क्या बच्चे माता-पिता का बोझ होते हैं?
Bachho Ka Parents Ka Bojh Hone Ka Karan: हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए सपने देखते हैं, उन्हें बेहतर जिंदगी देना, सुरक्षित भविष्य बनाना और यह उम्मीद करना कि वे खुश रहें। लेकिन समय के साथ, कई बार यही बच्चे, चाहकर या अनजाने में, माता-पिता के लिए मानसिक, भावनात्मक या आर्थिक बोझ बन जाते हैं। हमने साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉ मालिनी सबा से बात की और जाना कि यह विषय दोष का नहीं, बल्कि समझ का है। परिवार जीवन की रफ्तार और मूल्यों का संतुलन बदलने पर यह स्थिति पैदा होती है। आइए इस विषय को थोड़ा इन 5 बिंदुओं से समझते हैं।