यूरिक एसिड का बढ़ने से क्या नुकसान होता है? डॉक्टर से जानें कैसे करें ठीक

Uric Acid Badhne Ke Nuksan: क्या आपका या आपके माता-पिता का यूरिक एसिड बढ़ा रहता है? अगर हां तो इसे नजरअंदार बिल्कुल न करें और सही समय पर सही उपचार अपनाएं।

Written by Vidya Sharma | Published : October 2, 2025 2:30 PM IST

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यूरिक एसिड बढ़ने का नुकसान

आजकल बदलते लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या आम होती जा रही है। यहां तक कि कम उम्र में ही लोगों का बीमारियां लगने लगी हैं। कई लोगों को यूरिक एसिड के बारे में कुछ पता नहीं होता है और जिन्हें पता होता है तो वह इसका उपचार करना जरूरी नहीं समझते हैं। लोगों को यूरिक एसिड बढ़ने के नुकसान और बचावों के बारे में जानना बहुत जरूरी है। इसलिए हमने नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हरीश कुमार कास्वान से बात की। डॉक्टर का कहना है कि लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करना गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है। यूरिक एसिड खून में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है, जो शरीर में प्यूरिन नामक तत्व के टूटने से बनता है। सामान्य मात्रा में यह यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है, लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है तो यह स्वास्थ्य पर कई नकारात्मक प्रभाव डालता है। डॉक्टरों के अनुसार यूरिक एसिड का समय पर इलाज और सही जीवन शैली अपनाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं डॉक्टरों की राय में यूरिक एसिड बढ़ने से होने वाले 5 प्रमुख नुकसान और इससे बचाव के उपाय क्या हैं।

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गठिया और जोड़ो में दर्द

सबसे आम समस्या है गठिया (गाउट), जिसमें यूरिक एसिड क्रिस्टल्स जोड़ो में जमने लगते हैं। इसकी वजह से तेज दर्द, सूजन और जलन होती है। कई बार रात के समय दर्द अचानक बढ़ जाता है और रोगी को चलने-फिरने में कठिनाई होती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो जोड़ों को स्थायी नुकसान हो सकता है। Also Read - यूरिक एसिड बढ़ने पर कौन से डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जानें इस बीमारी के इलाज का प्रोसेस

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किडनी स्टोन बनने का खतरा

यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा बढ़ जाने पर यह गुर्दों में जमकर स्टोन बना सकता है। इससे तेज कमर दर्द, पेशाब में जलन और खून आना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। बार-बार स्टोन बनने पर किडनी की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

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हृदय रोगों का खतरा

हालिया शोध बताते हैं कि उच्च यूरिक एसिड स्तर का संबंध हृदय रोगों से भी है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, धमनियों में रुकावट और हार्ट अटैक की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए यूरिक एसिड की नियमित जांच कराना हृदय रोगों की रोकथाम के लिए भी जरूरी है। Also Read - यूरिक एसिड में खाएं ये धारीदार सब्जी, एक ही झटके में जोड़ों से चूरचूरकर Uric Acid हो जाएगा बाहर

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मोटापा और डायबिटीज से संबंध

जिन लोगों का वजन ज्यादा है या जिन्हें डायबिटीज की समस्या है, उनमें यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है। यह स्थिति शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रिया को बिगाड़ देती है और अन्य बीमारियों का खतरा भी दोगुना कर देती है। डॉक्टरों का कहना है कि मोटापा नियंत्रित करना और शुगर लेवल संतुलित रखना यूरिक एसिड कंट्रोल करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

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लंबे समय तक थकान और कमजोरी

यूरिक एसिड का असंतुलन शरीर में सूजन को बढ़ाता है, जिससे रोगी को लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। कई बार यह स्थिति रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करती है और जीवन की गुणवत्ता पर असर डालती है। Also Read - जोड़ों में जमा यूरिक एसिड को तोड़कर बाहर निकाल फेंकेगी ये स्वादिष्ट चटनी, दर्द और सूजन से भी मिलेगा आराम

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कैसे करें यूरिक एसिड को कंट्रोल?

डॉक्टरों के अनुसार यूरिक एसिड को नियंत्रण में रखने के लिए खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आप अपना खानपान सुधारें और दाल, पालक, मशरूम, रेड मीट और समुद्री भोजन जैसे उच्च प्यूरिन वाले खाद्य पदार्थ कम करें। पानी ज्यादा पिएं क्योंकि शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकालने का सबसे आसान तरीका है अधिक पानी पीना है, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से वजन कम करें, शराब और मीठे पेय से बचें यह यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ाते हैं, ब्लड टेस्ट और डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर चेकअप जरूरी है।