24–28 साल के युवा अपने मेंटल हेल्थ से ज्यादा नौकरी को महत्व क्यों दे रहे हैं?

Verified Medically Reviewed By: Dr. Malini Saba

Naukri Chodne Ka Dar: आजकल युवाओं के ऊपर ऑफिस में बहुत ही अधिक प्रेशर डाला जा रहा है, फिर चाहे वह कोई प्रोजेक्ट को लेकर हो या अन्य कामों को लेकर। ऐसे में न ही युवा रिजाइन दे पा रहे हैं और न ही सही से काम कर पा रहे हैं। आइए इसका कारण जानें।

Written by Vidya Sharma | Published : February 28, 2026 7:30 PM IST

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नौकरी का बढ़ता प्रेशर कैसे झेलें?

Job Chodne Mai Mushkil Kyu Hoti Hai: आज के समय में 24–28 वर्ष की उम्र के युवा अपने जीवन के एक बेहद निर्णायक दौर से गुजर रहे होते हैं। यह वह उम्र है जब सपने आकार लेते हैं, पहचान बननी शुरू होती है और आत्मनिर्भर बनने की तीव्र इच्छा पैदा होती है। ऐसे में करियर और नौकरी को प्राथमिकता देना स्वाभाविक है। यह केवल दबाव की कहानी नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी, महत्वाकांक्षा और आत्मसम्मान की भी कहानी है। डॉ. मालिनी सबा, साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक, कहती हैं कि युवाओं का करियर के प्रति गंभीर होना उनकी आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी का संकेत है।

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पैसा- आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी

आज की दुनिया में आर्थिक स्थिरता ही स्वतंत्रता का आधार बन चुकी है। जैसे- अपने शौक पूरे करना, घर चलाना, भविष्य सुरक्षित करना और परिवार की मदद करना आदि। इन सबके लिए आय का स्थिर स्रोत जरूरी है। युवा समझते हैं कि आर्थिक मजबूती उन्हें जीवन में अधिक विकल्प और आत्मविश्वास देती है। इसलिए वे अपने करियर को गंभीरता से लेते हैं। Also Read - गर्मी में बढ़ जाते हैं दाग-धब्बे? ये 5 टिप्स Hyperpigmentation को करेंगे कम, जानें स्किन डॉक्टर से

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जिम्मेदारी का एहसास

इस उम्र तक आते-आते अधिकतर युवाओं में जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो जाती है। जैसे- परिवार के लिए सहारा बनना, खुद की जरूरतें पूरी करना, भविष्य की योजनाएं बनाना। यह प्राथमिकता बाहरी दबाव से ज्यादा अंदर की परिपक्वता को दर्शाती है।

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स्टेटस और पहचान

समाज में नौकरी केवल कमाई का जरिया नहीं, बल्कि पहचान का प्रतीक भी है। ‘आप क्या करते हैं?’ यह अक्सर पहली पहचान बन जाती है। नौकरी छोड़ने पर “बेरोजगारी” का ठप्पा लगने का डर रहता है। लड़का हो तो कमाने का दबाव, और लड़की हो तो कुछ समय बाद शादी का सामाजिक दबाव। ऐसे में युवा अपनी सामाजिक छवि और आत्मसम्मान को बनाए रखने के लिए नौकरी को प्राथमिकता देते हैं। Also Read - सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लें अजवाइन और हींग का पाउडर, दूर होंगी ये 5 समस्याएं

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महत्वाकांक्षा और आगे बढ़ने की चाह

आज की पीढ़ी केवल नौकरी नहीं, बल्कि ग्रोथ चाहती है। वे प्रमोशन, बेहतर अवसर और आत्म-सिद्धि की तलाश में रहते हैं। यह ऊर्जा और जुनून सकारात्मक दिशा में ले जाया जाए तो जीवन को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

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क्या राय देती हैं एक्सपर्ट

‘सफलता केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन के साथ आगे बढ़ना भी है। जब युवा करियर और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाना सीख जाते हैं, तभी वे दीर्घकालिक सफलता प्राप्त करते हैं।’ वे इस बात पर जोर देती हैं कि मेंटल हेल्थ को अनदेखा करना नहीं, बल्कि करियर के साथ संतुलित रखना ही परिपक्वता है। Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - समय से पहले जन्म (Preterm Birth) के क्या कारण हैं? डॉक्टर ने बताए इसके पीछे की वजहें