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रात को सोते समय पैरों में जलन क्यों होती है?

Pero Mai Jalan Hone Ka Karan: क्या आपके पैरों में कभी भी जलन शुरू हो जाती है? अगर हां तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर की बताई इन बातों पर जरूर ध्यान दें।

Written By Vidya Sharma
Published : August 4, 2025 3:18 PM IST

पैरों की झनझनाहट का कारण

Raat Ko Pero Mai Jalan Kyu Hoti Hai: आप में से कई लोग होंगे जिन्हें रात को सोने से पहले, दौरान व बाद में पैरों पर जलन होती होगी। कई लोग इसे अनदेखा कर देते हैं तो कुछ इस समस्या को ठीक करने के लिए तरह-तरह की दवाइयां खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है? दरअसल रात को सोते समय पैरों में जलन एक आम समस्या हो सकती है। यह समस्या धीमे-धीमे बढ़ती है और व्यक्ति के लिए असहज हालात पैदा कर सकती है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। हमने फोर्टिस हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत बंगा से बात की और पूछा कि 'आखिर रात को सोते समय पैरों में जलन क्यों होती है?' तो उन्होंने इसके 5 ऐसे कारण बताए, जिन्हें जानने के बाद आप तुरंत ही डॉक्टर को कंसल्ट करना चाहेंगे। आइए जानते हैं डॉक्टर ने क्या जानकारी शेयर की।

नर्वस सिस्टम की समस्याएं (Nerve Problems)

रात के समय पैरों में जलन बड़े जोखिम का संकेत हो सकती है। यह स्थिति न्यूरोपैथी (neuropathy) के कारण हो सकती है, जिसमें नसों में क्षति होने पर जलन, दर्द, सुन्नपन या झनझनाहट का एहसास होता है। शुगर की बीमारी (diabetes) या विटामिन बी12 डेफिसिएंसी (विटामिन B12) जैसी बीमारियां नसों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे जलन का एहसास होता है।

रक्त संचार में समस्या (Poor Circulation)

अगर रक्त संचार सही ढंग से नहीं हो रहा हो तो शरीर के निचले हिस्से, जैसे पैरों में, रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं पहुंच पाता। इससे पैरों में सूजन, जलन और ऐंठन की समस्या हो सकती है। खासकर अगर व्यक्ति लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठा रहे या सोते समय पैरों की स्थिति असहज हो जाए, तो रक्त संचार में रुकावट हो सकती है।

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पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन (Muscle Cramps)

रात को सोते समय पैरों में ऐंठन या मांसपेशियों के अकड़ने की समस्या बहुत ही अधिक होती है। यह ज्यादातर मिनरल्स की कमी (जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, या मैग्नीशियम) या बहुत ज्यादा थकान के कारण हो सकता है। जब मांसपेशियों में ऐंठन होती है, तो कभी-कभी जलन का अहसास भी हो सकता है। ऐसी समस्या अधिकतर गर्मी के मौसम में, या अगर व्यक्ति ने पूरे दिन बहुत ज्यादा शारीरिक काम किया हो, तब होती है।

त्वचा से जुड़ी पैरों की समस्याएं (Skin and Foot Health Issues)

कभी-कभी पैरों में जलन का कारण त्वचा संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, जैसे एटोपिक डर्मेटाइटिस (atopic dermatitis) या पसीने से संबंधित रिएक्शन। इन स्किन प्रॉब्लम्स में खुजली और जलन महसूस हो सकती है। इसके अलावा, फंगल इंफेक्शन या एथलीट फुट (athlete's foot) जैसी स्थितियां भी पैरों में जलन का कारण बन सकती हैं। इन इंफेक्शन में,रात के समय जलन और असहजता बढ़ सकती है।

हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes)

हार्मोनल इम्बैलेंस भी पैरों में जलन का कारण हो सकता है। खासकर महिलाओं में गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति (menopause) या मासिक धर्म के दौरान हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो पैरों में जलन और ऐंठन को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप थायराइड की समस्या से गुजर रहे हैं, तो यह भी नसों और मांसपेशियों पर प्रभाव डाल सकती है, जिससे जलन महसूस होती है। रात को पैरों में जलन होना एक संकेत हो सकता है कि शरीर में कुछ बदलाव हो रहे हैं या कुछ स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो यह जरूरी है कि आप एक डॉक्टर से संपर्क करें। यह जरूरी है कि आप अपने लाइफस्टाइल, आहार, और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें, ताकि आप इस समस्या को रोकने या नियंत्रित करने में सफल हो सके।