पुरुषों में टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण हैं स्क्रूटम में सिकुड़न और दर्द, 80% पुरुषों को लास्‍ट स्‍टेज में चलता है पता

Testicular Cancer In Men: वैसे तो हमारे देश में पुरुषों में टेस्टिकुलर कैंसर बहुत दुर्लभ है लेकिन इसके बारे में पुरुषों का पता होना इसलिए जरूरी है क्‍योंकि इसके शुरुआती लक्षण कुछ साफ नहीं होते हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 16, 2021, 2:33 PM

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पुरुषों को पता होना चाहिए टेस्टिकुलर कैंसर के बारे में (Testicular Cancer In Men)

टेस्टिकुलर कैंसर (Testicular Cancer) को हिंदी में अंडकोष कैंसर कहते हैं। वैसे तो यह कैंसर पुरुषों में बहुत दुर्लभ है लेकिन इसके बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। एक्‍सपर्ट कहते हैं कि भारत में टेस्टिकुलर कैंसर के केस बहुत आते हैं। यू समझिए कि भारत में 1 लाख पुरुषों में से सिर्फ 1 को अंडकोष कैंसर (Andkosh Cancer) होता है। एक वेबसाइट के अनुसार मैक्‍स अस्‍पताल साकेत के डॉक्‍टर पुनीत अहलूवालिया, कंसल्‍टेंट, यूरोलॉजी आनकालॉजी एंड रोबोटिक सर्जरी कहते हैं कि टेस्टिकुलर कैंसर टेस्टिकल में होता है, जो पुरुषों के रिप्रोडक्‍शन सिस्‍टम का एक पार्ट है। वैसे तो भारत में पुरुषों को न के बराकर अंडकोष का कैंसर होता है, लेकिन फिर भी इसके बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि जब पुरुषों में टेस्टिकुलर कैंसर की शुरुआत होती है तो कई तरह के शुरुआती लक्षण दिखते हैं। जिन्‍हें पहचानकर समय पर इलाज शुरू किया जाए तो जान का जोखिम नहीं होता है। Men's Health Week के मौके पर जानते हैं कि पुरुषों के लिए टेस्टिकुलर कैंसर (Testicular Cancer In Men In Hindi) के बारे में जानना क्‍यों जरूरी है।

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कैंसर की शुरुआती स्‍टेज में इलाज होना है जरूरी (Important To Be Treated In The Early Stage Of Cancer)

रिसर्च बताती हैं कि भारत में आधे से ज्‍यादा पुरुषों को ये पता ही नहीं है कि टेस्टिकुलर कैंसर भी होता है। जबकि कुछ पुरुष ऐसे भी हैं जो रिप्रोडक्टिव सिस्टम में किसी भी बदलाव को कैंसर समझ लेते हैं। जैसे कि टेस्‍टिकल में गांठ होना सिर्फ कैंसर का लक्षण नहीं है, बल्कि से स्थिति एपिडीडिमल सिस्ट, टेस्टिकुलर माइक्रोलिथियासिस और अपेंडिक्स टेस्टिस हो सकता है जो बहुत दर्दनाक होता है। अगर पुरुषों को लास्‍ट स्‍टेज तक टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण समझ नहीं आते हैं और इलाज शुरू नहीं किया जाता है तो मौत हो सकती है। कैंसर की शुरुआती स्‍टेज में ही इलाज होना बहुत जरूरी है। Also Read - मिलावटी हींग तो नहीं खा रहे आप? FSSAI से जानें शुद्ध की पहचान करने का तरीका

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टेस्टिकुलर कैंसर के शुरुआती लक्षण (Early Sign Of Testicular Cancer)

टेस्टिकल्‍स या अंडकोष में गांठ होना, टेस्टिकल्‍स का सिकुड़ना, स्क्रूटम या टेस्टिकल्‍स का बढ़ जाना या सूजन आना, स्क्रूटम में लिक्विड जमा होना, स्क्रूटम में भारीपन महसूस होना, लोवर एब्‍डोमन या ग्राइन में एक्‍ने होना, टेस्टिकल्‍स में दर्द होना या असहज होन, पुरुषों की ब्रेस्‍ट का बढ़ना, रेट्रोपेरिटोनियल बीमारी फैलने के कारण पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना, आदि। इसके आलवा कुछ पुरुषों को खांसी, सांस लेने में दिक्‍कत और छाती में सूजन जैसे लक्षण भी दिखते हैं। हालांकि ये बहुत रेयर हैं।

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क्‍यों होता है ट‍ेस्टिकुलर कैंसर (Causes Of Testicular Cancer)

टेस्टिकुलर कैंसर होने का खतर उन लोगों को ज्‍यादा रहता है जिनके जीन में ये बीमारी होती है। इसके अलावा क्रिप्टोर्चिडिज्म और इनफर्टिलिटी भी अंडकोष में कैंसर का एक कारण हो सकती है। यदि कैंसर का समय रहते इजाज शुरू कराया जाया तो जान बच सकती है। Also Read - क्या गर्मियों में सेनेटरी पैड्स यूज करने से फंगल इंफेक्शन हो सकता है? VIDEO में डॉक्टर दे रहे हैं जबाव

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टेस्टिकुलर कैंसर की कितनी स्‍टेज होती हैं (Stages Of Testicular Cancer)

इस कैंसर की 3 स्‍टेज होती है। पहली स्‍टेज में कैंसर सिर्फ टेस्टिकल में होता है और शरीर में अन्‍य हिस्‍सों में नहीं गया होता। टेस्टिकल कैंसर की दूसरी स्‍टेज में कैंसर पेट के लिंफ नॉड या पेट के आसापस तक पहुचं जाता है। कैंसर की तीसरी और आखिरी स्‍टेज में टेस्टिकुलर कैंसर लिवर, फेफड़े, ब्रेन और हड्डियों तक पहुचं जाता है।

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