जोड़ों और स्किन से जुड़ी ये 5 बीमारियां भी सीधे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती हैं, इन लक्षणों को न करें इग्नोर

Heart attack caused by skin and joint disease: जोड़ों और स्किन को प्रभावित करने वाली कुछ ऑटोइम्यून डिजीज हार्ट को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक व अन्य हार्ट डिजीज होने का खतरा बढ़ सकता है।

Written by Mukesh Sharma | Updated : September 26, 2023 4:02 PM IST

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जोड़ों और स्किन रोगों से हार्ट अटैक (Heart Attack Caused By Joint And Skin Disease)

Disease that can lead to heart attack: हार्ट से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां गंभीर ही होती हैं, जो हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर जैसी स्थितियां पैदा कर सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब हार्ट से जुड़ी किसी बीमारी के कारण हार्ट ठीक से काम नहीं कर पाता है, तो उसके कारण हार्ट अटैक आने का खतरा उतना ही बढ़ जाता है। लेकिन सिर्फ हार्ट से जुड़ी बीमारियां ही नहीं बल्कि हार्ट अटैक शरीर की कई अन्य बीमारियों के कारण भी आ सकता है। शरीर में होने वाली कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं, जिनका हार्ट से लेना-देना भी नहीं है लेकिन फिर भी वे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती हैं। इनमें आमतौर पर कुछ जोड़ों में दर्द या स्किन से जुड़ी कुछ बीमारियां भी हैं, जो हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देती हैं। इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं और आप इस बीमारी से ग्रस्त हैं या फिर आपके परिवार में किसी को इनमें से कोई बीमारी है, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। चलिए जानते इन बीमारियों के बारे में।

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1. अर्थराइटिस (Risk Of Heart Attack In Arthritis)

जोड़ों में सूजन, लालिमा और दर्द की समस्या को मेडिकल भाषा में अर्थराइटिस कहा जाता है, जो न सिर्फ जोड़ों को ही प्रभावित करती है बल्कि शरीर के कई अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती है और इनमें हार्ट भी शामिल है। अर्थराइटिस के दौरान शरीर के अन्य हिस्सों में भी सूजन आ जाती है, जिस कारण से रक्त वाहिकाएं प्रभावित होने लग सकती हैं और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति का खतरा बढ़ सकता है। Also Read - Bone Death After Covid-19 : कोविड से ठीक होने के बाद हो रही हड्डियों से जुड़ी नयी बीमारी, जानें क्या है बोन डेथ और लक्षण

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2. रूमेटाइड अर्थराइटिस (Risk Of Heart Attack In Rheumatoid Arthritis)

अर्थराइटिस फाउंडेशन की वेबसाइट पर पब्लिश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों में हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी अन्य कोई बीमारी होने का खतरा दोगुना हो जाता है। इसलिए रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों को नियमित रूप से अपने हार्ट की जांच भी कराते रहना चाहिए। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि रूमेटाइड अर्थराइटिस होते ही हार्ट की बीमारियां होने लगती हैं।

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3. सोरायटिक अर्थराइटिस (Risk Of Heart Attack In Psoriatic Arthritis)

रूमेटाइड अर्थराइटिस की तरह ही सोरायटिक आर्थराइटिस में भी हार्ट से जुड़ी बीमारियां या हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रूमेटाइड अर्थराइटिस व सोरायटिक आर्थराइटिस दोनों ही ऑटोइम्यून डिजीज हैं और इनमें अंतर बस इतना है कि सोरायटिक आर्थराइटिस में इम्यून सिस्टम जोड़ों के साथ-साथ स्किन को भी नुकसान पहुंचाने लगता है। Also Read - रिसर्च में किया गया दावा, वेजिटेरियन डाइट लेने वालों को होता है इस खतरनाक बीमारी का खतरा

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4. गाउट (Risk Of Heart Attack In Gout)

गाउट जैसी गंभीर जोड़ों की बीमारियां भी हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती हैं। गाउट के दौरान जोड़ों दर्द, सूजन व लालिमा पैदा करने वाला क्रिस्टल शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकते हैं और जिससे गंभीर सूजन हो सकती है। यही कारण है कि कई बार शरीर के अंदर तेजी से बढ़ी हुई सूजन हार्ट को भी नुकसान पहुंचा देती है।

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5. ल्यूपस (Risk Of Heart Attack In Lupus)

हार्ट अटैक का खतरा ल्यूपस के मरीजों में भी बढ़ सकता है। ल्यूस फाउंडेशन ऑफ अमेरिका की वेबसाइट पर पब्लिश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार ल्यूपस से हार्ट अटैक या क्रोनिक आर्टरी डिजीज (CAD) होने का खतरा बढ़ सकता है। ल्यूपस के दौरान आई सूजन से भी ब्लड फ्लो प्रभावित हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। Also Read - Arthritis Causes : अर्थराइटिस स्टेज 4 में सर्जरी के बिना संभव नहीं है इलाज, जानें अर्थराइटिस के कारण, ट्रीटमेंट