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बालों में बार-बार कलर करने से बढ़ जाता है कैंसर समेत इन 5 खतरनाक बीमारियों का खतरा

Hair Color Karne ke Side Effect: सफेद बालों को कलर की मदद से छिपाया जा सकता है, लेकिन क्या आपको पता है बार-बार कलर करना कैंसर समेत कई बड़ी बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : August 20, 2025, 7:31 AM

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बार-बार हेयर कलर करने के नुकसान

Hair Color Karne ke Nuksan: बालों को कलर करना कुछ लोगों के लिए फैशन बन चुका है तो कुछ लोगों के लिए मजबूरी भी है। यही कारण हैकि आज मार्केट में न जानें कितने हेयर कलर के प्रोडक्ट्स मिल जाते हैं। युवाओं से लेकर उम्रदराज़ लोग तक अलग-अलग शेड्स और स्टाइल्स को अपनाने लगे हैं। हालांकि यह बदलाव आकर्षक दिखने में मदद करता है, लेकिन बार-बार बालों में केमिकलयुक्त डाई का इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है और क्या आप जानते हैं कि लगातार हेयर कलर लगाने से शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं? इनमें मौजूद केमिकल्स न सिर्फ बालों की सेहत बिगाड़ते हैं, बल्कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं हेयर कलर से जुड़ी 5 खतरनाक बीमारियां।

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कैंसर का खतरा

हेयर डाई में अमोनिया, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और पी-फेनिलीन डायमीन (PPD) जैसे केमिकल पाए जाते हैं। ये तत्व लंबे समय तक स्कैल्प के जरिए शरीर में पहुंचकर *ब्लैडर कैंसर और ल्यूकेमिया* जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। शोध बताते हैं कि बार-बार हेयर डाई का उपयोग करने वालों में कैंसर का रिस्क ज्यादा पाया गया है। Also Read - बारिश के मौसम में AC चलाना सही है या नहीं? एक्सपर्ट से जानिए

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एलर्जी व स्किन रिएक्शन

हेयर कलर में मौजूद पी पी डी और अन्य रसायन कई लोगों में स्किन एलर्जी, खुजली, लालपन और सूजन का कारण बनते हैं। कई बार यह एलर्जी इतनी गंभीर हो जाती है कि चेहरे और आंखों तक फैल सकती है। खासतौर पर अगर आप पहली बार कोई कलर आजमा रहे हैं, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

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श्वसन संबंधी समस्या

कलर लगाने के दौरान निकलने वाली तेज़ गंध और केमिकल्स के कण सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंच सकते हैं। इससे दम घुटना, अस्थमा और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से एलर्जी या दमा है। Also Read - मानसून में फंगल इंफेक्शन के लिए घरेलू नुस्खे आजमाना सही है? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

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हॉर्मोनल असंतुलन

कुछ रिसर्च में पाया गया है कि हेयर डाई के रसायन शरीर में हॉर्मोन डिसबैलेंस पैदा कर सकते हैं। इससे थायरॉयड की समस्या, महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता और प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से यह समस्या है, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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लिवर व किडनी पर असर

केमिकल्स लगातार शरीर में जाने से लिवर और किडनी को उन्हें फिल्टर करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक यह बोझ इन अंगों की कार्यक्षमता को कम कर सकता है और लिवर डिजीज तथा किडनी डैमेज का खतरा बढ़ा सकता है। अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - बच्चे की गर्भनाल के खून व ऊतकों को जमा करके रखना क्यों जरूरी? समझें कॉर्ड ब्लड और कॉर्ड टिश्यू बैंकिंग के बारे में?