World Lung Day 2025: क्या सिर्फ धूम्रपान करने वाले लोगों को होता है लंग कैंसर, डॉक्टर बता रहे हैं सच्चाई

World Lung Day 2025: भारत जैसे देश में ज्यादातर लोग इस बात को मानते हैं कि लंग कैंसर सिर्फ सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू चबाने वाले व्यक्तियों को होता है, लेकिन क्या वाकई ऐसा ही है। क्या सिर्फ धूम्रपान करने वाले लोगों को होता है लंग कैंसर (Myth vs Fact Does Only Smoking Cause Lung Cancer), आइए जानते हैं इस बात में कितनी सच्चाई है।

Written by Ashu Kumar Das | Published : September 25, 2025 8:48 AM IST

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क्या सिर्फ धूम्रपान करने वालों को होता है लंग कैंसर?

लंग कैंसर (Lung Cancer) आज की दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है। लंग कैंसर सिर्फ व्यक्ति के फेफड़ों को प्रभावित नहीं करता है, बल्कि पूरे शरीर को अंदर से खोखला कर देता है। भारत जैसे विकासशील देश में आज भी 10 में से 7 लोग इस बात को मानते हैं कि लंग कैंसर सिर्फ धूम्रपान यानी की सिगरेट पीने वालों को ही होता है। लेकिन क्या यह सच है? आज 25 सितंबर को जब सारी दुनिया वर्ल्ड लंग डे (World Lung day 2025) मना रही है, तब हम इस बात की सच्चाई जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या बिना सिगरेट या तंबाकू का सेवन किए भी किसी को फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) हो सकता है?

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धूम्रपान और लंग कैंसर पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट

क्या लंग कैंसर सिर्फ धूम्रपान करने वाले लोगों को होता है, इस बात में कितनी सच्चाई है ये जानने के लिए हमने हरियाणा के सोनीपत स्थित एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल के डायरेक्टर और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. अरुण कुमार गोयल (Dr. Arun Kumar Goel, Chairman, Surgical Oncology, Andromeda Cancer Hospital, Sonipat) से बात की। डॉ. अरुण कुमार गोयल बताते हैं कि सिर्फ सिगरेट पीने या तंबाकू चबाने से लंग कैंसर होता है, यह सबसे बड़ा भ्रम है। स्मोकिंग से लंग कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ता है, लेकिन नॉन-स्मोकर्स (जो कभी तंबाकू या सिगरेट का सेवन नहीं करते) को भी लंग कैंसर हो सकता है। भारत में लगभग 10-20% लंग कैंसर मरीज नॉन-स्मोकर्स होते हैं।  Also Read - Real Life Story: कैंसर से लड़ीं, फिर दिल ने दिया धोखा… लेकिन इस नई तकनीक ने बदल दी जिंदगी

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धूम्रपान न करने वालों को क्यों होता है लंग कैंसर

डॉ. अरुण कुमार गोयल के अनुसार, लंग कैंसर सिर्फ सिगरेट के धुएं से नहीं होता है। बल्कि लंग कैंसर जैसी घातक बीमारी में एयर पॉल्यूशन, जेनेटिक्स और जीवनशैली जैसे कई कारक जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा जो लोग ऐसी जगह काम करते हैं जहां एस्बेस्टस, आर्सेनिक, डीजल धुआं या अन्य हानिकारक केमिकल्स का संपर्क ज्यादा लंबे समय तक रहता है, तो ऐसे लोगों को भी लंग कैंसर का खतरा कई गुणा ज्यादा होता है।

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धूम्रपान न करने वालों में लंग कैंसर क्यों है ज्यादा खतरनाक?

ऑन्कोलॉजी बताते हैं कि नॉन-स्मोकर्स जब लंग कैंसर के शिकार होते हैं, तो अक्सर उनकी बीमारी देर से पकड़ में आती है। इसका कारण है कि लोग मानते ही नहीं कि बिना धूम्रपान किए भी लंग कैंसर हो सकता है। नतीजा यह होता है कि मरीज इलाज के लिए तब पहुंचते हैं जब बीमारी एडवांस स्टेज पर होती है। इसलिए नॉन-स्मोकर्स में लंग कैंसर का इलाज ज्यादा खतरनाक हो जाता है। Also Read - चेहरे पर पिगमेंटेशन क्यों हो जाती है? 3 नुस्खे दिलाएंगे झाइयों से छुटकारा

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लंग कैंसर के लक्षण क्या हैं?

लंग कैंसर के लक्षण लगातार खांसी आना या खांसी का लंबे समय तक ठीक न होना खून वाली खांसी सांस लेने में तकलीफ वजन का अचानक कम होना शारीरिक थकान और कमजोरी

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लंग कैंसर से बचाव के उपाय

लंग कैंसर से बचाव के लिए सबसे पहले धूम्रपान को छोड़कर जरूरी है। चाहे सिगरेट हो या तंबाकू का कोई और रूप हो, लंग कैंसर से बचाव के लिए इसे तुरंत छोड़ दें। स्मोकिंग करने वाले लोगों के आसपास ज्यादा समय न बिताएं। हरी सब्जियां, फल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार का सेवन करें। अगर आपकी फैमिली में किसी को लंग कैंसर या किसी अन्य प्रकार का कैंसर है, तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें और समय-समय पर मेडिकल टेस्ट भी करवाएं।  Also Read - भारत में अभी भी कई बच्चे कैंसर अस्पताल देर से क्यों पहुंचते हैं? कैसे थोड़ी जागरूकता बच्चे की जान बचा सकती है