सपने में बार-बार सेम चीजें आने का क्या मतलब है? क्या यह मानसिक बीमारी का संकेत है?

Verified VERIFIED By: Dr. Malini Saba

Sapne Mai Ek Chij Repeat Kyu Hoti Hai: क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि कोई एक व्यक्ति या घटना, सपने में बार-बार घट रही हो या दिख रहा हो? आपको इसे लेकर ज्यादा स्ट्रेस लेने की जरूरत नहीं है। आइए आपको बताते हैं साइकोलॉजिस्ट इस विषय पर क्या कहते हैं।

Written by Vidya Sharma | Published : January 8, 2026 6:36 PM IST

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सपनों से कैसे डील करें?

Ek Dream Repeat Hone Ka Karan: कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि उन्हें बार-बार एक ही सपना आता है। कभी गिरने का, कभी किसी से भागने का, कभी परीक्षा में फेल होने का या किसी पुराने रिश्ते का। ऐसे सपनों के बाद मन में सवाल उठता है कि क्या यह किसी मानसिक बीमारी का संकेत है या दिमाग कुछ कहना चाहता है। ऐसा क्यों होता है? इस बात का जवाब पाने के लिए हमने साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा से बात की। उन्होंने बताया कि बार-बार एक जैसे सपने आना आम बात है और ज्यादातर मामलों में यह बीमारी नहीं होती।' आइए और जानते हैं उन्होंने क्या कहा।

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बार-बार आने वाले सपने क्या बताते हैं

दिमाग जब दिन में किसी बात को ठीक से समझ या स्वीकार नहीं कर पाता, तो वह उसे सपनों के जरिए सामने लाता है। यह अधूरी भावनाएं, दबा हुआ डर, पुराना तनाव या अनसुलझे रिश्ते हो सकते हैं। ये सब सपनों में बार-बार दिख सकते हैं। Also Read - पुरुष कम उम्र में गंजे क्यों हो रहे हैं लोग? क्या गंजेपन को रोका जा सकता है?

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ऐसे सपने क्यों दोहराए जाते हैं

साइकोलॉजी के अनुसार दिमाग तब तक वही सपना दोहराता है जब तक वह समस्या अंदर से सुलझ नहीं जाती। उदाहरण के लिए बार-बार गिरने का सपना असुरक्षा या नियंत्रण खोने का डर दिखा सकता है। पीछा किए जाने का सपना किसी समस्या से भागने की भावना को दिखाता है। परीक्षा वाला सपना खुद पर दबाव या असफलता का डर दर्शा सकता है। ये सपने चेतावनी नहीं, बल्कि भावनात्मक संकेत होते हैं।

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क्या यह मानसिक बीमारी का संकेत है

डॉक्टर ने बताया कि ऐसा ज्यादातर मामलों में नहीं होता है। बार-बार सपने आना तनाव, ओवरथिंकिंग, नींद की कमी या भावनात्मक थकान का संकेत हो सकता है, न कि मानसिक बीमारी का। हालांकि अगर सपनों के साथ ये समस्याएं हों तो ध्यान देना जरूरी है। जैसे- नींद से डर लगना, दिनभर घबराहट रहना, काम या रिश्तों पर असर पड़ना, बार-बार डरावने सपनों से नींद टूटना आदि। Also Read - बेबी स्ट्रॉलर पर चिपके पॉल्यूटेंट और धूल मिट्टी से बच्चे पड़ सकते हैं बीमार, इस तरह करें केयर

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सपने दिमाग कैसे बनाता है

नींद के दौरान दिमाग यादों को सहेजता है, भावनाओं को प्रोसेस करता है और दिनभर के अनुभवों को समझता है। जब कोई भावना बहुत भारी होती है, तो वह सपना बनकर बार-बार सामने आती है।

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बार-बार सेम सपना आएं तो क्या करें?

सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन कम करें, दिन की परेशानियों को लिख लें, खुद से पूछें कि मैं किस बात से बच रहा/रही हूं, नींद का रूटीन ठीक करें, जरूरत लगे तो किसी सेक्सोलॉजिस्ट से बात करें। सपनों से डरने की जरूरत नहीं है। सपने भविष्य नहीं बताते, वे दिमाग की भाषा होते हैं। सपनों हमें डराने नहीं, बल्कि समझाने आते हैं। बार-बार एक ही सपना आना मानसिक बीमारी नहीं है। यह संकेत है कि आपका मन किसी बात पर ध्यान देना चाहता है। अगर आप अपने डर, तनाव और भावनाओं को समझने की कोशिश करेंगे, तो सपने खुद-ब-खुद बदलने लगते हैं। दिमाग जब बोल नहीं पाता, तो सपनों के जरिए बात करता है। Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - अंडे से भी ज्यादा प्रोटीन है इस एक सस्ती चीज में, सन्यासी आयुर्वेदा बोले 'गरीबों का सुपर फूड'