हाइपरटेंशन क्या होता है? डायबिटीज या अन्य बीमारियों के साथ ये बॉडी पर क्या असर डालता है?

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Hypertension Kya Hota Hai: हाइपरटेंशन यानी कि हाई बीपी की समस्या, जो आजकल किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो रही है। लेकिन वो लोग जिन्हें डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी के साथ Hypertension है, तो इससे उनके शरीर पर क्या असर पड़ता है? आइए जानते हैं।

Written by Vidya Sharma | Published : January 17, 2026 11:41 AM IST

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डॉक्टर से जानें हाइपरटेंशन क्या होता है?

हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण साफ तौर पर नजर नहीं आते, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर के कई अहम अंगों को नुकसान पहुंचाता है। एशियन हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के हेयर और एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर सुनील राणा का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण भारत में हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर जब यह डायबिटीज, माइग्रेन या हृदय रोग जैसी बीमारियों के साथ जुड़ जाता है, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं हाइपरटेंशन का अलग-अलग बीमारियों वाले व्यक्तियों पर कैसा असर पड़ता है।

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हाइपरटेंशन क्या होता है?

जब धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से लगातार अधिक बना रहता है, तो इसे हाइपरटेंशन कहा जाता है। सामान्य तौर पर 120/80 mmHg को सामान्य माना जाता है, जबकि इससे अधिक रीडिंग लंबे समय तक रहने पर हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति बन जाती है। डॉक्टर कहते हैं ‘हाइपरटेंशन अपने आप में एक गंभीर समस्या है, लेकिन जब यह दूसरी बीमारियों के साथ होता है, तो शरीर पर इसका असर कहीं ज्यादा खतरनाक हो जाता है।’ Also Read - गोल-मटोल बच्चे Cute लगते हैं? लेकिन इन 5 बीमारियों का कारण बन सकता है बचपन का मोटापा

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डायबिटीज के साथ हाइपरटेंशन

डायबिटीज और हाइपरटेंशन का कॉम्बिनेशन सबसे खतरनाक माना जाता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेल होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हाई ब्लड शुगर और हाई बीपी मिलकर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है। डॉक्टर राणा बताते हैं कि ‘डायबिटीज के मरीजों में अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल में न रहे, तो हार्ट और किडनी से जुड़ी जटिलताएं जल्दी सामने आती हैं।’

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माइग्रेन के साथ हाइपरटेंशन

माइग्रेन से पीड़ित लोगों में हाइपरटेंशन सिरदर्द की तीव्रता और फ्रीक्वेंसी को बढ़ा सकता है। हाई बीपी के कारण दिमाग की रक्त नलिकाओं पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिरदर्द ज्यादा गंभीर हो जाता है। डॉ. कहते हैं, ‘माइग्रेन के मरीज अगर अपने ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करते हैं, तो दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है और दवाओं का असर भी कम हो जाता है।’ Also Read - मां बनने के बाद हो जाता है Silent Depression, जानें इसके लक्षण और कैसे करें बचाव

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हृदय रोग के साथ हाइपरटेंशन

डॉक्टर कहते हैं कि हाइपरटेंशन हृदय रोग का सबसे बड़ा जोखिम कारक है। यह हार्ट की मांसपेशियों को मोटा कर देता है, जिससे दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। नतीजतन हार्ट फेल्योर और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

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किडनी रोग के साथ हाइपरटेंशन

हाई ब्लड प्रेशर किडनी की फिल्टर करने की क्षमता को नुकसान पहुंचाता है। वहीं, किडनी की बीमारी होने पर बीपी और ज्यादा बढ़ सकता है, जिससे एक दुष्चक्र बन जाता है। Also Read - महिलाएं अक्सर शुरुआत में इग्नोर कर देती हैं ब्रेस्ट कैंसर के ये 4 लक्षण, किसी भी उम्र दिख सकते हैं ये संकेत

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मोटापा और हाइपरटेंशन

मोटापा हाइपरटेंशन को जन्म देता है और इसे और गंभीर बनाता है। अधिक वजन के कारण शरीर को ज्यादा खून की जरूरत होती है, जिससे धमनियों पर दबाव बढ़ता है। एक्सपर्ट के अनुसार ‘संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और समय-समय पर जांच से हाइपरटेंशन और उससे जुड़ी बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।’ हाइपरटेंशन को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, खासकर जब यह दूसरी बीमारियों के साथ मौजूद हो। समय रहते जांच, सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।