इंसुलिन की कमी से बढ़ता है डायबिटीज, इन 5 नैचुरल तरीकों से बढ़ाएं इस हार्मोन का उत्पादन

डायबिटीज में इंसुलिन सेंसिटिविटी कम हो जाती है। जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। यहां पढ़ें कुछ ऐसे तरीके जिनसे इंसुलिन का स्तर नैचुरली बढ़ सकता है। (Tips to boost Insulin Sensitivity)

Written by Sadhna Tiwari | Updated : February 17, 2021 7:07 AM IST

1/7

Diabetes-blood-test

Insulin Sensitivity: हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज के मरीज़ों में से कई लोगों को आपने अक्सर इंसुलिन का डोज लेते देखा होगा। डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए इंसुलिन की आवश्यकता पड़ती है। इंसुलिन एक हार्मोन है जिसका उत्पादन हमारे अग्नाशय या पैंक्रियाज़ द्वारा होता है। लेकिन, डायबिटीज के मरीज़ों में यह हार्मोन बन नहीं पाता। जहां टाइप 1 डायबिटीज में यह समस्या जन्मजात होती है। वहीं, टाइप 2 डायबिटीज होने की वजह इंसुलिन के कम उत्पादन या शरीर द्वारा उसके सही इस्तेमाल ना कर पाने के कारण होता है। इस स्थिति को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है। जबकि, शरीर द्वारा इंसुलिन को सही तरीके से इस्तेमाल करने की प्रक्रिया इंसुलिन सेंसटिविटी ( Insulin Sensitivity ) कहलाती है। (Tips to Boost Insulin Production in body)

2/7

Insulin

क्यों ज़रूरी है इंसुलिन? (What is Insulin and its Significance) डायजेस्टिव सिस्टम भोजन से प्राप्त कार्ब्स को ग्लूकोज़ में तब्दील करता है। वहीं, तो, इंसुलिन इस ग्लूकोज़ और भोजन से प्राप्त फैट के मेटाबॉलिज्म को संचालित करता है। इंसुलिन शरीर को भोजन से प्राप्त ऊर्जा के इस्तेमाल में सहायता करता है। इसीलिए, जब शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है तो सेल्स को ग्लूकोज़ से एनर्जी प्राप्त नहीं हो पाती। ऐसे में बॉडी, वसा या फैट से शक्ति प्राप्त करने लगता है। यह सेहत के लिए एक नुकसानदायक स्थिति है। सरल शब्दों में कहें तो इंसुलिन फैट से शक्ति प्राप्त करने से शरीर को रोकता है और सेहत को बेहतर रखने में मदद करता है। शरीर द्वारा इंसुलिन का प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए आप ये नैचुरल तरीके अपना सकते हैं। (Tips to boost Insulin Sensitivity in Body) Also Read - बोर्ड एग्जाम में कम नंबर से निराश बच्चों को टूटने से कैसे बचाएं? इन 5 बातों का ध्यान जरूर रखें पेरेंट्स

3/7

Weightlifting

फिजिकली एक्टिव रहें- सुस्त, आलसी और कसरत ना करने वाले लोगों में डायबिटीज का रिस्क बहुत अधिक होता है।जबकि, फिजिकली एक्टिव रहने से इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है। जिससे, डायबिटीज के लक्षण भी कम होते हैं और आप एनर्जेटिक और फ्रेश भी महसूस करते हैं।

4/7

Weight-related-issues

वेट लॉस- मोटापा (Obesity) डायबिटीज की स्थिति को गम्भीर बना सकता है। मोटापा डायबिटीज का एक बड़ा कारण भी है। इसीलिए, आपको अपना वजन नियंत्रण में रखना चाहिए। वेट लॉस के लिए सही लाइफस्टाइल, कसरत और डायट की मदद लें। इससे, इंसुलिन का स्तर बेहतर होगा।  Also Read - गर्मियों में इन 5 तरीकों से रखें अपने चेहरी की त्वचा का ध्यान, हर कोई पूछेगा कैसे आया इतना ग्लो?

5/7

Fiber-rich-food

फाइबर रिच फूड खाएं- डायटरी फाइबर शरीर का मेटाबॉलिज्म (Metabolism) बढ़ाता है। जिससे, वेट लॉस होता है, पाचन तंत्र सही तरीके से काम करता है और शरीर की कार्यप्रणालियां सही तरीके से काम करती हैं। (Benefits of Eating Fiber Rich food in diabetes)

6/7

Keto-diet-hindi

डायट का रखें ख्याल- डायबिटीज मैनेजमेंट और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने में डायट यानि आहार की बहुत बड़ी भूमिका। आप जो भी खाते हैं उसके आधार पर आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ता या घटता है। इसपर इंसुलिन रेजिस्टेंस और इंसुलिन सेंसिटिविटी भी निर्भर करती है। इसीलिए अपनी डायट पर विशेष ध्यान दें। आंवला, जामुन, करेला, ब्रोकली और भिंडी जैसी सब्ज़ियों और फलों का सेवन करें। आलू, शक्कर, मीठे फल और स्टार्च वाले फूड्स के सेवन से परहेज करें। (Diabetes Diet Tips)  Also Read - क्या खाली पेट केला खा सकते हैं? जानें कौन-खाएं और कौन-परहेज करें

7/7

Sleeping

8 घंटें की नींद है ज़रूरी- नींद की कमी से तनाव (stress) बढ़ता है जो कि डायबिटीज का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा हार्ट डिज़िज़ेज और मोटापा जैसी समस्याओं का रिस्क भी नींद की कमी से बढ़ जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोज़ाना 8 घंटे की नींद लेने से शरीर में इंसुलिन का उत्पादन बढ़ता है और डायबिटीज का रिस्क कम होता है। (Why sleeping is important in Diabetes)