डिमांडिंग दुनिया में ऐसे सिखाएं अपने बच्चे को खुलकर जीना, मेंटली स्ट्रांग बनने में करेगा मदद

Verified VERIFIED By: Dr. Malini Saba

Bacche Ko Khul Kar Jeena Kaise Sikhaye: अगर आपका बच्चा डर-डर कर जी रहा है और सोसाइटी की एक्सपेक्टेशन को पूरा न कर पाने के कारण परेशान हैं तो साइकोलोजिस्ट द्वारा बताई गई इन बातों को उन्हें जरूरी बताएं।

Written by Vidya Sharma | Updated : July 21, 2025 11:36 AM IST

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बच्चों को खुलकर जीना कैसे सिखाएं?

आज के समय में टीनेजर होना यानी किशोरावस्था और बहुत मुश्किल समय बन गया है, सरल शब्दों में कहें तो किशोरों को आज के समय में कठोर समय का सामना करना पड़ रहा है। कहीं से स्कूल के काम व नंबर्स के तनाव में हैं, तो दूसरी और सोशल मीडिया से उनके दिमाग पर विपरीत प्रभाव पड़ता जा रहा है। आज के समय में ज्यादातर किशोर यही समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके जीवन का लक्ष्य क्या है, उन्हें अपने जीवन में क्या करना है और इन्हीं चीजों के बारे में सोच-सोचकर वे बहुत ज्यादा चिंतित व तनावग्रस्त रहने लगते हैं। ऐसे में पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि उन्हें सही रास्ता दिखाए, उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उन्हें अच्छा महसूस कराएं। इसलिए आज हम आपको इस लेख में साइकोलोजिस्ट डॉक्टर मालिनी सबा की बताई पेरेंट्स को कुछ ऐसे ही टिप्स के बारे में बताने वाले हैं, जिससे आप अपने बच्चे को इस डिमांडिंग दुनिया में भी खुलकर जीना सिखा सकते हैं।

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एक बार में ही परफेक्ट बनाने की कोशिश न करें

पेरेंट्स को यह समझना होगा कि उनके बच्चे भले ही किशोरावस्था में हैं, लेकिन अभी भी वे चीजें सीख रहे हैं। उनसे पूरी तरह से परफेक्ट होने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए और ऐसा करना उनके आत्मविश्वास को भी ठेस पहुंचा सकता है। इसलिए उनका सिर्फ ध्यान रखें, समय पर समझाएं लेकिन उन्हें जबरदस्त परफेक्ट बनाने की कोशिश न करें। Also Read - सोते समय बच्चों को कहानियां सुनाने के हैं कई फायदे, दिमाग तेज करने के साथ मिलते हैं ये 5 लाभ

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छोटी-छोटी चीजें नोटिस करें

पेरेंट्स को कभी नहीं सोचना चाहिए कि उनका बच्चा कभी कुछ बड़ा नहीं कर पा रहा है। उनकी छोटी-छोटी बातों को नोटिस करें, आपको उनमें अनेक गुण दिखेंगे। अगर आप उनके उन छोटे-छोटी गुणों के साथ उनका साथ देंगे और उनका आत्मविश्वास बढ़ाएंगे तो यकीनन आगे जाकर आपका बच्चा भी कुछ बड़ा करके जरूर दिखाएगा।

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बार-बार मदद के लिए न दौड़ें

कोई भी पेरेंट्स इस दुनिया में नहीं होगा जो अपने बच्चे को परेशान देख कर उसकी मदद के लिए न दौड़े। लेकिन कई बार बच्चे को खुद अपनी समस्याओं का हल ढूंढने देना चाहिए। अगर आपका बच्चा किसी बात से परेशान है, तो भी उन्हें कुछ समय के लिए खुद इस बारे में सोचने दें और उसका हल निकालने दें। Also Read - 5 से 7 साल के बच्चों को जरूर सिखाएं ये 5 चीजें, हमेशा रहेंगे सुरक्षित अनुशासित और जिम्मेदार

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पहले खुद का फोन दूर रखें

आजकल के बच्चों के लिए फोन एक तरह के लत बन चुकी है और जब उनके पेरेंट्स उन्हें ज्यादा फोन यूज न करने को कहते हैं तो वे इस बात से चिढ़ भी जाते हैं। लेकिन अगर आप खुद फोन को दूर रख देंगे, तो वे धीरे-धीरे आपसे सीखने लगेंगे और उनका फोन से बाहर की दुनिया में धीरे-धीरे मन लगने लगेगा।

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धीरे-धीरे अच्छी चीजों की आदत डालें

पेरेंट्स को समझना होगा कि वे एक दिन में ही चिप्स खाना बंद करके हरी सब्जियां खाना शुरू नहीं कर देंगे। यह बदलाव धीरे-धीरे ही आएगा। उनके मूड का ध्यान रखें अगर वे अच्छे मूड में हैं, तो उनके साथ मिलकर अच्छा खाना खाएं, थोड़ा वॉक पर जाएं और उसे पूरी नींद लेने के फायदे बताएं। Also Read - बात-बात पर लड़ने लगता है आपका बच्चा? जानें ऐसे बच्चों से डील करने का सही तरीका