कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए? जानें जब यह बढ़ता है तो क्या होता है?

Verified VERIFIED By: Dr. Anshu Kabra

Cholesterol Normal Range: कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ है, जो शरीर की कोशिकाओं के लिए जरूरी होता है। यह लिवर द्वारा बनता है। इसका शरीर में सामान्य स्तर में होना जरूरी है, अन्यथा स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

Written by Anju Rawat | Updated : January 20, 2026 1:30 PM IST

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कोलेस्ट्रॉल नार्मल कितना होना चाहिए?- Cholesterol Kitna Hona Chahiye

नारायणा हेल्थ में कार्डियोलॉजी-एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अंशु काबरा बताते हैं, "पुरुषों में एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल 40 mg/dl और महिलाओं में 50 mg/dl होना चाहिए। वहीं, ट्राइग्लिसराइड्स का नॉर्मल स्तर 150 mg/dl से कम होना चाहिए।" आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल एक मोमी और वसा जैसा पदार्थ है, जो शरीर की सभी कोशिकाओं के लिए बहुत जरूरी होता है। कोलेस्ट्रॉल लिवर द्वारा बनता है और कुछ खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। जब शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, तो धमनियों में प्लाक जमा हो सकता है और इससे नसें संकरी और सख्त हो जाती हैं। इस स्थिति में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अगर गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है, तो यह स्थिति भी खतरनाक हो सकती है।

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हाई कोलेस्ट्रॉल कब बनती है खतरनाक?

अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि स्थिति खतरनाक है। सभी मामलों में हाई कोलेस्ट्रॉल को एमरजेंसी नहीं माना जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल कुछ ही स्थितियों में जानलेवा बनता है। अगर बैड कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा हाई और गुड कोलेस्ट्रॉल ज्यादा कम हो गया हो, तब स्थिति खतरनाक हो सकती है। वहीं, अगर धमनियों में प्लाक जमा हो जाते हैं और खून का बहाव अचानक से रुक जाता है, तो इस स्थिति को मेडिकल एमरजेंसी माना जाता है। Also Read - हाई कोलेस्ट्रॉल से हैं परेशान तो खाना शुरू कर दें ये 3 सब्जियां, हार्ट अटैक का खतरा होगा कम

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हाई कोलेस्ट्रॉल जानलेवा कैसे बनता है?

जब कोलेस्ट्रॉल का स्तर लंबे समय तक ज्यादा बना रहता है, तो कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक बनाता है। यह प्लाक धीरे-धीरे नसों को संकरा करता है और फट जाता है। इससे उस हिस्से में खून का थक्का बन जाता है। इस स्थिति में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति को आपातकालीन माना जाता है। यह स्थिति इसलिए भी खतरनाक है, क्योंकि शुरुआत में कोई लक्षण महसूस नहीं होता है। यह स्थिति अचानक से गंभीर बन जाती है।

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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर आपको कुछ लक्षण महसूस हो तो इन्हें बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ये संकेत आपको बीमारी की गंभीरता की ओर इशारा कर सकते हैं। सांस लेने में तकलीफ, सीने में तेज दर्द होना, पसीना आना, चक्कर और बेहोशी होना, उलझन महसूस होना, जबड़े में दर्द, बोलने में दिक्कत होना और चेहरे का एक हिस्सा सुन्न पड़ जाना आदि लक्षणों की अनदेखी न करें।  Also Read - सिर्फ ग्रीन टी ही नहीं ये 6 हेल्दी ड्रिंक्स पीने से भी धमनियों से साफ होने लगेगा कॉलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक का खतरा कम होगा

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किन लोगों को रहता है ज्यादा खतरा?

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को डायबिटीज रोगियों को धूम्रपान करने वाले लोगों को मोटे लोगों को पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को लंबे समय तक तनाव में रहने वाले लोगों को

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हाई कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

हाई कोलेस्ट्रॉल कई रोगों का कारण बन सकता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखने के लिए आपको 30 साल के बाद लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराना चाहिए। बैलेंस डाइट लें। डाइट में फाइबर और प्रोटीन जरूर शामिल करें। तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाकर रखें। रेगुलर एक्सरसाइज और वॉक करें। वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है। Also Read - हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है हार्ट अटैक का रिस्क, जानिए कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के लक्षण और बचाव