मच्छरों का काटना 1 नहीं बल्कि इन 5 बीमारियों का बन सकता है कारण! इन लक्षणों से पहचानें आप भी हुए शिकार

Monsoon Diseases in hindi : मानसून में आपकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है। इसलिए मच्छर, कीड़े, बैक्टीरिया, वायरस और फंगल मानसून में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली चीजों में शामिल होते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : July 14, 2022, 12:44 PM

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मच्छरों का काटना इन 5 बीमारियों का कारण!

Monsoon Diseases in hindi : तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत दिलाने का काम करता है मानसून, यही कारण है कि लोग मानसून को पसंद करते हैं। मानसून में बारिश में भीगना और चाय-पकौड़ा मजा लेना अपने आप में ही किसी संतुष्टि से कम नहीं है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं क्योंकि मानसून अपने साथ कई बीमारियां (Monsoon Diseases)लेकर आता है, जिनसे पार पाना बहुत से लोगों के लिए मुश्किल होता है। इन बीमारियों के फैलना का खतरा जितना ज्यादा होता है उतना ही मानसून में आपकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है। इसलिए मच्छर, कीड़े, बैक्टीरिया, वायरस और फंगल मानसून में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली चीजों में शामिल होते हैं। मानसून, मच्छरों और कीड़ों के लिए प्रजनन का सबसे अच्छा समय होता है, जो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। आइए जानते हैं मानसून में होने वाली ऐसी 5 परेशानियों (Monsoon Diseases in hindi) के बारे में, जिनके प्रति आपको सावधान रहने की जरूरत है।

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1-डेंगू (Dengue In Hindi)

डेंगू, मानसून में होने वाली बीमारियों में से सबसे ज्यादा आम है। इसके लक्षण हैं बुखार, लो प्लेटलेट काउंट, रैशेज और तेज झनझनाहट आदि। खुद को सुरक्षित रखने के लिए आपको अपने शरीर पर मच्छरों से बचाने वाली क्रीम और सिटरोनेला जैसे पौधों को लगाने की जरूरत होती है। इसके अलावा आपको पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए, जो पूरे शरीर को ढक सके।  Also Read - बालों की डेंसिटी कम होने का क्या कारण होता है?

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2-चिकनगुनिया (chikungunya In Hindi)

चिकनगुनिया आमतौर पर मच्छरों से होने वाली स्वास्थ्य समस्या है, जो रुके हुए पानी में पैदा होते हैं। एयर कंडीशनर, कूलर, पौधों, पानी के पाइप जैसी जगहों पर ये पानी रुक जाता है, जो कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। चिकनगुनिया का सबसे आम लक्षण है बुखार और जोड़ों में दर्द। इस बात का ख्याल रखें कि कहीं भी पानी जमा न होनें और उसमें कीटनाशकों का प्रयोग करें।

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3-मलेरिया (Malaria In Hindi)

मलेरिया, मानसून के दौरान होने वाली एक और आम बीमारी है। बुखार, कंपकंपी, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। मलेरिया को रोकने के लिए आपको अपने आस-पास सफाई रखनी होगी और ये सुनिश्चित करना होगा कि कहीं भी पानी जमा न होने दें।  Also Read - रात को सोते समय करें ये 5 योगासन, आएगी अच्छी नींद और मूड रहेगा बेहतर

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4-टाइफाइड (Thypoid In Hindi)

दूषित पानी से होने वाला टाइफाइड भी खराब साफ-सफाई की वजह से होता है। दूषित पानी और फूड्स के सेवन के साथ-साथ साफ-सफाई की कमी टाइफाइड का कारण बन सकती है। बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, दर्द और गले में खराश इस बीमारी के लक्षण हैं। आप इस बीमारी से बचने के लिए स्ट्रीट फूड्स को खाने से बचें और हेल्दी ड्रिंक्स का ही सेवन करें, जो आपको सेफ रखेंगे।

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5-वायरल फीवर (Viral Fever In Hindi)

मानसून ही नहीं बल्कि वायरल फीवर आपको पूरे साल हो सकता है। तेज बुखार, सर्दी और खांसी इसके कुछ लक्षण हैं। मानसून के दौरान वायरल फीवर 3 से 7 दिन रहता है और आपको इसमें डॉक्टर को दिखाने की जरूरत होती है।  Also Read - HIV और लिवर कैंसर से जूझ रहे मरीज को मिला नया जीवन, सफल हुआ लिवर ट्रांसप्लांट

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