Food as medicine: डॉक्टर ने बताया क्यों बीमारी का असली इलाज फार्मेसी में नहीं, आपकी किचन में है

Verified VERIFIED By: Dr. Naushad Ali Rana

Unani Mai Bimari Ka Ilaj: आप अपनी छोटी-मोटी बीमारियों के लिए फार्मेसी जाना छोड़, एक बार यूनानी उपचार को आजमा सकते हैं। यह आपकी हर समस्या को जड़ से खत्म करने में फायदेमंद साबित होगा।

Written by Vidya Sharma | Published : January 15, 2026 5:33 PM IST

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क्या यूनानी इलाज से तबीयत ठीक हो सकती है?

Unani Mai Ijal: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब भी कोई बीमार होता है तो उसका पहला कदम डॉक्टर के पास जाना और दवाइयां लाना होता है। लेकिन हम भूल जाते हैं कि अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए और खुद को बीमार होने से बचाने के लिए हमें अपने खानपान को सुधारने की जरूरत होती है। सेहत तब तक सही नहीं होती है जब उसे जड़ से जांचा न जाए और फिर उपचार न किया जाए। हमदर्द लेबोरेटरी ट्रस्ट में मेडिकल बोर्ड के फिजिशियन व यूनानी डॉक्टर नौशाद अली राणा का कहना है कि 'आजकल लोग फार्मेसी की ओर भाग रहे हैं, जो समस्या को दबाती है न कि जड़ से उसका इलाज करती है। भारतीय संस्कृति में बीमारियों के इलाज के लिए डाइट का इस्तेमाल करने का बहुत पुराना और समृद्ध इतिहास रहा है। लेकिन आज हम पूरी तरह से दवाइयों और डॉक्टर के पर्चों पर निर्भर हो गए हैं, जिसे बदलने की जरूरत है।' इसके लिए उन्होंने यूनानी चिकित्सा में इलाज के अलग-अलग तरीक बताए हैं। आइए हम जानते हैं डॉक्टर ने क्या जानकारी दी है।

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यूनानी चिकित्सा में इलाज के कितने तरीके होते हैं?

यूनानी चिकित्सा में इलाज के लिए 4 तरह के इलाज किए जाते हैं। पहला रेजिमेंटल थेरेपी/लाइफस्टाइल (Regimental Therapy) में बदलाव, दूसरा डाइट से इलाज (Dietotherapy) करना, दवाइयों से इलाज (Pharmacotherapy)) और चौथा है सर्जरी या ऑपरेशन (Surgical intervention)। इन 4 तरीकों से समस्या के आधार पर इलाज किया जाता है। Also Read - Weight Loss Alert: क्या कॉफी है सबसे सस्ता फैट बर्नर?

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डाइट से इलाज क्यों जरूरी है?

डॉक्टर कहते हैं कि डाइट से इलाज को सबसे पहले अपनाया जाना चाहिए क्योंकि यह प्राकृतिक है और हमारे शरीर की रोजाना की जरूरतों के साथ पूरी तरह मेल खाता है। यूनानी पद्धति के अनुसार, भोजन वह चीज है जो पचने के बाद हमारे शरीर का हिस्सा बन जाती है और शरीर के अंगों को सही ढंग से काम करने में मदद करती है। अगर खान-पान संतुलित न हो, तो स्कर्वी, एनीमिया और रिकेट्स जैसी पोषण की कमी वाली बीमारियां हो सकती हैं।

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मरीजों के इलाज के लिए यूनानी हकीम रेसिपी

आप मूंग की दाल का सूप बनाकर पी सकते हैं। इसमें काफी प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह शरीर के ऊतकों (tissues) की मरम्मत करता है और सूजन कम करता है। इसे पचाना आसान है और यह ताकत देता है। इसके अलावा गेहूं या जौ का दलिया, बहुत हल्का भोजन है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बीमारी के बाद ठीक हो रहे हों, साथ ही यह बच्चों के लिए भी अच्छा है। आप चाहें तो जौ का पानी पी सकते हैं। यह पुराने बुखार में बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा सब्जियों का सूप पोषण और बेहतर पाचन के लिए उपयोगी होता है। Also Read - पित्त को संतुलित करने के लिए क्या खाएं? जानें ठंडी तासीर की चीजों की लिस्ट

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कौन सा फल किस बीमारी में फायदेमंद होता है?

डॉक्टर राणा बताते हैं कि शरीर की अलग-अलग समस्या के लिए सही फल का सेवन करके उसे ठीक किया जा सकता है। जैसे कब्ज के लिए पपीता, अमरूद, किशमिश, अंजीर, आम और केला खाएं, दस्त के लिए आंवला, आड़ू और बेल, उल्टी के लिए अनार, फालसा, पुदीना और इलायची खाएं। अगर शरीर में खून की कमी हो गई है तो इसके लिए खजूर, अनार, अंगूर और किशमिश खाएं। हालांकि खान-पान के इतने फायदे हैं, लेकिन हर चीज हर किसी के लिए सही नहीं होती। डॉक्टर कहते हैं कि यूनानी में इसे इंसान के 'मिजाज' (temperament) के हिसाब से देखा जाता है। उदाहरण के लिए, ठंडे मिजाज वाले व्यक्ति को सर्दियों में ठंडी तासीर वाले फल जैसे अनार या अनानास खाने से सर्दी-खांसी हो सकती है, जबकि गर्म मिजाज वालों को इनसे कोई दिक्कत नहीं होती।

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शरीर की समस्याओं के लिए उपाय

सामान्य तौर पर कुछ खास फायदों के लिए ये चीजें ली जा सकती हैं। जैसे- इम्युनिटी के लिए आंवला, कलौंजी, हल्दी (करक्यूमिन), मेथी और शहद। मेटाबॉलिज्म के लिए पपीता, जायफल, काली मिर्च, जीरा और अजवाइन। शुगर को कंट्रोल करने के लिए मेथी, आड़ू और आंवला खाएं। हाई ब्लड प्रेशर के लिए अनार, खीरा और सिरका और गठिया यानी कि अर्थराइटिस के उपचार के लिए सहजन (ड्रमस्टिक), मखाने, बादाम, कोलाजन और तिल का सेवन करें। अगर हम खाने-पीने के इन नियमों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करें, तो हम अपनी सेहत सुधार सकते हैं, बीमारियों से होने वाली परेशानी (DALY) कम कर सकते हैं और इलाज पर होने वाले भारी खर्च को भी बचा सकते हैं। Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - इमरान खान की दाईं आंख की 85% रोशनी खत्म, क्या वाकई खतरे में है पाकिस्तान के पूर्व पीएम की सेहत?