पैदल चलते समय सांस क्यों फूलती है? हो सकते हैं ये 5 कारण

Short Of Breath: अगर आपको भी चलते समय सांस फूलने की समस्या है और काफी लंबे समय से है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये 5 में से किसी एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती हैं।

Written by Vidya Sharma | Published : August 22, 2025 8:30 AM IST

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सांस फूलने की समस्या

Paidal Chalne Mai Sans Kyu Fulti Hai: हम में से ऐसे कई लोग होंगे जो धीमे कदमों से चलते होंगे लेकिन फिर भी उनकी सांस फूलती होगी। ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ बूढ़े लोगों की समस्या है, बल्कि आजकल के नौजवान भी सांस फूलने की समस्या से परेशान हैं। ये एक आम समस्या हो सकती है, जिसे लोग अक्सर थकान मानकर नजरअंदाज कर सकते हैं। हालांकि आपको छोटी सी अनदेखी किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या की और इशारा भी हो सकती है। जी हां, इसलिए आज हम आपको चलते समय सांस फूलने के 5 मुख्य कारणों के बारे में बताने वाले हैं, जिन पर हर किसी का ध्यान देना बहुत जरूरी है।

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खराब फिटनेस (Poor Physical Fitness)

कई बार हम उम्र से तो जवान होते हैं, लेकिन शारीरिक रूप से बात करें तो दादी-दादी भी हमसे ज्यादा समय तक चल सकते हैं। जब हम नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं तो मांसपेशियां खासकर दिल और फेफड़े, कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में जब आप तेजी से चलने जैसी शारीरिक गतिविधि करते हैं तो आपके शरीर को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। कमजोर फेफड़े और हृदय इस मांग को पूरा नहीं कर पाते, जिससे सांस फूलने लगती है। नियमित व्यायाम, जैसे जॉगिंग, तैराकी या तेज चलना, आपकी फिटनेस को सुधारने में मदद कर सकता है और इस समस्या को कम कर सकता है।

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अधिक वजन या मोटापा (Overweight Or Obesity)

कई लोग इसलिए भी ज्यादा नहीं चल पाते हैं और कुछ कदम चलने के बाद ही उनकी सांस फूलने लगती हैं, क्योंकि उनका वजन ज्यादा होता है। जब शरीर का वजन बढ़ता है तो हृदय को पूरे शरीर में रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके अलावा पेट के आसपास की अतिरिक्त चर्बी फेफड़ों पर दबाव डाल सकती है, जिससे उनकी क्षमता कम हो जाती है। नतीजा ये होता है कि थोड़ी सी भी गतिविधि से सांस फूलने लगती है।  Also Read - सांस फूलने की समस्या क्यों होती है? जानें किन बीमारियों के कारण सांस लेने में होती है मुश्किल

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फेफड़ों में खराबी का हो सकता है संकेत (Lung Diseases)

फेफड़ों से संबंधित समस्याएं जैसे अस्थमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) या इंटरस्टीशियल लंग डिजीज (ILD) भी सांस फूलने का कारण बन सकती हैं। ये स्थितियां फेफड़ों की कार्यक्षमता को कम कर देते हैं, जिससे मामूली शारीरिक गतिविधि के दौरान भी सांस फूलने लगती है। अगर आपको खांसी, घरघराहट या छाती में जकड़न के साथ सांस फूलने का अनुभव होता है, तो यह फेफड़ों की बीमारी का संकेत हो सकता है।

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एनीमिया (Anemia)

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है, जो हीमोग्लोबिन नाम का प्रोटीन ले जाती हैं। ये ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचाने का काम करता है। जब एनीमिया होता है तो शरीर के टिशू को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है, जिससे शरीर की ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है, और हृदय व फेफड़े अधिक मेहनत करते हैं। इसी कारण से हमारी सांस फूली है। Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - किस विटामिन की कमी से सांस फूलती है? जानें, इसके पीछे की वजह