अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? भूल से भी न करें अनदेखा

Verified VERIFIED By: Dr. Malini Saba

Alzheimer's Disease: क्या आप भी चीजें रखकर भूल जाते हैं या घर से निकलते हैं और भूलकर कहीं और चले जाते हैं? ये सभी लक्षण अल्जाइमर के हो सकते हैं। आइए हम विस्तार से जानें इस बीमारी के शुरुआती लक्षण क्या हैं।

Written by Vidya Sharma | Published : September 16, 2025 6:32 PM IST

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अल्जाइमर के लक्षण

Alzheimer's Disease Ke Kya Lakshan Hai: अल्जाइमर सिर्फ उम्र बढ़ने की समस्या नहीं है। यह एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करती है। अक्सर लोग इसे ‘थोड़ी भूल हो जाती है’ मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन शुरुआती संकेतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं आज हम साइकोलॉजिस्ट, ह्यूमन राइट्स एडवोकेट और वुमन राइट्स एक्टिविस्ट डॉ. मालिनी सबा से जानते हैं कि किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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छोटी-छोटी भूलें

शुरुआत में अक्सर लोग छोटी-छोटी बातें भूलने लगते हैं- जैसे हाल ही में हुई बातचीत याद न रहना, सामान रखने की जगह भूल जाना या रोजमर्रा के काम भूल जाना। कभी-कभी यह मामूली लग सकता है, लेकिन अगर बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉ मालिनी सबा कहती हैं, “ये छोटी भूलें ही बीमारी की शुरुआती चेतावनी देती हैं।” Also Read - दिमाग ही नहीं, पूरी शरीर पर पड़ता है अल्जाइमर का असर, जानें कैसे बिगाड़ता है पूरा स्वास्थ्य

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समय और जगह में उलझन

अल्जाइमर के शुरुआती दौर में व्यक्ति अपने आसपास के समय और जगह को लेकर भ्रमित हो सकता है। कभी घर के अंदर रास्ता भूल जाना, तारीख या समय याद न रहना, या बाहर जाते समय दिशा भटक जाना सामान्य नहीं है। इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

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बात करने और शब्दों में बदलाव

शुरुआती अल्जाइमर में सही शब्द याद न रहना या बार-बार एक ही शब्द बोलना आम है। कभी-कभी वाक्य अधूरे रह जाते हैं। डॉ. मालिनी सबा कहती हैं कि रोगी को शर्मिंदगी या दबाव महसूस न हो। प्यार और धैर्य से बातचीत करना उन्हें सहज महसूस कराता है। Also Read - अल्जाइमर का इलाज क्या है? डॉक्टर से जानें

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छोटे निर्णय लेने में दिक्कत

पहले आसान लगने वाले काम- जैसे बिल भरना, खाना बनाना या खरीदारी करना-अचानक मुश्किल लगने लगते हैं। यह संकेत है कि मस्तिष्क का योजना बनाने वाला हिस्सा प्रभावित हो रहा है।

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मूड और व्यवहार में बदलाव

अल्जाइमर से प्रभावित व्यक्ति कभी-कभी चिड़चिड़ा, उदास या भ्रमित महसूस करता है। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा, अचानक उदासी या ध्यान केंद्रित न कर पाना सामान्य बदलाव नहीं है। डॉ. मालिनी सबा बताती हैं कि प्यार और धैर्य के साथ देखभाल करने से ये बदलाव नियंत्रित किए जा सकते हैं। Also Read - अल्जाइमर क्या होता है? जानें किन लोगों को होती है यह बीमारी

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चीजें बार-बार गलत जगह रखना

रोजमर्रा की चीजें जैसे चश्मा, पर्स या मोबाइल बार-बार गलत जगह रखना और उन्हें ढूंढ न पाना शुरुआती संकेत हैं। इसे नजरअंदाज न करें। डॉ मालिनी सबा कहती हैं, “शुरुआती लक्षणों को पहचानना रोगी और परिवार दोनों के लिए बहुत जरूरी है। प्यार, समझ और समय पर सही कदम-यही सबसे बड़ा बचाव है।” छोटे बदलाव कभी मामूली नहीं होते। अगर आप या आपके प्रियजन इनमें से कोई लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। यह कदम न केवल रोग की प्रगति को धीमा करता है, बल्कि जीवन को सुरक्षित और खुशहाल बनाए रखता है।