Treatment of Corona for children: अचानक से बदल गए छोटे बच्‍चों में कोरोना के लक्षण, पेट दर्द, रैशेज और तेज बुखार दिखें तो तुरंत कराएं जांच

आज हम आपको कोरोना के उन लक्षणों के बारे में बता रहे हैं जो आजकल बच्चों (COVID-19 symptoms in kids) में दिख रहे हैं। इनके दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

Written by Rashmi Upadhyay | Published : May 11, 2021 2:39 PM IST

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बच्‍चों में कोरोना के लक्षण (Symptoms Of Corona In Kids In Hindi)

कोरोना की दूसरी लहर जितनी युवाओं और बुजुर्गों के लिए खतरनाक है उतनी ही बच्‍चों के लिए भी है। बाल विशेषज्ञों का कहना है कि 5-6 महीने के बच्‍चे भी कोरोना के शिकार हो रहे हैं। हालांकि बच्‍चे युवाओं की तुलना में वायरस से जल्‍दी रिकवर कर रहे हैं। ये बीमारी इसलिए भी खतरनाक है क्‍योंकि इसके लक्षण हर उम्र के व्‍यक्ति में अलग-अलग हैं और समय के साथ बदल रहे हैं। पहले बच्‍चों में कोरोना के लक्षण जहां बुखार और थकान के रूप में दिखते हैं अब वो पूरी तरह से बदल गए हैं। आज हम आपको कोरोना की दूसरी में बच्‍चों में कोरोना के लक्षण बता रहे हैं।

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बच्‍चों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉब्‍लम (Gastrointestinal Problems In Children In Hindi)

जब बच्‍चे कोरोना की चपेट में आ रहे हैं तो उन्‍हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉब्‍लम हो रही है। जैसे कि असामान्य रूप से पेट में दर्द होना, पेट के आसपास सूजन आना, भारीपन और पेट में ऐंठन होना। ये कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ बच्‍चों में भूख की कमी या खाने के लिए रुचि न होना जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं। यदि आपको बच्‍चे में इस तरह के लक्षण दिखें तो उनको कोरोना जांच जरूर कराएं।  Also Read - शरीर में पानी की कमी होने पर क्या लक्षण नजर आते हैं?

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बार-बार उल्‍टी होना और तेज बुखार (Frequent Vomiting And High Fever In Hindi)

दस्‍त लगना और उल्‍टी होना जैसे कोरोना के लक्षण सिर्फ उम्रदराज लोगों में ही नहीं बल्कि बच्‍चों में भी दिख रहे हैं। इसके अलावा कुछ बच्‍चों में ऐसे लक्षण भी देखे गए हैं जिसमें उन्‍हें सिर्फ ब्‍लोटिंग और मतली हो रही है। अगर आपको बच्‍चे में उल्‍टी के साथ तेज बुखार भी दिखे तो बच्‍चें को कोरोना टेस्‍ट जरूर करवाएं। जब बच्‍चे कोरोना संक्रमित होते हैं तो शरीर का तापमान 102 डिग्री तक पहुंच सकता है। बच्‍चे को बुखार के साथ बच्‍चे को शरीर में दर्द, कमजोरी और ठंड भी लग सकती है। बच्‍चों का बुखार अगर 2 से 3 दिन से बढ़कर 5 दिनों तक रहता है तो स्‍पेशलिस्‍ट से सलाह लें।

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रैशेज, खांसी, चक्‍कर आना और थकान (Rashes, Cough, Dizziness And Fatigue In Hindi)

कोरोना की चपेट में आने के बाद बच्‍चों में भी कोल्‍ड, खांसी, चक्‍कर आना और थकान जैसे लक्षण दिखते हैं। हालांकि खांसी और कोल्‍ड बच्‍चे के श्‍वसन तंत्र में इंफेक्‍शन या बदलते मौसम का भी लक्षण हो सकता है। इसके अलावा बच्‍चों में एनर्जी की कमी, नींद की कमी, चक्‍कर आना और जी मचलना भी इस बात का संकेत हो सकता है कि संक्रमण शरीर में घुस गया है और हमारा इम्‍युन सिस्‍टम उसका मुकाबला नहीं कर पा रहा है। इसके अलावा स्किन में रैशेज आना भी कोरोना का एक लक्षण हो सकता है। कुछ बच्‍चों में बिहेवियर इश्‍यू जैसे कि मूडी होना या बात-बात पर रोना जैसे लक्षण भी देखे गए हैं।  Also Read - ज्यादा नमक बच्चों की किडनी कर रही हैं खराब, डॉक्टर से समझें कैसे रखें उन्हें सुरक्षित

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बच्‍चों के लिए क्‍या है कोरोना का इलाज (What Is The Treatment Of Corona For Children In Hindi)

डॉक्‍टर्स कहते हैं कि बच्‍चों में कोरोना के लक्षण बहुत हल्‍के दिखते हैं जिनका इलाज घर पर ही किया जा सकता है। बच्‍चों में कोरोना के लक्षण दिखते ही उन्‍हें आइसोलेट रख दें और उनके खानपान का खास ध्‍यान दें। बच्‍चे बोर न हो इसलिए उनके साथ आप ऑनलाइन गेम खेल सकते हैं या दूर से बैठकर मास्‍क पहनकर बातें कर सकते हैं। डॉक्‍टर कहते हैं कि ज्‍यादातर मामलों में बच्‍चों को डॉक्‍टर या दवाओं की जरूरत नहीं होती है। लेकिन हां, अगर लक्षण गंभीर हैं तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। अपनी मर्जी से बच्‍चों को दवा न दें।