोटापा डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल डिजीज का कारण बन रहा है। Also Read - लिवर का कितना हिस्सा Donate कर सकते हैं? कौन बन सकता है Donor? | Dr. Ankur Garg

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समोआ - 25.4%

समोआ एक छोटा सा देश है जहां पर आज के समय में डायबिटीज एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इस देश में भी हर 100 में से करीब 25 लोग डायबिटीज के मरीज मिल जाते हैं। समोआ में बढ़ते फास्ट-फूड्स के चलन, मोटापा और सेडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण डायबिटीज बढ़ता जा रहा है।

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कतर - 24.6%

दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में से एक जिनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है, वहां पर भी लोग डायबिटीज से परेशान हो चुके हैं। कतर में हर 100 में से 24 के करीब लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं, जिसके पीछे एक बड़ी वजह मोटापा और हाई कैलोरी वाले फूड्स का बढ़ता चलन बताया गया है। अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर मौजूद रिपोर्ट्स व रिसर्चों के आधार पर है thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। डायबिटीज एक लाइफस्टाइल डिजीज है, जिसे समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो स्थिति काफी गंभीर बन सकती है, इसलिए जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। Also Read - 4 साल व्हीलचेयर पर रही महिला, सेल बेस्ड थेरेपी के बाद फिर चलने लगी