नौकरी का बढ़ता प्रेशर कैसे झेलें?
Job Chodne Mai Mushkil Kyu Hoti Hai: आज के समय में 24–28 वर्ष की उम्र के युवा अपने जीवन के एक बेहद निर्णायक दौर से गुजर रहे होते हैं। यह वह उम्र है जब सपने आकार लेते हैं, पहचान बननी शुरू होती है और आत्मनिर्भर बनने की तीव्र इच्छा पैदा होती है। ऐसे में करियर और नौकरी को प्राथमिकता देना स्वाभाविक है। यह केवल दबाव की कहानी नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी, महत्वाकांक्षा और आत्मसम्मान की भी कहानी है। डॉ. मालिनी सबा, साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक, कहती हैं कि युवाओं का करियर के प्रति गंभीर होना उनकी आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी का संकेत है।