दिल्ली के बड़े आयुर्वेद डॉक्टर ने बताया पाइल्स को जड़ से खत्म करने का तरीका! बिना दवा दर्द-सूजन से मिलेगा आराम

Piles treatment in Hindi : अगर समय रहते इस समस्या का उपचार न किया जाए तो ये गंभीर रूप धारण कर लेती है और आपके शरीर को भारी नुकसान पहुंचाती है। जानें पाइल्स को जड़ से खत्म करने का तरीका।

Written by Jitendra Gupta | Published : September 6, 2022 1:05 PM IST

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पाइल्स को जड़ से खत्म करने का तरीका!

Piles treatment in Hindi : बवासीर (Piles in hindi) एक ऐसी बीमारी है, जो कई बार अनुवांशिक होने के साथ-साथ आपके खान-पान की वजह से भी हो सकती है। इसके भी कई प्रकार है लेकिन ये एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपको दर्द के साथ-साथ खून आने की समस्या भी हो जाती है। अगर समय रहते इस समस्या का उपचार न किया जाए तो ये गंभीर रूप धारण कर लेती है और आपके शरीर को भारी नुकसान पहुंचाती है। बहुत से लोग गूगल पर पाइल्स को जड़ से खत्म करने के तरीके तलाशते हैं लेकिन जब उन्हें तरीका नहीं मिलता तो लेजर या फिर दूसरे तरीके कराने ही पड़ते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं पाइल्स को जड़ से खत्म (Piles treatment in Hindi )करने का आसान तरीका।

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1-जड़ से खत्म हो सकती है पाइल्स (is There A Cure For Piles)

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के डीन डॉ. महेश व्यास का कहना है कि आयुर्वेद की मदद से बवासीर यानी पाइल्स को बिल्कुल ठीक किया जा सकता है। आयुर्वेद में एक विशिष्ट चिकित्सा पद्धति है, जो बवासीर, फिस्तुला और फिशर में काम आती है। इस पद्धति का नाम का क्षार सूत्र है और जब इसका प्रयोग किया जाता है तो बवासीर, फिस्तुला और फिशर को पूर्ण रूप से जड़ से खत्म किया जा सकता है।  Also Read - बोर्ड एग्जाम में कम नंबर से निराश बच्चों को टूटने से कैसे बचाएं? इन 5 बातों का ध्यान जरूर रखें पेरेंट्स

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2-ध्यान रखने योग्य बातें (Important Tips For Piles )

डॉ. महेश व्यास कहते हैं कि आयुर्वेद में पाइल्स के लिए जो चीजें बताई गई हैं उसमें रोगी को खान-पान का विशेष ख्याल रखना चाहिए, जिससे आपको बवासीर से बचने में मदद मिलती है। इन टिप्स को अपनाकर आप बिना दवा पाइल्स को ठीक कर सकते हैं। 1-खाने में ऐसी चीजें शामिल करने से बचें, जो कब्ज पैदा करती हों। 2-मैदा से बनी चीजें, डीप फ्राई फूड्स का सेवन कम से कम करें। 3-पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और दिनभर पानी पीते रहें। 4-इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां, रेशेदार सब्जियां, फलों का सेवन जरूर करें। 5-पेशाब या शौच को रोकने की गलती न करें। जब भी महसूस हो तो उसे रोकें नहीं। 6- ज्यादा जेर तक एक ही सीट पर न बैठें। हार्ड सीट पर बैठने की गलती न करें। 7-वाहन चलाते वक्त गड्ढों से सावधान रहें। 8-बिना भूख लगे खाना न खाएं। अच्छी भूख लगे इस बात का ध्यान रखें। 9-विरुद्ध आहार न लें। 10- नहाने में ठंडा पानी यूज न करें। 11-खाना न पचा हो लेकिन फिर भी भोजन करने की गलती न करें। 12-चावट के आटे से बनी चीजें, सूखे साग, मटर, चना जैसे शरीर में वायु बढ़ाने वाले फूड्स का सेवन न करें। 13-दिन में सोने से बचें। 14-रात का बना हुआ खाना न खाएं और ठंडा खाना खाने से बचें। 15-बालासन नाम के योगासन और डीप ब्रीदिंग करते रहें।

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3- ये जड़ी-बूटियां है कारगर (Ayurvedic Treatment For Piles In Hindi)

डॉ. व्यास कहते हैं कि पाइल्स में काम आने वाली जड़ी बूटियों में शामिल है 1-हरड़ का चूर्णः ये चूर्ण वायु को कम करने का काम करता है। 2-तक्रारिष्टः तक्रारिष्ट बटरमिल्क को बोलते हैं और ये बवासीर के लिए ये सबसे अच्छी दवा है। 3-अग्निकर्माः अग्निकर्मा का प्रयोग बवासीर में किया जाता है। लेकिन ये सिर्फ चिकित्सालय में किया जाता है।  Also Read - गर्मियों में इन 5 तरीकों से रखें अपने चेहरी की त्वचा का ध्यान, हर कोई पूछेगा कैसे आया इतना ग्लो?

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4-इनके नुकसान (Side Effects Of Ayurvdic Medicine In Hindi)

डॉ. महेश व्यास कहते हैं कि आयुर्वेद में बवासीर के लिए लिखी किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। हां, आपको समय पर खान-पान का ध्यान रखना चाहिए। सूखी सब्जी खाने से बचें। ये चीजें आप घर पर कर सकते हैं। गर्म पानी से अवगाह लें। अगर आपको दर्द, सूजन ज्यादा है तो डॉक्टर को बताएं और उसके सुझावों का पालन करें।

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5-कितने वक्त में मिलता है आराम (How Much Time Take Ayurveda Cure Piles)

डॉ. महेश व्यास कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को कब्ज की वजह से ये दिक्कत हुई है तो सिर्फ कब्ज की दवा लेकर भी इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। जड़ से खत्म होने के लिए कुछ चीजों पर निर्भरता जरूरी है कि आप दवा टाइम पर लें और बताए गए सुझावों का पालन करें।  Also Read - क्या खाली पेट केला खा सकते हैं? जानें कौन-खाएं और कौन-परहेज करें

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6-एलोपैथी से आयुर्वेद बेहतर? (allopathy Or Ayurveda Which Is Better)

डॉ. महेश व्यास कहते हैं कि बवासीर में आप जो चाहें वो तरीका अपना सकते हैं लेकिन मौजूदा वक्त में एलोपैथी के डॉक्टर भी श्रार सूत्र की सलाह दे रहे हैं क्योंकि इससे ठीक होने वाले रोगी को वापस से ये परेशानी होने की संभावना बहुत कम होती है। हां, आप बाकी थेरेपी भी कर सकते हैं, जो आपको आराम पहुंचाएं।