HPV संक्रमण क्या है? इस वायरस के संपर्क में आने से हो सकते हैं ये 4 प्रकार के कैंसर

Verified VERIFIED By: Dr. Uday Beniwal

HPV Virus: एचपीवी संक्रमण शरीर में कई तरह के कैंसर विकसित कर सकता है। इसमें सर्वाइकल कैंसर सबसे आम है।

Written by Anju Rawat | Published : January 10, 2026 12:09 PM IST

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HPV संक्रमण क्या होता है?

HPV Infection: एचपीवी यानी हृयूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) एक बेहद खतरनाक संक्रमण होता है, जो यौन संपर्क से फैलता है। ज्यादातर मामलों में यह वायरस त्वचा से त्वचा के संपर्क से फैलता है। आपको बता दें कि एचपीवी, वायरसों का समूह है जिसके 100 से ज्यादा प्रकार हैं। इनमें से कुछ वायरस मस्से पैदा करते हैं। वहीं, कुछ एचपीवी कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। एचपीवी लंबे समय तक शरीर में रहता है और कोई लक्षण नहीं दिखाता है। लेकिन, जब एचपीवी संक्रमण फैलने लगता है तो स्थिति गंभीर रूप लेने लगती है। इसे साइलेंट इंफेक्शन के रूप में भी जाना जाता है। एचपीवी पुरुषों और महिलाओं, दोनों को प्रभावित कर सकता है। आइए, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के  सीनियर कंसलटेंट-यूरोलॉजी के डॉ. उदय सिंह बेनीवाल से जानते हैं एचपीवी से कौन-कौन से कैंसर होते हैं?

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एचपीवी क्यों है साइलेंट संक्रमण?

डॉ. उदय बताते हैं, "एचपीवी संक्रमण शरीर में मौजूद होता है, लेकिन इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। एचपीवी शरीर में होता है, लेकिन न बुखार आता है और न शरीर में दर्द होता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी ही इस वायरस को दबा देती है। लेकिन, जब कुछ हाई रिस्क वाले एचपीवी शरीर में लंबे समय तक रहते हैं, तो इसकी वजह से कोशिकाओं में बदलाव होने लगता है। इससे कोशिकाओं में असामान्य रूप से वृद्धि होने लगती है और यह कैंसर का रूप ले लेता है।" Also Read - सर्वाइकल कैंसर की शुरूआत में दिखायी देते हैं ये 10 लक्षण, महिलाएं ना करें इग्नोर

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1. सर्वाइकल कैंसर

सर्वाइकल कैंसर, एचपीवी वायरस से होने वाला सबसे आम कैंसर है। जब एचपीवी वायरस की वजह से गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में कैंसर बनता है, तो इसे ही सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। यह यौन संचारित संक्रमण होता है, जो शारीरिक संबंध बनाने से हो सकता है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर बेहद आम है। सर्वाइकल कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है। शुरुआत में इसका कोई लक्षण महसूस नहीं होता है, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगती है तो सर्वाइकल कैंसर के गंभीर लक्षण महसूस होने लगते हैं। इसलिए सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए पैप स्मीयर टेस्ट और एचपीवी टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।

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2. ओरल कैंसर

एचपीवी वायरस से ओरल कैंसर भी हो सकता है। पिछले कुछ सालों से ओरल कैंसर के जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से कुछ मामलों में एचपीवी वायरस भी जिम्मेदार रहा है। गले, टॉन्सिल और जीभ के पीछे हिस्से में होने वाले कुछ कैंसर एचपीवी वायरस से जुड़े हो सकते हैं। गले में खराश, आवाज में बदलाव, खाना निगलने में मुश्किल, सर्दी-जुकाम, थकान आदि ओरल कैंसर के संकेत हो सकते हैं। इतना ही नहीं, जब ओरल कैंसर गंभीर रूप लेता है तो सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है।  Also Read - Symptoms of HPV in Men: पुरुषों में भी होता है एचपीवी! जानें क्या हैं इसे लक्षण?

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3. एनल कैंसर

एनल कैंसर को भी एचपीवी वायरस से जोड़कर देखा गया है। डॉ. उदय सिंह बेनीवाल बताती हैं कि एचपीवी संक्रमण से एनल कैंसर का भी गहरा संबंध है। यानी एचपीवी से संक्रमित व्यक्ति को एनल कैंसर हो सकता है। हल्की खुजली, दर्द, ब्लीडिंग, बैठने में दिक्कत आदि एनल कैंसर के संकेत हो सकते हैं। इस स्थिति को ज्यादातर लोग बवासीर समझ लेते हैं, जबकि ऐसा एनल कैंसर की वजह से भी हो सकता है। इसलिए अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करके जांच कराएं।

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4. पेनाइल कैंसर

एचपीवी वायर की वजह से पुरुषों में पेनाइल कैंसर के मामले भी सामने आ सकते हैं। हालांकि, यह एक बेहद दुलर्भ प्रकार का कैंसर है, जो बेहद कम पुरुषों में देखने को मिलता है। लिंग पर घाव, सूजन और गांठ आदि पेनाइल कैंसर के संकेत हो सकते हैं। इसके अलावा, जलन, खुजली और रक्तस्त्राव भी पेनाइल कैंसर की वजह से हो सकते हैं। इस कैंसर का समय पर इलाज बहुत जरूरी है। अन्यथा, यह लिम्फ नोड्स तक फैल सकता है और स्थिति जानलेवा हो सकती है। Also Read - पुरुषों को भी हो सकता है एचपीवी (HVP) इंफेक्शन, बढ़ सकता है इंफर्टिलिटी का खतरा, स्टडी में दावा