जन्नत का तोहफा है केसर, ऐसे करें असली केसर की पहचान

अपने खास गुणों के कारण कश्मीिरी केसर ईरानी केसर से भी ज्या दा मांग में रहती है इसलिए इसमें कुछ लोग मिलावट भी करते हैं, पर आप इस साधारण तरीके से कर सकते हैं असली केसर की पहचान।

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Written By: Yogita Yadav | Updated: December 20, 2018, 1:37 PM

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दुनिया भर में भारतीय केसर का कोई मुकाबला नहीं है। हालांकि सबसे ज्याजदा केसर ईरान में पैदा होती है फि‍र भी अपने खास गुणों के कारण दुनिया भर में कश्मीबरी केसर की मांग है। यह सर्दियों में होने वाली तमाम तरह की शारीरिक समस्याईओं से निजात दिलाने के साथ ही सौंदर्य में भी बढ़ोतरी करती है। पर क्याम आप जानते हैं कि बाजार में मौजूद 80 फीसदी से ज्याहदा केसर मिलावटी है। हम बता रहे हैं आपको कि कैसे करें असली केसर की पहचान-

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सर्दियों का हमला : सर्दियों के मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी, संक्रमण और बुखार या फ्लू बहुत फैल जाते हैं। इस दौरान ठंड भी शरीर को आसानी से लग जाती है। सर्दियों में इम्यू निटी कमजोर होने से बीमारियां जल्दीय ही आपको पकड़ लेती हैं। केसर ठंड के इन हमलों से आपका बचाव करती है। हर रोज केसर मिला दूध पीने से शरीर की इम्यूेनिटी बढ़ती है और चेहरा भी ग्लोआ करने लगता है।  Also Read - बार-बार थकान व कमजोरी का कारण हो सकती है प्रोटीन की कमी, जानें कैसे बढ़ाए Protein Intake

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खास है केसर : केसर असल में केसर के फूलों के मध्यम में मौजूद रेशे होते हैं। जिन्हेंन भोर अंधेरे फूलों से चुना जाता है। फि‍र इन्हेंं सुखा कर छोटी छोटी डिब्बियों में पैक किया जाता है। केसर के एक फूल में छह रेशे होते हैं, इनमें से तीन केसरी रंग के और तीन गहरे पीले रंग के होते हैं। केसर के लिए केवल तीन केसरी रेशे ही चुने जाते हैं। ज‍बकि कुछ लोग मुनाफा कमाने के लिए इन पीले रंग के रेशों को भी केसर में मिला देते हैं। जबकि कुछ लोग अन्य‍ फूलों में मौजूद रेशों को केसरी रंग मे रंग कर बेच देते हैं।

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ऐसे करें असली-नकली की पहचान : असली और नकली केसर की पहचान करने के लिए किसी बड़ी भारी मशीनरी की जरूरत नहीं है। आप खुद भी बहुत आराम से इसकी पहचान कर सकते हैं। कटोरी में थोड़ा सा पानी लेकर उसमें केसर के रेशे को डालें। थोड़ा सा हिलाने पर कटोरी का पानी केसर के रंग का हो जाएगा। असली और नकली दोनों तरह के केसर का रंग पानी पर आ जाएगा। पर असली केसर पानी में घुलने के बाद भी अपने उसी रंग में रहेगा। जबकि नकली केसर अपने असली सफेद या पीले रंग में आ जाएगा। तो इस तरह बहुत आसानी से की जा सकती है असली और नकली केसर की पहचान। Also Read - प्रेग्नेंसी में नाइट शिफ्ट जॉब करना कितना है सुरक्षित? बता रहे हैं डॉक्टर

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इस तरह करें उपयोग : केसर के सेवन का सबसे उत्त म तरीका है उसे दूध में मिलाकर पीना। एक गिलास गुनगुने दूध में केसर के एक या दो रेशे ही मिलाएं। इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए इससे ज्यासदा मात्रा हानिकारक हो सकती है। अगर आप पहली बार केसर वाला दूध पी रहे हैं तो हर रोज पीने से बचें। आप इसका सेवन एक दिन छोड़कर भी कर सकते हैं। खीर और हलवे का स्वातद बढ़ाने के लिए भी केसर का इस्तेपमाल किया जा सकता है।

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